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आजकल सब डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं...चीनी की बढ़ती कीमतों पर बिहार सरकार के मंत्री का ये बयान सुना आपने?

बिहार में महंगाई की मार अब रसोई के मीठे स्वाद पर भी भारी पड़ने लगी है। एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रही जनता के लिए चीनी के बढ़े दामों ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महज दो हफ्तों के भीतर चीनी की कीमतें करीब 48-50 रुपये प्रति किलो से उछलकर 65 रुपये के पार पहुंच गई हैं। बढ़ते दामों और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चीनी मिल मालिकों के लिए भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। वे अपने गोदामों में एक हफ्ते से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा नहीं रख सकेंगे। गन्ना मंत्री संजय कुमार ने राज्य भर में चीनी के स्टॉक की सघन जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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मंत्री के बयान पर विवाद

एक तरफ जहां लोग महंगाई से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार का एक बयान चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वे यह कहते नजर आ रहे हैं कि अधिकतर लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं, इसलिए चीनी की कीमतें बढ़ने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। जनता के बीच इस बयान की काफी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर बिहार के मंत्री का यह बयान वायरल है। दरअसल गुरुवार को पटना में मीडिया ने बिहार के मंत्री श्रवण कुमार से चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर सवाल पूछा था। जिस पर उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। ऐसे भी चीनी कम खा रहे हैं लोग, सबको आजकल बीमारी हो गया। मिठाई-ओठाई कौन खाता है, आजकल।

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नोटिफिकेशन में क्या निर्देश 

कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी की कीमतें सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 46.34 रुपये थीं। आमतौर पर अगस्त और नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान देश में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार मनाए जाते हैं। नए आदेश के तहत, हर मिल से थोक खरीदार को बेची जाने वाली चीनी की मासिक मात्रा (चाहे सीधे बेची जाए या डीलरों के ज़रिए) की जांच की जाएगी। चीनी के लिए लागू HSN कोड का इस्तेमाल करते हुए, विक्रेताओं और/या खरीदारों द्वारा फाइल किए गए GST रिटर्न के आधार पर खपत तय की जाएगी। थोक खरीदार का मतलब है - कन्फेक्शनर (मिठाई/बेकरी उत्पाद बनाने वाला), सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली कंपनी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, मिठाई विक्रेता या कोई अन्य संस्थागत खरीदार, जिसकी पिछले एक साल (मौजूदा महीने को छोड़कर) में औसत मासिक खपत 10 टन से कम न रही हो। यह आदेश केंद्र या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन या स्थानीय निकायों से जुड़ी संस्थाओं पर लागू नहीं होता है। स्टॉक रखने के कड़े नियम 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सीज़न के लिए चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लाए गए हैं।

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Jairam Ramesh ने Great Nicobar project को रोकने की मांग की, केंद्र पर साधा निशाना

कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर शुक्रवार को मोदी सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधा और कहा कि वहां ‘‘गंभीर पारिस्थितिक मूर्खता’’ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और स्थानीय तथा राष्ट्रीय हितों की मांग है कि इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ग्रेट निकोबार को बचाने की सार्वजनिक लड़ाई जारी है, हालांकि मोदी सरकार अब इसे आगे बढ़ाने के लिए नए कारण ‘‘गढ़’’ रही है। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ग्रेट निकोबार में गंभीर पारिस्थितिक भूल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।’’ उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना है, जिसमें पारगमन बंदरगाह, हवाई अड्डा और बड़े पर्यटन परिसर शामिल हैं।

उनके अनुसार, पर्यावरण और वन मंजूरियां सभी नियमों, प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों का खुला उल्लंघन करते हुए ‘‘जबरन’’ दी गई हैं। पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय इस परियोजना के खिलाफ दायर पांच अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार ‘‘बेहद बेपरवाह, उदासीन और अडिग’’ बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा, खबर आई कि 10 अगस्त, 2026 को स्थानीय प्रशासन ने लिटिल अंडमान और ग्रेट निकोबार के आसपास अधिसूचित क्षेत्रों में बिजली की भारी खपत करने वाले बड़े डेटा केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी।’’ रमेश ने कहा कि ‘‘रहस्यमय तरीके से’’ एक पखवाड़े के भीतर इन योजनाओं को ‘‘प्रशासनिक कारणों’’ का हवाला देते हुए वापस ले लिया गया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह वापसी स्थायी होगी। रमेश ने कहा कि वास्तविक स्थानीय और राष्ट्रीय हित यही मांग करते हैं कि इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाए।

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'पापा कहते हैं बैटिंग में गाना गाओ...' वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने 22 रन बनाने के बाद बताया पिता का सीक्रेट मंत्र

Aaryavir Sehwag secret mantra: दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस की ओर से खेलते हुए वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने 14 गेंदों में 22 रन बनाकर शानदार शुरुआत की. मुकाबले में आर्यवीर के बैकफुट पंच ने फैंस को सहवाग की याद दिला दी. मैच के बाद आर्यवीर ने पिता की सलाह का खुलासा करते हुए बताया कि सहवाग उन्हें बल्लेबाजी के दौरान दबावमुक्त रहने के लिए गाना गाने की सलाह देते हैं, हालांकि वह अभी गाना नहीं गा रहे हैं. Fri, 21 Aug 2026 18:33:07 +0530

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