प्रेग्नेंसी के समय एक हेल्दी बच्चे के लिए जरूरी होता है कि महिलाएं अपनी डाइट में जरूरी पोषण को शामिल करें। प्रेग्नेंट महिलाओं को अक्सर यह कहा जाता है कि उनको दो लोगों का खाना खाना चाहिए। वहीं इमोशनल, हार्मोनल बदलाव और शारीरिक बदलावों की वजह से प्रेग्नेंट महिलाएं ज्यादा खाने भी लगती हैं। जिस कारण इस दौरान उनका वेट बढ़ जाता है। प्रेग्नेंसी में बढ़ता वेट न सिर्फ महिला की सेहत बल्कि बच्चे की सेहत और डिलीवरी के लिए भी सही नहीं माना जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी में ओवरईटिंग से बचने के लिए क्या करना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में ओवरईटिंग से बचने के टिप्स
एक स्टडी के मुताबिक प्रेग्नेंसी में खाने पर कंट्रोल न करना एंग्जायटी और तनाव को बढ़ाता है। वहीं यह वेट बढ़ने का भी कारण बन सकता है।
प्रेग्नेंसी में क्रेविंग्स, परिवार का प्रेशर या हार्मोनल बदलाव की वजह से महिलाएं ज्यादा खा लेती हैं। ऐसे में प्रेग्नेंसी में ओवरईटिंग से वेट बढ़ जाता है। इससे हाई बीपी, जस्टेशनल डायबिटीज, एसिडिटी और डिलीवरी के समय जोखिम बढ़ जाता है। इन जोखिमों को कम करने के लिए और ओवरईटिंग से बचने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकती हैं।
इस मिथक से बचें
प्रेग्नेंसी की शुरूआत में गर्भ में पलने वाले बच्चे का आकार एक छोटे बीज या फल के समान होता है। इसलिए उसको अपने लिए भोजन की जरूरत नहीं होती है। आप जो खाती हैं, उससे बच्चे को पोषण मिलता है। प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही तक आप नॉर्मल कैलोरी ले सकती हैं। दूसरी और तीसरी तिमाही में ज्यादा कैलोरी इनटेक लेना चाहिए। हालांकि इसके लिए बहुत खाने की जरूरत नहीं है। भोजन में सिर्फ 300 से 450 ज्यादा कैलोरी सही है।
दिन में 5-6 छोटे मील लेने चाहिए
अगर दिन में एक बार ही पेट भर के खाना खाएंगी, तो गर्भाशय का पेट पर दबाव पड़ेगा। जिस कारण आपको एसिडिटी, ब्लोटिंग और भारीपन महसूस हो सकता है। इसलिए इसकी जगह दिनभर के भोजन को 5-6 छोटे-छोटे मील में बांट लें। हर 2 से 3 घंटे में कुछ हल्का और पौष्टिक खाएं। इससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहेगा और अचानक तेज भूख का एहसास भी नहीं होगा।
डाइट में प्रोटीन और फाइबर की बढ़ाएं
फाइबर और प्रोटीन पचने में थोड़ा समय लेते हैं, इससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। प्रोटीन के लिए थाली में दही, उबला अंडा, पनीर, अंकुरित अनाज, दालें और टोंड मिल्क डाइट में शामिल करें। वहीं फाइबर के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, ओट्स और मौसमी फल खाएं।
असली भूख और क्रेविंग में फर्क
प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलावों की वजह से तीखा, मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। इस दौरान जब भी कुछ खाने का मन करे, तो 1 गिलास पानी या नारियल पानी पीकर 10 मिनट रुकें। कई बार शरीर डिहाइड्रेशन को भूख समझ लेता है। इसके बाद भी अगर खाने की इच्छा हो, तो भुना चना या मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स खाएं।
प्रोसेस-फूड और सिर्फ कैलोरी से बचना चाहिए
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक्स, समोसे, मिठाइयां, पिज्जा, बिस्कुट और पैकेटबंद जूस पोषण नहीं होता है। लेकिन इनमें कैलोरी बहुत होती है। इन चीजों के सेवन से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और फिर अचानक लो होता है। इस वजह से आपको थोड़ी देर बाद फिर से भूख लगने लगती है। इसलिए आप प्रोसेस फूड्स या खाली कैलोरी की बजाय घर का हेल्दी और ताजा खाना खाएं।
माइंडफुल ईटिंग
