उत्तर प्रदेश के भदोही में एक डिजिटल पुस्तकालय के शौचालय की दीवार में छेद करके छात्राओं का अश्लील व आपत्तिजनक वीडियो बनाने और फोटो खींचने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पुस्तकालय के संचालक भरथरी बिंद की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी अधिनियम की धाराओं के तहत गोपीगंज थाने में बृहस्पतिवार देर रात प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी रवि शंकर गुप्ता (20) को गिरफ्तार कर लिया गया।
गोपीगंज के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि दयाराम डेहरिया के निवासी बिंद राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर लाला नगर टोल प्लाजा के निकट स्थित लाल बहादुर गुप्ता के मकान में कई साल से डिजिटल पुस्तकालय संचालित कर रहे हैं। पांडेय ने बताया कि तहरीर के अनुसार बृहस्पतिवार दोपहर पुस्तकालय में छात्राओं को शौचालय की दीवार में एक छोटा सा छेद दिखा, जिसके बाद उन्हें शक हुआ और उन्होंने दूसरे छात्रों को इसकी जानकारी दी। तहरीर में कहा गया है कि छात्रों ने छेद से झांककर देखा तो उन्हें मकान मालिक का कमरा दिखा, जिसके बाद छात्र तुरंत मकान मालिक के कमरे में पहुंचे, जहां आरोपी रवि शंकर गुप्ता मौजूद था।
तहरीर के अनुसार छात्रों ने उसका मोबाइल छीनकर देखा, जिसमें छात्राओं की आपत्तिजनक वीडियो और फोटो दिखीं। शिकायत में कहा गया है कि पुस्तकालय संचालक को सूचना मिलते ही पुलिस को खबर दी गई। साथ ही छात्र-छात्राओं ने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद वे भी वहां पहुंच गए और हंगामा हुआ।
पुस्तकालय संचालक बिंद ने पुलिस को बताया कि मकान मालिक का कमरा और छात्राओं का शौचालय एक दूसरे से सटे हैं। एसएचओ ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया है और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कहां-कहां भेजे गए हैं और इन्हें किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य वेबसाइट पर अपलोड तो नहीं किया गया।
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गुजरात के पाटन ज़िले में बड़े पैमाने पर खाने की चीज़ों में मिलावट का एक रैकेट पकड़ा गया है। क्राइम ब्रांच और फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की संयुक्त छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 14,709 किलोग्राम मिलावटी खाना पकाने का तेल ज़ब्त किया। अधिकारियों को पता चला कि एक फ़ैक्ट्री में सोयाबीन के तेल में कथित तौर पर सस्ता वेस्ट ऑयल (बेकार तेल) मिलाकर उसे बाज़ार में बेचने के लिए तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान, टीम ने एक ट्रक से खराब क्वालिटी वाले तेल के 210 कंटेनर भी बरामद किए।
अलग-अलग ब्रांड के लेबल लगाकर बेचा जा रहा मिलावटी तेल
शुरुआती जांच से पता चला कि इसे चलाने वाले लोग कथित तौर पर सोयाबीन के तेल में वेस्ट ऑयल मिला रहे थे और उसे अलग-अलग मशहूर ब्रांड के लेबल लगाकर पैक कर रहे थे। छापेमारी के दौरान कई ब्रांडेड लेबल बरामद किए गए। अधिकारियों को शक है कि बाज़ार में मिलावटी तेल भेजने से पहले इन लेबल को कंटेनरों पर लगाया जाना था। अधिकारी अब इस नेटवर्क की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मिलावटी तेल कहाँ सप्लाई किया जा रहा था और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
दो साल से चल रही थी फैक्ट्री
अधिकारियों ने बताया कि यह फैक्ट्री कथित तौर पर करीब दो साल से चल रही थी। जांच करने वाले अधिकारी इसके स्टॉक रिकॉर्ड और बिल बुक की जांच कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि यह काम किस स्तर पर हो रहा था और मिलावटी तेल कहाँ-कहाँ सप्लाई किया गया था। टीम ने पैकेजिंग के लिए तैयार तेल के 40 कंटेनर और ट्रक से बरामद खराब क्वालिटी वाले तेल के 210 कंटेनर भी ज़ब्त किए। अधिकारियों को शक है कि मिलावटी तेल न सिर्फ़ गुजरात में, बल्कि दूसरे राज्यों में भी सप्लाई किया जा रहा था।
महाराष्ट्र में फ़ूड सेफ़्टी को लेकर सख़्ती
इस बीच, महाराष्ट्र FDA ने खाने वाले तेल में मिलावट और नियमों के उल्लंघन के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़ कर दी है। विभाग ने खुले और बिना लेबल वाले कुकिंग ऑयल की बिक्री पर रोक लगा दी है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि व्यापारियों को प्रोडक्शन और बिक्री के दौरान फ़ूड सेफ़्टी नियमों का पालन करना होगा। FDA ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर अपराध के आधार पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और जेल की सज़ा (उम्रकैद तक) हो सकती है। महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने अधिकारियों को खाने वाले तेल में मिलावट के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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