Hockey World Cup 2026: टीम इंडिया किसके साथ कब और कहां खेलेगी अपने अगले दो मैच, जानिए पूरा शेड्यूल
Hockey World Cup 2026 : भारतीय पुरुष हॉकी टीम वर्ल्ड कप 2026 में धमाल मचा रही है. टीम इंडिया ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के पहले राउंड को पार कर दूसरे राउंड में जगह बना ली है. भारत ने वेल्स और पाकिस्तान को हराकर दूसरे राउंड में स्थान पक्का किया है. वहीं पहले राउंड में उस इंग्लैंड से हार मिली थी. अब हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम दूसरे राउंड में किस टीम के खिलाफ कब और कहां मैच खेलने वाली है. आइए इसके बारे में हम आपको बताते हैं.
टीम इंडिया ने पूल डी में था. उन्होंने अपने पूल में दूसरे स्थान पर कब्जा किया था. अब अगर भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचना है तो, उसे दूसरे राउंड में शानदार प्रदर्शन करना होगा और अपने दोनों मुकाबले जीतने होंगे. उससे पहले दूसरे राउंड का शेड्यूल सामने आ चुका है. इसके मुताबिक भारत को 2 मुकाबले खेलने होंगे.
FROM HIGH INTENSITY TO RESET MODE ????
— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 21, 2026
What does it take to de-load and then re-load after a draining India vs Pakistan battle? Indian Men’s Team’s mental conditioning coach Paddy Upton breaks that down for us, on recovery and reset before the next challenge at the FIH Men's… pic.twitter.com/2A3fp4XI3P
अब कुल 8 टीमों के बीच होगी जंग
हॉकी विश्व कप 2026 में कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया था. पहले राउंड के बाद आठ टीमें बाहर हो गईं. अब आठ टीमों बची हुई हैं. जिनको दो ग्रुप में बांटा गया है. भारत को ग्रुप ई में रखा गया है. इस ग्रुप में भारत के अलावा इंग्लैंड, नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना हैं. वहीं ग्रुप एफ में ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्पेन और बेल्जियम को जगह मिली है. दुनिया की शीर्ष आठ रैंकिंग वाली सभी टीमें दूसरे राउंड में पहुंच चुकी हैं.
भारत का दूसरे राउंड का शेड्यूल
इस दूसरे राउंड में हर टीम केवल दो मुकाबले खेलेगी. ऐसे में भारत को भी 2 मुकाबले खेलने के लिए मिलेंगे. भारत का पहला मैच 22 अगस्त को नीदरलैंड्स के खिलाफ होगा. नीदरलैंड्स अब तक टूर्नामेंट में अजेय है, इसलिए यह मुकाबला भारत के लिए आसान नहीं होगा. इसके बाद भारतीय टीम 24 अगस्त को अर्जेंटीना से भिड़ेगी. भारत के दोनों मुकाबले वैगेनर स्टेडियम, एम्स्टलवेन में खेलें जाएंगे. नीदरलैंड्स के साथ पहला मैच भारतीय समायनुसार 7:30 बजे से खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला 6:15 से खेला जाएगा.
FASTEN YOUR SEAT BELTS! ????????????
— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 21, 2026
The Indian Men’s Team is set for crucial battles against the Netherlands and Argentina in Pool E as they continue their push for a place in the semifinals at the FIH Hockey World Cup 2026. ????????#HockeyIndia #IndiaKaGame #HWC2026 pic.twitter.com/6IkM7coDLx
| मैच | तारीख | समय (IST) | स्थान |
|---|---|---|---|
| नीदरलैंड्स बनाम भारत | 22 अगस्त 2026 | शाम 7:30 बजे | वैगेनर स्टेडियम, एम्स्टलवेन |
| अर्जेंटीना बनाम भारत | 24 अगस्त 2026 | शाम 6:15 बजे | वैगेनर स्टेडियम, एम्स्टलवेन |
भारत को ग्रुप की शीर्ष 2 टीमों में बनानी होगी जगह
भारत और इंग्लैंड के बीच पहले राउंड में खेला गया मुकाबला दूसरे राउंड में भी गिना जाएगा. इसलिए इंग्लैंड को उस जीत के तीन अंक मिल चुके हैं, जबकि भारत के खाते में उस मैच से कोई अंक नहीं आया. इसी तरह अर्जेंटीना को नीदरलैंड्स के खिलाफ पहले राउंड में मिली जीत के तीन अंक मिले हैं. ऐसे में दूसरे राउंड की शुरुआत से पहले ही ग्रुप ई में टीमों के बीच स्थिति काफी दिलचस्प हो गई है. ग्रुप ई में भारत, इंग्लैंड, नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना हैं. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इस ग्रुप की शीर्ष दो टीमों में जगह बनानी होगी.
