CBSE Revaluation Row in SC: 1.68 लाख छात्रों की शिकायतों पर SC सख्त; केंद्र से सोमवार तक मांगा हलफनामा, 25 अगस्त को फैसला
सीबीएसई द्वारा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच के लिए लागू किए गए नए डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के बाद से देशभर के छात्रों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। अंकों में विसंगतियों, अनचेक्ड उत्तरों और री-इवैल्यूएशन पोर्टल के तकनीकी ग्लिच के चलते लाखों छात्रों का उच्च शिक्षण संस्थानों व राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में दाखिला अधर में लटक गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
1.68 लाख छात्रों की आपत्तियां और पोर्टल की समयसीमा पर सवाल
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को जानकारी दी कि छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक-एक सदस्यीय समिति गठित की गई थी और पोर्टल को एक सप्ताह के लिए खोला गया था, जिसमें 1.68 लाख छात्रों ने आवेदन किया। इसके जवाब में याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि प्रभावित छात्रों की तादाद बहुत बड़ी थी और केवल एक हफ्ते की अवधि बेहद कम थी।
कई ऐसे छात्र भी हैं जिन्होंने निर्धारित समय पर फीस देकर आवेदन किया, लेकिन उन्हें अब तक न तो उत्तर पुस्तिका की कॉपी मिली और न ही पुनर्मूल्यांकन का कोई परिणाम जारी हुआ।
ग्रेस मार्क्स देने से केंद्र का इनकार, प्रवेश परीक्षाओं के शेड्यूल का हवाला
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि 2026 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में ओएसएम विसंगतियों का सामना करने वाले छात्रों को ग्रेस मार्क्स देना संभव नहीं होगा। उन्होंने तर्क दिया कि आईआईटी और विश्वविद्यालयों की प्रवेश काउंसलिंग सीबीएसई नतीजों से जुड़ी होती है, इसलिए पूरी प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए नहीं खींचा जा सकता था।
हालांकि, पीठ ने सवाल उठाया कि जिन छात्रों को पोर्टल क्रैश या तकनीकी गड़बड़ी के कारण समय पर अवसर नहीं मिला, उनके अधिकारों का संरक्षण कैसे किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी प्रभावित छात्रों की विस्तृत लिस्ट, सोमवार तक हलफनामे का आदेश
चीफ जस्टिस की पीठ ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए याचिकाकर्ता को एक विस्तृत तालिका के साथ रिजॉइंडर दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें दो श्रेणियों का ब्योरा मांगा गया है- पहले वो छात्र जिन्होंने आवेदन किया मगर कोई जवाब नहीं मिला, और दूसरे वो जो इंटरनेट या बुनियादी ढांचे की खामी की वजह से आवेदन करने से वंचित रह गए।
अदालत ने केंद्र और सीबीएसई को सोमवार तक अपना आधिकारिक हलफनामा रिकॉर्ड पर रखने को कहा है, जिसके बाद मंगलवार को इस संवेदनशील मुद्दे पर अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
Reservation Hatao Andolan: जंतर-मंतर पर जुटे लोग, रामलीला मैदान में 500 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति
Reservation Hatao Andolan: दिल्ली के जंतर-मंतर पर रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन को लेकर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। प्रदर्शनकारी आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और यूजीसी के नियमों समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के स्थान को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान में अधिकतम 500 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए NOC जारी किया गया है।
जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने दी स्थिति स्पष्ट
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है। प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि आंदोलन के लिए अनुमति देने में देरी की गई। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान में अनुमति दी गई है।
पुलिस की ओर से इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अधिकारियों की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
PUBLIC NOTICE
— Delhi Police (@DelhiPolice) August 21, 2026
The office bearers of Reservation Hatao Andolan have been intimated through this official communication. All are requested to adhere the lawful instructions and remain peaceful.@lokniwasdelhi#DPUpdates pic.twitter.com/Z5vqaLdH8i
रामलीला मैदान में 500 लोगों तक प्रदर्शन की अनुमति
दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट, दरियागंज के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, हर्ष दुबे और अभिषेक अग्निहोत्री (Reservation Reform Movement) को रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी गई है।
NOC के तहत प्रदर्शन में अधिकतम 500 लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस की अनुमति के अनुसार, प्रदर्शन 21 अगस्त को शाम 4 बजे तक आयोजित किया जा सकेगा। हालांकि, अनुमति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान जुलूस निकालने या किसी स्थान पर ठहराव की अनुमति नहीं है।
पहले अनुमति देने से किया गया था इनकार
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के आयोजकों को पहले प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर अनुमति में कथित देरी को लेकर विरोध जताया गया। अब दिल्ली पुलिस की ओर से NOC जारी किए जाने के बाद प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान को अधिकृत स्थान बताया गया है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से की शांति बनाए रखने की अपील
दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक सूचना में कहा है कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस अधिकारियों की ओर से समय-समय पर दिए जाने वाले सभी निर्देशों और दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। नियमों या शर्तों का उल्लंघन होने की स्थिति में NOC को किसी भी समय रद्द किया जा सकता है।
पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर सूचना साझा करते हुए सभी संबंधित लोगों से कानून का पालन करने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है। यह पत्र संबंधित कमला मार्केट थाना के माध्यम से भेजा गया है। इसकी प्रतियां एसीपी कमला मार्केट और संबंधित थाने को भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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