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पेटीएम के 1,686 करोड़ रुपए के अप्रयुक्त आईपीओ फंड से संचालन में अनुशासन का संकेत

मुंबई, 21 अगस्त (आईएएनएस)। आईपीओ आने के करीब पांच साल बाद भी पेटीएम के पास 1,686 करोड़ रुपए की आईपीओ राशि अप्रयुक्त है। अब कंपनी इन फंड के इस्तेमाल के अनुमत उद्देश्यों का दायरा बढ़ाने और इनके उपयोग की समयसीमा बढ़ाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है। यह पूंजी के इस्तेमाल को लेकर कंपनी के संतुलित दृष्टिकोण और परिचालन अनुशासन को दर्शाता है।

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस की 26वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के अनुसार, आईपीओ से मिले 2,000 करोड़ रुपए को मूल रूप से नए कारोबारी उपक्रमों, अधिग्रहण और रणनीतिक साझेदारियों में निवेश के लिए निर्धारित किया गया था। 20 जुलाई 2026 तक कंपनी 314 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी थी, जबकि 1,686 करोड़ रुपये अभी अप्रयुक्त हैं।

मोबाइल भुगतान कंपनी ने बताया कि इस अवधि के दौरान उसने मुख्य कारोबार में निवेश पर ध्यान केंद्रित किया। इसमें ग्राहक और मर्चेंट आधार बढ़ाना तथा पेमेंट्स और वित्तीय सेवाओं (जिसमें लेंडिंग, इंश्योरेंस और वेल्थ मैनेजमेंट शामिल हैं) के लिए तकनीक विकसित करना शामिल है।

कंपनी के अनुसार, इन कारोबारों ने ऑर्गेनिक निवेश के जरिए मजबूत गति और आकर्षक यूनिट इकोनॉमिक्स विकसित किए हैं।

कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 26 में हासिल की गई पूरे वित्त वर्ष की लाभप्रदता से इस रणनीति को मजबूती मिली है और आगे भी उसका मुख्य कारोबारी इकोसिस्टम निवेश के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र बना रहेगा।

अब पेटीएम ने प्रस्ताव दिया है कि बचे हुए 1,686 करोड़ रुपए में से एक हिस्से को इन मुख्य कारोबारी प्राथमिकताओं के लिए इस्तेमाल किया जाए। साथ ही, कुछ राशि का इस्तेमाल नए कारोबारी उपक्रमों, अधिग्रहण और रणनीतिक साझेदारियों के लिए जारी रखा जाएगा।

प्रस्तावित बदलाव से कंपनी को इन मौजूदा उद्देश्यों के बीच फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलेगी और अलग-अलग आवंटन बनाए रखने की जरूरत नहीं होगी। इसका उद्देश्य फंड को उत्पादक तरीके से इस्तेमाल करते हुए लगातार और लाभदायक विकास को समर्थन देना है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि पेटीएम फंड के इस्तेमाल के लिए कोई नया उद्देश्य नहीं जोड़ना चाहती। कंपनी ने कहा कि कुल राशि में कोई बदलाव नहीं होगा और जिन उद्देश्यों के लिए आईपीओ फंड जुटाया गया था, वे अभी भी उसके कारोबार के लिए प्रासंगिक हैं।

पेटीएम शेष राशि के इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त दो साल की समयसीमा, यानी मार्च 2029 तक, भी मांग रही है। कंपनी के अनुसार, बढ़ी हुई समयसीमा प्रबंधन को ऐसे अवसरों का लाभ उठाने में अधिक लचीलापन देगी, जो शेयरधारकों के मूल्य को अधिकतम कर सकें। प्रस्तावित बदलाव में आईपीओ प्रॉस्पेक्टस में बताए गए उद्देश्यों से अलग कोई नया उद्देश्य शामिल नहीं किया गया है।

पेटीएम को आईपीओ से 8,119.4 करोड़ रुपए की शुद्ध राशि प्राप्त हुई थी। 20 जुलाई 2026 तक 6,433.4 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया जा चुका था, जबकि 1,686 करोड़ रुपए बाकी थे।

इस प्रस्ताव के लिए शेयरधारकों की विशेष प्रस्ताव के जरिए मंजूरी जरूरी होगी। इस पर पेटीएम की 15 सितंबर 2026 को होने वाली एजीएम में विचार किया जाएगा।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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जंतर-मंतर पर एक बार ​फिर जुटे प्रदर्शनकारी, UGC के नए नियमों और आरक्षण के खिलाफ खोला मोर्चा

कॉकरोच जनता पार्टी के 45 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर से शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार है. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर, पोस्टर और भगवा  झंडे लेकर पहुंचे. यहां पर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए. 

नियमों में अब बदलाव की जरूरत

प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग रखी है. उनका कहना था कि आरक्षण का  लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है. कई प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण का आधार आर्थिक हालात को बनाने की डिमांड की. प्रदर्शन के वक्त कुछ लोगों ने SC/ST एक्ट का भारी विरोध किया. इसे वापस लेने की डिमांड रखी. उनका कहना था कि किसी भी कानून का दुरुपयोग किसी शख्स के खिलाफ नहीं होना चाहिए. सरकार को इसके दुरुपयोग को रोकने को लेकर जरूरी कदम उठाना होगा. आरक्षण के नियमों में बदलाव की आवश्यकता है. 

UGC इक्विटी नियमों को लेकर नारे लगाए

प्रदर्शनकारियों ने अब स्थगित किए गए UGC इक्विटी नियमों को लेकर नारे लगाए. सरकार से इस मुद्दे पर बदलाव को लेकर मांग की. प्रदर्शन में शामिल भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुधीर चौहान ने कहा कि यूजीसी के जो नए नियम सामने आए थे. उन्हें वापस लिया जाना चाहिए. इस तरह के नियम छात्रों के बीच भेदभाव के साथ द्वेष को बढ़ाते हैं. 

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इंग्लैंड ने तीसरे ही दिन पाकिस्तान को पारी और 103 रनों से रौंदा, जो रूट की कप्तानी का धमाकेदार आगाज

England thrash Pakistan: जो रूट ने इंग्लैंड के नियमित टेस्ट कप्तान के रूप में अपनी दूसरी पारी का धमाकेदार आगाज किया है. हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को महज तीन दिनों के भीतर पारी और 103 रनों से करारी शिकस्त दी. इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण के आगे पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और दूसरी पारी में मात्र 135 रनों पर ढेर हो गई. जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की घातक गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली है. Fri, 21 Aug 2026 20:55:59 +0530

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