Odisha CM Mohan Majhi बोले: स्वामी लक्ष्मणानंद हत्याकांड में हर हाल में मिलेगा न्याय
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा कि विहिप नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के ‘‘खून की हर एक बूंद के लिए न्याय किया जाएगा।’’ इसके साथ ही, उन्होंने स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की जांच से जुड़ी फाइलें सचिवालय से गायब होने के लिए पिछली बीजद सरकार को जिम्मेदार ठहराया। स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की 2008 में हत्या कर दी गयी थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की ‘‘विफलता, लापरवाही और तुष्टीकरण की राजनीति’’ के कारण फाइलें गायब हुईं, क्योंकि तत्कालीन सरकार दोषियों को बचाना चाहती थी।
हालांकि, बीजू जनता दल (बीजद) ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी राज्य की गठबंधन सरकार का हिस्सा थी। कंधमाल जिले के जलेसपेटा आश्रम में जन्माष्टमी समारोह के दौरान 23 अगस्त 2008 को स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके चार सहयोगियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में 40 लोगों की मौत हो गई थी। एक विशेष अदालत ने पिछले मंगलवार को स्वामी लक्ष्मणानंद और उनके चार शिष्यों की हत्या के मुख्य आरोपी माओवादी नेता दुन्ना केसावा राव को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
अंगुल जिले में विहिप नेता की 100वीं जयंती पर आयोजित एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की विफलता, लापरवाही और तुष्टीकरण की राजनीति की आलोचना की। माझी ने कहा कि हत्या की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति महापात्रा आयोग और न्यायमूर्ति नायडू आयोग की रिपोर्ट और फाइलें दोषियों को बचाने की सोची-समझी साजिश’’ के तहत राज्य सचिवालय लोक सेवा भवन से गायब कर दी गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस मंच से, मैं ओडिशा के साढ़े चार करोड़ लोगों को आश्वासन देता हूं कि स्वामी जी के खून की हर एक बूंद के लिए न्याय किया जाएगा और सच्चाई सामने लाई जाएगी।’’ मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जन्मस्थान, गुर्जांग को विरासत गांव के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि गुर्जांग पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा।
ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाधी ने स्वामी लक्ष्मणानंद के आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान को याद किया और युवाओं से उनके रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान, ढेंकानाल के सांसद रुद्र नारायण पाणि, कंधमाल के सांसद सुकांत पाणिग्रही और कई विधायक उपस्थित थे।
Ranchi में JSSC परीक्षा विवाद पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प
झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश की तथा उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म्स मंच के बैनर तले छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार पर अभ्यर्थियों को धोखा देने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने 11वीं से 13वीं जेएसएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल के जरिए की गयी नियुक्तियों को रद्द करने वाली कुछ अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने के लिए अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्र हुए। जब पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो झड़प हो गई... झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद थे।’’ हजारीबाग और गिरिडीह से भी इसी तरह की झड़पों की सूचना मिली है जहां झामुमो कार्यकर्ताओं और सोरेन का पुतला जलाने की कोशिश कर रहे छात्रों के बीच झड़पें हुईं।
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