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#shorts:'राहुल गांधी जंतर मंतर को सपोर्ट कर रहे थे झारखंड को नहीं' | Rahul Gandhi | Protest

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Supreme Court जज Justice Nagarathna ने उद्योग की परिभाषा पर पुनर्विचार संदर्भ को गलत बताया

उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना ने उद्योग शब्द की श्रमिक अनुकूल और व्यापक व्याख्या करने वाले 1978 के ऐतिहासिक फैसले पर पुनर्विचार के लिए नौ न्यायाधीशों की पीठ को भेजे गए संदर्भ को गलत धारणा पर आधारित और अनावश्यक करार दिया है। उन्होंने 1991 के बाद अर्थव्यवस्था के उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण को ध्यान में रखते हुए श्रम अदालतों, औद्योगिक न्यायाधिकरणों, उच्च न्यायालयों और शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित मामलों पर 1978 के फैसले और उद्योग’ शब्द की इसकी श्रमिक-अनुकूल व्याख्या को लागू रहने देने की पुरजोर वकालत की। यह असहमति न्यायमूर्ति नागरत्ना ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ न्यायाधीशों की पीठ को भेजे गए संदर्भ पर शुक्रवार को वेबसाइट पर अपलोड किए गए अपने अलग 157 पन्नों के फैसले में व्यक्त की।

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को 6:3 के बहुमत से कहा कि 1978 के अपने फैसले में दी गई श्रम हितैषी और व्यापक ‘उद्योग’ की परिको औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की व्याख्या के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने बहुमत के फैसले में यह भी कहा कि ‘उद्योग’ की परिसे संबंधित 1978 के सात सदस्यीय पीठ के फैसले पर पुनर्विचार के लिए भेजा गया संदर्भ वैध था। सात सदस्यीय पीठ ने 21 फरवरी, 1978 को बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड की याचिका पर फैसला सुनाते हुए ‘उद्योग’ शब्द की परिका विस्तार किया था।

इसके तहत अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, क्लब और सरकारी कल्याण विभागों के लाखों कर्मचारियों को औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के संरक्षण के दायरे में लाया गया था। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने अलग-अलग फैसले लिखे और मोटे तौर पर प्रधान न्यायाधीश के बहुमत के फैसले से सहमति जताई। दोनों न्यायाधीशों ने कहा कि ‘उद्योग’ की परिसे संबंधित 1978 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए भेजा गया संदर्भ वैध था।

न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां ने खासकर नौ सदस्यीय पीठ के समक्ष भेजे गए संदर्भ की सुनवाई योग्य होने के मुद्दे पर बहुमत के फैसले से असहमति जताई। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि 1978 का फैसला सही था और उस पर पुनर्विचार की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने लिखा, मैंने यह भी कहा है कि इस न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की पीठ द्वारा भेजा गया संदर्भ... अनावश्यक था।

बहरहाल, मैंने बैंगलोर जल आपूर्ति मामले में इस न्यायालय के फैसले का विश्लेषण किया है और यह निष्कर्ष निकाला है कि इसमें किसी भी हस्तक्षेप या संशोधन की आवश्यकता नहीं है। संदर्भ का उत्तर देने की आवश्यकता क्यों नहीं है, इसके कारणों को संक्षेप में बताते हुए उन्होंने कहा कि औद्योगिक विवाद (आईडी) अधिनियम, 1947 को 21 नवंबर, 2025 से निरस्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि 21 नवंबर, 2025 को औद्योगिक संबंध (आईआर) संहिता, 2020 के रूप में एक नया कानून लागू किया गया, जिसमें उद्योग की एक नई परिशामिल है।