खाना खाते समय माइंडफुल ईटिंग अपनाना चाहिए। खाना खाते समय मोबाइल चलाना, टीवी देखना या किसी एंग्जायटी में रहना ओवरईटिंग की सबसे बड़ी वजह हो सकती है। जब आप बिना ध्यान दिए खाते हैं, तो दिमाग को पेट भरने का सिग्नल देर से मिलता है। इसलिए आराम से बैठकर चबा-चबाकर खाना खाएं। वहीं खाना खत्म करने में कम से कम 15 से 20 मिनट का समय लें।
पर्याप्त नींद है जरूरी
नींद की कमी और तनाव शरीर में कोर्टिसोल और घ्रेलिन जैसे हार्मोन्स को बढ़ा देता है। जोकि भूख को ज्यादा बढ़ाते हैं। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेना जरूरी है। सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल न करें। इसकी जगह पर मेडिटेशन, हल्का संगीत या डॉक्टर की सलाह पर वॉक करें।
एक रिसर्च स्टडी के मुताबिक नींद की समस्याओं और बिंज ईटिंग के बीच कनेक्शन है। नींद की कमी होने और ज्यादा खाने की आदत मिलकर एक हानिकारक हार्मोनल और मेटाबॉलिक चक्र पैदा कर सकता है। जिसका हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
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सावन का महीना व्रत-त्योहारों से भरा हुआ है। हरियाली तीज से लेकर रक्षाबंधन पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। राखी का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस खास पर्व के लिए लोग पहले से ही तैयारी करते हैं। इस दिन हर कोई अपनी फेवरेट ड्रेस पहनने के लिए फिट और कॉन्फिडेंट दिखना चाहता हैं।
ऐसे में आप भी वजन कम करने का प्लान जरुर बना रहे होंगे। हालांकि, अभी इतनी देर नहीं हुई है। वजन को कंट्रोल करने के लिए आपको जल्दबाजी में क्रैश डाइटिंग करने की जरुरत नहीं है। अब आप आज से ही डिनर में कुछ खास बदलाव करके अपना वजन 2 किलो तक कम कर सकते हैं। जानें कैसे? आइए आपको बताते हैं।
डिनर में सूप और सलाद लें
वजन को कम करने के लिए आपको हैवी डिनर नहीं लेना। इसकी जगह पर आप सूप और सलाद ले सकते हैं। यह शरीर के जरुरी न्यूट्रिएंट्स देता है और वजन भी आसानी से कम हो जाता है। आप मूंग दाल, टमाटर या सब्जियों और रागी के आटे से बनने वाले सूप को आप डिनर का हिस्सा बना सकते हैं। चाहें तो आप सब्जियों को सॉथे कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि वेट लॉस के लिए डिनर में कार्ब्स को कम से कम लेना चाहिए। इसके अलावा, ओट्स, दलिया या खिचड़ी खा सकती हैं।
डिनर जल्दी करें
अक्सर वेट लॉस जर्नी के दौरान कहा जाता है डिनर जल्दी करना काफी जरुरी है। यदि व्यक्ति मोटापे से परेशान हैं या वजन कम करने की सोच रहा है, तो उसे डिनर शाम को 7 बजे तक कर लेना चाहिए और इसके बाद अगली सुबह नाश्ते तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए। आप डिनर के लिए एक निश्चित समय तक कर सकते हैं और रोजाना उसी समय पर डिनर करें। इसलिए रात के समय खाने और अगली सुबह के नाश्ते के बीच 12 घंटे का गेप जरुर रखें।
मीठे को अवॉइड करें
वेट लॉस जर्नी के लिए आप डिनर में या फिर डिनर के बाद भूलकर भी मीठा नहीं खाना चाहिए। कुछ लोगों की आदत होती है डिनर के बाद मीठा जरुर खाते हैं। इसलिए कुछ मीठा न खाएं, क्योंकि यह आपके मोटापे के लिए जिम्मेदार हो सकता है। डिनर से मीठे को पूरी तरह हटा दें। यदि आप 2 हफ्तों के लिए मीठा पूरी तरह छोड़ दे, तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
डिनर के बाद दालचीनी और सौंफ का पानी पिएं
रक्षाबंधन से पहले वजन कम करने की कोशिश करना चाहती है, तो डिनर के बाद पानी में सौंफ, अदरक और दालचीनी उबालकर पिएं। यह आपका फैट तेजी से बर्न होता है। खासकर बेली फैट कम करने में यह ड्रिंक बेहद कमाल की है।
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