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Amit Shah का Congress पर हमला: Vande Mataram के पूरे गान से क्यों परहेज?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की कि उसने आज़ादी के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को पूरे दिल से नहीं अपनाया। 21 अगस्त को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, शाह ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तारीफ की, जिसमें लाल किले से 'वंदे मातरम' का पूरा गायन हुआ था। उन्होंने इस पल को अनोखा बताते हुए कहा कि 150 साल बाद और हमारी आज़ादी के 80वें साल में, देश और दुनिया ने लाल किले से 'वंदे मातरम' का पूरा गायन सुना।
 

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शाह ने इस गीत के महत्व पर ज़ोर देते हुए इसे बंकिम बाबू की एक अमर उत्कृष्ट रचना बताया, जिसने आज़ादी की लड़ाई को प्रेरित किया और आज़ाद भारत की सोच को आकार दिया। उन्होंने कहा कि इस एक गीत, इस एक साहित्यिक रचना के ज़रिए उन्होंने यह स्थापित किया कि आज़ाद भारत को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज़ादी और देश के बँटवारे के बाद भी 'वंदे मातरम' को कभी पूरे दिल से नहीं अपनाया गया।

गृह मंत्री ने 'राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026' को मज़बूत करने के फ़ैसले को ऐतिहासिक निर्णय भी बताया। यह कानून राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' में किसी भी तरह की बाधा डालने या उसका अपमान करने को अपराध बनाता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने संसद में एक बिल पेश किया और 'वंदे मातरम' के पूरे गायन को सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने का फ़ैसला किया; यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। मेरा मानना ​​है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि आने वाली पीढ़ियों हमारे बच्चों, किशोरों और युवाओं—तक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अमर संदेश पहुँचेगा।
 

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ये बातें वंदे मातरम के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद के दौरान कही गई हैं। कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने हाल ही में 1937 के एक प्रस्ताव का हवाला देते हुए घोषणा की कि पार्टी के कार्यक्रमों में इस गीत के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। 20 अगस्त को अमित शाह ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के 1937 के फैसले ने उन हालात को बनाने में भूमिका निभाई, जिनकी वजह से भारत का विभाजन हुआ।
 
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Odisha Floods: सुवर्णरेखा समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर घटा, छह जिलों में सुधरे हालात

ओडिशा के छह जिलों में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और पिछले 48 घंटों में भारी बारिश नहीं होने से सबसे अधिक प्रभावित बालासोर जिले की सुवर्णरेखा समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सुवर्णरेखा की बाढ़ से बालियापाल, भोगराई और जलेश्वर प्रखंड जलमग्न हो गए थे और करीब 2.1 लाख लोग प्रभावित हुए।

राजघाट में नदी का जलस्तर 9.75 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है। 20 अगस्त को जलस्तर 11.82 मीटर तक पहुंच गया था। उन्होंने बताया कि बालियापाल में करीब एक लाख, भोगराई में 70 हजार और जलेश्वर में 40 हजार लोग प्रभावित हुए।

जालका और बुधबलंगा नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान से नीचे आ गया है, हालांकि जिले के करीब 100 गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। अधिकारियों के अनुसार, 14 अगस्त से शुरू हुई बाढ़ की दूसरी लहर से छह जिलों में 13 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और करीब पांच लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जाजपुर, भद्रक, केंद्रापड़ा, मयूरभंज और क्योंझर में स्थिति स्थिर है, हालांकि बैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ने से केंद्रापड़ा और जाजपुर के कुछ हिस्सों में खतरा बना हुआ है।

जलभराव के कारण भद्रक और जाजपुर में शुक्रवार को शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक राज्य में पिछले 24 घंटों में औसतन 2.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 10.4 मिलीमीटर है। नयागढ़ में सर्वाधिक 35 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

आईएमडी ने शुक्रवार से तटीय और उत्तरी ओडिशा में छह दिनों तक बारिश का एक और दौर आने का पूर्वानुमान जताया है।

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4 भारतीय बल्लेबाज, जिन्होंने एक कैलेंडर ईयर में ठोक दिए सबसे ज्यादा शतक

5 Indian Batsman most Hundred in Calendar Year: इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में शतकों का अंबार लगाना बल्लेबाजों की असाधारण फॉर्म को दर्शाता है. भारतीय क्रिकेट में यह ऐतिहासिक कीर्तिमान सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने साल 1998 में यह महारिकॉर्ड अपने नाम किया था. इसके बेहद करीब विराट कोहली पहुंचे, जिन्होंने 2017 और 2018 में लगातार ढेरों शतक ठोके. इसके अलावा राहुल द्रविड़ ने 1999 में और रोहित शर्मा ने 2019 में 10-10 शतक जड़कर क्रिकेट इतिहास में अपनी खास जगह बनाई. Fri, 21 Aug 2026 17:55:07 +0530

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