उन्होंने कहा कि बैंगलोर जल आपूर्ति मामले में सात न्यायाधीशों की पीठ का फैसला लगभग आधी सदी यानी 48 वर्षों से प्रभावी रहा है। उन्होंने कहा, जब 1978 में बैंगलोर जल आपूर्ति मामले में इस न्यायालय की सात न्यायाधीशों की पीठ का फैसला आया था, तब ऐसी अनगिनत गतिविधियां थीं जिन्हें स्वयं राज्य द्वारा शुरू किया गया था। न्यायाधीश ने कहा, हालांकि, उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के रूप में 1991 के सुधारों के चलते केंद्र और राज्य सरकारों की नीति में पूरी तरह से बदलाव आया, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की कई गतिविधियों का अब निजीकरण, उदारीकरण या वैश्वीकरण हो गया है।

उन्होंने कहा कि नियोक्ताओं, कामगारों और औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था के हित में है कि 1947 के आईडी अधिनियम के तहत उद्योग की परिभाषा, जैसा कि 1978 में व्याख्या की गई थी, लंबित मामलों पर लागू होती रहे।

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  Sports

Hockey World Cup 2026: नीदरलैंड्स से 1-3 हारा भारत, सेमीफाइनल की राह मुश्किल; अब अर्जेंटीना से अहम मुकाबला

AI सारांश

  • नीदरलैंड्स ने भारत को 1-3 से हराकर पूल E में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
  • इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह बेहद मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी दौड़ से बाहर नहीं हुई है।
  • भारत को 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ अपना अगला मुकाबला जीतना होगा और पूल E के दूसरे मैच के नतीजे पर भी नजर रखनी होगी।

Hockey World Cup 2026: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे चरण के पूल E मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। एम्स्टेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने तीन क्वार्टर तक नीदरलैंड्स को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरी क्वार्टर में डच टीम ने लगातार दबाव बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

नीदरलैंड्स के लिए डुको टेल्जेनकैंप, जेप होडेमेकर्स और थिज्स वैन डैम ने गोल किए। भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एकमात्र गोल किया। इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है।

तीन क्वार्टर तक भारत ने दिया कड़ा मुकाबला
मुकाबले की शुरुआत में भारतीय टीम ने आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। भारत ने गेंद पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश की और नीदरलैंड्स के सर्कल में भी पहुंच बनाई।

हालांकि, भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या मौकों को गोल में बदलने की रही। नीदरलैंड्स के डिफेंस ने भारतीय हमलों को रोकने में शानदार काम किया।

पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड्स ने बढ़त हासिल की और इसके बाद मुकाबले की दिशा धीरे-धीरे बदल गई।

आखिरी क्वार्टर में बिखरा भारत का डिफेंस
नीदरलैंड्स ने तीसरे क्वार्टर के बाद भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। डच टीम ने तेज पासिंग और आक्रमण के जरिए भारतीय खिलाड़ियों को पीछे धकेला।

भारत ने वापसी की कोशिश की और हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर मुकाबले में उम्मीद जगाई, लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने फिर आक्रामक रुख अपनाया।

निर्णायक मौकों पर डच टीम की फिनिशिंग भारत से बेहतर रही। आखिरी क्वार्टर में दो और गोल कर नीदरलैंड्स ने 3-1 की बढ़त हासिल कर ली और अंत तक इसे बरकरार रखा।

हरमनप्रीत सिंह ने दागा भारत का एकमात्र गोल
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मुकाबले में भारत का एकमात्र गोल किया। हालांकि, मैच के दौरान उनकी फिटनेस को लेकर भी चिंता देखने को मिली।

हरमनप्रीत भारतीय टीम के पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ होने के साथ-साथ आक्रमण को दिशा देने वाले अहम खिलाड़ी हैं। ऐसे में अर्जेंटीना के खिलाफ अगले मुकाबले में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।

भारत की सेमीफाइनल उम्मीदें अभी खत्म नहीं
नीदरलैंड्स से हार के बाद भारत की स्थिति जरूर मुश्किल हो गई है, लेकिन सेमीफाइनल का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 2026 हॉकी वर्ल्ड कप में पारंपरिक क्वार्टर फाइनल चरण को हटा दिया गया है। पहले चरण के बाद टीमों को नए पूल में बांटा गया है और दूसरे चरण के पूल E और F की शीर्ष दो-दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

