Rahul Gandhi Sansad Marg Protest: पैलेट गन पीड़ित साहिल को साथ लेकर थाने पहुंचे राहुल गांधी; FIR दर्ज न होने पर बाहर धरने पर बैठे
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर हमलावर रहा है।
इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का सीधे थाने पहुंचकर जांच का ब्योरा मांगना और बाहर धरने पर बैठ जाना इस मुद्दे पर कांग्रेस के आक्रामक रुख और आर-पार की लड़ाई के इरादे को स्पष्ट करता है।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi continues to remain at the DCP Office at Parliament Street Police Station.
— ANI (@ANI) August 21, 2026
He is here with Sahil Lochav, who suffered pellet gun injuries during the Jantar Mantar students' protest last month. Rahul Gandhi is insisting that an FIR be… pic.twitter.com/4NJRyJuYlq
पैलेट गन पीड़ित साहिल के साथ डीसीपी ऑफिस पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाना परिसर स्थित डीसीपी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान पैलेट गन से घायल हुआ छात्र साहिल लोहबच भी मौजूद था।
राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से सीधे संपर्क कर यह जानने का प्रयास किया कि आंदोलनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है और जांच किस चरण में पहुंची है।
ज्वाइंट सीपी से मुलाकात के बाद कार्रवाई न होने पर दिया धरना
थाने के भीतर राहुल गांधी ने हाल ही में पदभार संभालने वाली दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट सीपी नूपुर प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने पीड़ित छात्रों से जुड़ी शिकायतें सौंपी और तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, पुलिस की ओर से तुरंत कोई ठोस आश्वासन या फैसला न मिलने से नाराज होकर राहुल गांधी बाहर निकल आए और थाने के गेट के बाहर कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर जमा हो गए।
जंतर-मंतर आंदोलन और सुप्रीम कोर्ट कमेटी की जांच
उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प हुई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगे थे।
इस पूरे मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है, जो बल प्रयोग और हिंसा के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने पर बैठने से दिल्ली पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
Amit Shah ने Siliguri में कहा- बिना सुरक्षित सीमाओं के भारत नहीं रह सकता सुरक्षित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है। शाह ने कहा कि उनके कई बार अनुरोध करने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई। शाह ने कहा कि राज्य के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) या सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कार्यक्रमों में कभी हिस्सा नहीं लिया।
उन्होंने इस परंपरा को तोड़ने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी। शाह ने सिलीगुड़ी स्थित एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैंने बीएसएफ द्वारा सीमा पर बाड़ लगाए जाने के लिए जमीन देने की कई बार गुहार लगाई लेकिन (पूर्व मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी ने इसे अनसुना कर दिया। मैं सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1,129 एकड़ जमीन की मांग 2014 से कर रहा था।
राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद ही हमें यह जमीन मिली।’’ शाह ने कहा कि एसएसबी कोई राजनीतिक संगठन नहीं है और सीमावर्ती बलों के समारोहों से पूर्व मुख्यमंत्रियों की दूरी ने गलत संदेश दिया। गृह मंत्री ने कहा कि वह आजादी के बाद देश में बनीं पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को उचित सम्मान नहीं दिए जाने से दुखी थे। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया गया लेकिन इससे पहले भारत में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण कभी नहीं गाया गया था।
मुझे इस बात की तसल्ली है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा इसकी रचना के 150वें वर्ष में देश ने इस गीत को आखिरकार उचित मान्यता दी है।
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