राष्ट्रीय राजधानी में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन के खत्म होने के कुछ हफ़्तों बाद, देश भर में विरोध-प्रदर्शनों की एक लहर उठ खड़ी हुई है। इन विरोध-प्रदर्शनों के बीच, राष्ट्रीय राजधानी में "आरक्षण हटाओ आंदोलन" आयोजित किया जा रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण 'आरक्षण-विरोधी' विरोध-प्रदर्शन के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दे दिया है। यह घटनाक्रम "रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन" के डिजिटल कैंपेन के बीच सामने आया है।
इस धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देश की अलग-अलग हिस्सों से लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्रभासाक्षी की टीम खुद वहां पहुंची थी। लगातार लोगों का वहां आना हो रहा था। अलग-अलग संगठन के लोग भी इसमें भागीदारी कर रहे हैं। यह लगातार यूजीसी को लेकर मोदी सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर संगठन और लोग वह है वह बीजेपी के कोर वोटर रहे हैं। उनका साफ तौर पर कहना है कि हमें बीजेपी से ही उम्मीद है इसलिए हम अपनी मांग को लेकर यहां पहुंचे हैं।
हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरने की अनुमति नहीं दे रही है। यहां से रामलीला मैदान जाने को कह रही है। पुलिस की ओर से भी बार-बार यह कहा गया कि आप सभी को रामलीला मैदान जाना होगा। हालांकि प्रदर्शनकारी लगातार वहां जमे रहे और हजारों की संख्या में वहां पहुंचे रहे। यह इंस्टाग्राम-आधारित पेज है, जिसने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन जुटाने के तरीकों को अपनाकर तेज़ी पकड़ी है। इंस्टाग्राम पर 5.6 मिलियन फ़ॉलोअर्स वाले इस कैंपेन ने पहले 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण-विरोधी प्रदर्शन का आह्वान किया था।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी NOC के तहत, शाम 4 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर ज़्यादा से ज़्यादा 500 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था के नज़रिए से इस प्रदर्शन पर उन्हें "कोई आपत्ति नहीं" है। यह अनुमति तब मिली है जब दिल्ली पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया था जिनमें कहा गया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई है।
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दिल्ली 2047 के मास्टर प्लान (MPD-2047) में शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में कई बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें पीक आवर्स (सबसे ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले समय) के दौरान पार्किंग का ज़्यादा शुल्क और दिल्ली BRTS (बस रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम) की वापसी की संभावना शामिल है। इस सिस्टम की पहले राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफ़िक की स्थिति खराब करने के लिए आलोचना हुई थी। हाल ही में जारी मास्टर प्लान में ज़्यादा ट्रैफ़िक और पार्किंग की भीड़-भाड़ वाले इलाकों में डायनामिक पार्किंग शुल्क का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही, इसमें कहा गया है कि एजेंसियां तय रूटों पर BRTS शुरू करने पर विचार कर सकती हैं। ये प्रस्ताव दिल्ली की निजी गाड़ियों पर निर्भरता कम करने और मौजूदा सड़क व पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश का हिस्सा हैं। इस प्लान में इलाके के हिसाब से पार्किंग मैनेजमेंट, सड़क पर होने वाली पार्किंग के लिए बेहतर नियम, मल्टी-लेवल पार्किंग और पैदल चलने, साइकिल चलाने व पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले उपाय शामिल हैं।
MPD-2047 को गुरुवार (20 अगस्त) को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के साथ मिलकर जारी किया। दिल्ली में गाड़ियों की संख्या से इस चुनौती का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। दिल्ली इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक, 19 मार्च 2026 तक शहर में 87.6 लाख रजिस्टर्ड गाड़ियां थीं। इनमें 59.2 लाख दो-पहिया वाहन और 21.2 लाख कारें और जीपें शामिल थीं। लेकिन समस्या सिर्फ़ राजधानी में रजिस्टर्ड गाड़ियों तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि दिल्ली में रोज़ाना नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) से भी बड़ी संख्या में गाड़ियां आती हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के एक अनुमान के अनुसार, हर दिन दिल्ली क्षेत्र में आने और जाने वाली गाड़ियों की संख्या लगभग 11 लाख है।
दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में डायनामिक पार्किंग चार्ज लागू होंगे
MPD-2047 प्लान में बाज़ार और कमर्शियल हब जैसी जगहों पर 'पार्किंग मैनेजमेंट एरिया' (PMA) बनाने का प्रस्ताव है, जहाँ गाड़ियों की ज़्यादा आवाजाही और पार्किंग की भीड़-भाड़ होती है। इन इलाकों के लिए, लोकल बॉडीज़ 'पार्किंग मैनेजमेंट एरिया प्लान' तैयार करेंगी, जिसमें पार्किंग की सुविधा, मांग का मैनेजमेंट, उपलब्ध पार्किंग का नियमन, नो-पार्किंग ज़ोन और डायनामिक पार्किंग चार्ज जैसी बातें शामिल होंगी। मुख्य प्रस्ताव यह है कि पार्किंग चार्ज इस बात पर निर्भर करने चाहिए कि कोई इलाका कितना व्यस्त है। डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि ट्रैफ़िक जाम वाले इलाकों में पब्लिक पार्किंग को ज़्यादा पार्किंग चार्ज लगाकर रेगुलेट किया जाना चाहिए ताकि लोग प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कम करें"। इसमें यह भी बताया गया है कि "डायनामिक पार्किंग चार्ज को पीक टाइम और अलग-अलग इलाकों में गतिविधि या भीड़-भाड़ के लेवल से जोड़ा जाएगा।
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