भारत पूल E में नीदरलैंड्स, इंग्लैंड और अर्जेंटीना के साथ है। भारत और इंग्लैंड पहले चरण में एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं, इसलिए दूसरे चरण में भारत को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना से मुकाबला करना है। पहले चरण में इन टीमों के बीच हुए मुकाबले का परिणाम दूसरे चरण की गणना में शामिल रहता है।

Pool E Points Table: भारत की स्थिति

नीदरलैंड्स से हार के बाद पूल E में स्थिति इस तरह है:

टीम     मैच     जीत     ड्रॉ     हार     गोल अंतर     अंक
इंग्लैंड 1 1 0 0 +2 3
नीदरलैंड्स 1 1 0 0 +2 3
भारत   1 0 0 1 -2 0
अर्जेंटीना 1 0 0 1 -2 0

भारत के लिए क्या है सेमीफाइनल का समीकरण?
भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अर्जेंटीना को हराने की है। भारत और अर्जेंटीना के बीच मुकाबला 24 अगस्त को खेला जाएगा। उसी दिन नीदरलैंड्स और इंग्लैंड भी आमने-सामने होंगे।

भारत अगर अर्जेंटीना को हरा देता है तो उसके खाते में तीन अंक हो जाएंगे। इसके बाद नीदरलैंड्स और इंग्लैंड के मुकाबले का परिणाम तथा गोल अंतर बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इसलिए भारत के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि अच्छे गोल अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

इंग्लैंड-अर्जेंटीना मैच क्यों है अहम?
भारत की सेमीफाइनल की राह में 22 अगस्त को होने वाला इंग्लैंड-अर्जेंटीना मुकाबला भी महत्वपूर्ण है। इस मैच का परिणाम पूल E की तस्वीर बदल सकता है। हालांकि, भारत की स्थिति का सबसे बड़ा निर्धारण उसके अपने अगले मैच से होगा। अर्जेंटीना के खिलाफ जीत के बाद ही भारत के पास शीर्ष दो में पहुंचने की वास्तविक संभावना मजबूत होगी। इसलिए फिलहाल भारत के लिए समीकरण सीधा है- अर्जेंटीना को हराओ और फिर दूसरे नतीजों तथा गोल अंतर पर नजर रखो।

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता फिनिशिंग
नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत ने गेंद पर कब्जा रखने और मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन निर्णायक मौकों पर फिनिशिंग कमजोर रही। हॉकी जैसे तेज खेल में सिर्फ बॉल पजेशन पर्याप्त नहीं होता। सर्कल के अंदर सही निर्णय लेना और मिले मौकों को गोल में बदलना जरूरी है। नीदरलैंड्स ने इसी मामले में भारत पर बढ़त बनाई। डच टीम ने कम मौकों को भी बेहतर तरीके से भुनाया और मैच को अपने पक्ष में कर लिया।

डिफेंस को भी करना होगा बेहतर प्रदर्शन
भारत के लिए सिर्फ फिनिशिंग ही चिंता का विषय नहीं है। आखिरी क्वार्टर में डिफेंस पर बढ़ते दबाव ने भी टीम की मुश्किल बढ़ाई। नीदरलैंड्स ने लगातार हमले किए और भारतीय डिफेंस को गलतियां करने के लिए मजबूर किया। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ आखिरी क्वार्टर में अपनी संरचना और दबाव झेलने की क्षमता बेहतर करनी होगी।

अब अर्जेंटीना के खिलाफ अहम मुकाबला
भारत का अगला मुकाबला 24 अगस्त को अर्जेंटीना से होगा। यह मैच भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इस मुकाबले में जीत की तलाश होगी।

भारत के सामने अब चुनौती साफ है- अर्जेंटीना के खिलाफ जीत, बेहतर गोल अंतर और फिर पूल E के बाकी नतीजों पर नजर। नीदरलैंड्स के खिलाफ मिली हार ने भारत की मुश्किल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन सेमीफाइनल का दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है। अब भारतीय टीम की नजर अर्जेंटीना के खिलाफ वापसी पर होगी।

Sat, 22 Aug 2026 22:06:11 +0530

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