अब तक कैसा रहा है भारत का प्रदर्शन
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने पहला मुकाबला वेल्स के साथ खेला था. इस मुकाबले में भारत ने 3-1 से जीत दर्ज की. इसके बाद भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ, जहां उसे 2-4 से हार मिली. पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी मैच भारत के लिए बेहद अहम था. भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया और अगले चरण का टिकट हासिल कर लिया.
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मुक्त व्यापार समझौते भारत के निर्यात और वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए बेहद महत्वपूर्ण: ब्लू स्टार के सीएमडी
मुंबई, 21 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर उद्योग जगत की उम्मीदों के बीच ब्लू स्टार लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (एमडी) तथा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष वीर एस. आडवाणी ने शुक्रवार को कहा कि मुक्त व्यापार समझौते भारत के निर्यात और वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में भू-राजनीतिक बदलाव लगातार होते रहेंगे और उद्योगों को इन चुनौतियों के बीच आगे बढ़ना होगा।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए वीर एस. आडवाणी ने कहा, एफटीए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हाल के समय में भारत ने कई मित्र देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देश भारतीय निर्यातकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार हैं। भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी जारी रहेंगे और समय-समय पर बदलाव आते रहेंगे।
भारत-अमेरिका संभावित व्यापार समझौते पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, इसलिए इसकी शर्तों और प्रभावों पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
आडवाणी ने आगे कहा, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की चर्चा जरूर चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समझौता हस्ताक्षरित नहीं हुआ है। इसलिए इसकी वास्तविक स्थिति क्या है, यह स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस बीच ईरान और पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट ने वैश्विक व्यापार के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाने की आशंका भी बनी हुई है, जिसका असर भारतीय निर्यात पर पड़ सकता है।
आडवाणी ने कहा, ईरान और पश्चिम एशिया संकट के कारण 100 प्रतिशत टैरिफ का खतरा पैदा हो गया है, जिसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखना होगा। हालांकि भारत सरकार अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि भारतीय निर्यात पर इसका असर न्यूनतम रहे।
मुंबई में आयोजित सीआईआई ग्लोबल ट्रेड सीनारियो के 7वें संस्करण को लेकर आडवाणी ने कहा कि यह कार्यक्रम वैश्विक व्यापार की बदलती परिस्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा, यह सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है। इसका यह सातवां संस्करण है और इसे हर वर्ष मुंबई में आयोजित किया जाता है क्योंकि महाराष्ट्र भारत का सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है। महाराष्ट्र और गुजरात दोनों पश्चिमी क्षेत्र में आते हैं और हम सीआईआई के पश्चिमी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार के मौजूदा माहौल में भारतीय उद्योगों के सामने अवसर और चुनौतियां दोनों मौजूद हैं, इसलिए ऐसे मंच सरकार, उद्योग और निर्यातकों के बीच संवाद को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
देश की लॉजिस्टिक्स और निर्यात क्षमताओं पर बात करते हुए आडवाणी ने आईएएनएस से कहा कि भारत को अपनी बंदरगाह क्षमता में बड़े पैमाने पर विस्तार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) एक अच्छा बंदरगाह है, लेकिन देश के विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा क्षमता पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा, जेएनपीए एक अच्छा पोर्ट है, लेकिन भारतीय निर्माताओं के लिए 10 मिलियन टीईयू की क्षमता पर्याप्त नहीं है। देश को इससे कहीं अधिक पोर्ट क्षमता की जरूरत है। हमें खुशी है कि वधावन पोर्ट विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना कई दशकों से विचाराधीन रही है और मेरा मानना है कि करीब 30 वर्ष पहले पहली बार इसकी घोषणा की गई थी।
वधावन पोर्ट परियोजना से जुड़े सवालों पर आडवाणी ने कहा कि किसी भी बड़े ग्रीनफील्ड पोर्ट प्रोजेक्ट में तकनीकी चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन सरकार ने परियोजना को अंतिम रूप देते समय विभिन्न पहलुओं पर विचार किया होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से भारत वैश्विक व्यापार की चुनौतियों का सामना करने और नए अवसरों का लाभ उठाने में सफल रहेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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