अब बिना डिलीवरी फीस के अमेजन से गुजरात बोर्ड की किताबें मंगा सकते हैं छात्र, भूपेंद्र सरकार ने किया समझौता
गुजरात के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है. गुजरात स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल टेक्स्टबुक्स ने गुरुवार को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किया. इसका उद्देश्य छात्रों को स्कूल की पाठ्यपुस्तकें आसानी से, पारदर्शी तरीके से और समय पर उपलब्ध कराना है.
शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा की मौजूदगी में हुए इस समझौते के बाद छात्रों और अभिभावकों को किताबें खरीदने के लिए बुकस्टोर या अधिकृत विक्रेताओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. वे अमेजन के जरिए अपनी कक्षा और माध्यम के अनुसार जरूरी किताबें ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे.
‘एक क्लिक पर छात्रों तक किताबें’ का लक्ष्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘Books to Students with Just One Click’ है. इसके तहत गुजरात स्टेट बोर्ड द्वारा प्रकाशित विभिन्न कक्षाओं और माध्यमों की पाठ्यपुस्तकें अमेजन के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएंगी. सबसे खास बात यह है कि किताबें प्रिंटेड कीमत पर घर तक पहुंचाई जाएंगी और छात्रों या अभिभावकों से डिलीवरी चार्ज नहीं लिया जाएगा. राज्य सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जाने वाली किताबों के अलावा जिन छात्रों को अतिरिक्त पाठ्यपुस्तकों की जरूरत है, वे अब उन्हें ऑनलाइन खरीद सकेंगे.
निजी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
गुजरात स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल टेक्स्टबुक हर साल सेल्फ-फाइनेंस्ड स्कूलों के छात्रों के लिए करीब 1.5 करोड़ गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराता है. अभी तक इन किताबों की आपूर्ति अधिकृत वितरकों के माध्यम से विभिन्न जिलों के बुकसेलर्स तक की जाती थी. नई व्यवस्था के बाद अमेजन के व्यापक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल कर किताबों को छात्रों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी. इससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में दुकानों पर भीड़, लंबी कतार और किताबें खरीदने में लगने वाले समय की समस्या कम हो सकती है.
‘ईज ऑफ एजुकेशन’ की दिशा में कदम
शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने इस पहल को डिजिटल दौर में ‘ईज ऑफ एजुकेशन’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात मजबूत शिक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल 100 प्रतिशत नामांकन और स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना भी है.
अमेजन ने भी साझेदारी को बताया अहम
अमेजन इंडिया की बुक्स कैटेगिरी लीडर राशी बहादुर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच किसी छात्र की पढ़ाई और विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए. उन्होंने गुजरात सरकार के साथ साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे राज्य के लाखों छात्रों और शिक्षकों तक शैक्षणिक सामग्री को अधिक सुलभ और किफायती बनाने में मदद मिलेगी. इस MoU के जरिए गुजरात सरकार और अमेजन इंडिया के बीच शिक्षा सामग्री की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए एक नया डिजिटल चैनल तैयार हुआ है. इससे खासतौर पर निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को किताबें खरीदने की प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है.
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' में आने के लिए 25 हजार दे रही कांग्रेस, वीडियो शेयर कर BJP का दावा
वायरल वीडियो की बातचीत में 25 हजार रुपये देने की बात कही जाती है, जिसमें यात्रा का खर्च भी शामिल बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध बातचीत में राहुल गांधी, छात्रों की गूंज कार्यक्रम या कांग्रेस का स्पष्ट तौर पर नाम नहीं लिया गया है।
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