सड़क पर उतरे BJP विधायक, कर्नाटक के इस मंत्री को हटाने की कर रहे मांग, लगाया गंभीर आरोप
BJP MLAs Protest in Karnataka: कर्नाटक में शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला. विपक्ष में बैठी बीजेपी ने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध मार्च निकाला. बीजेपी ने मंत्री पर महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के फंड में हेराफेरी का आरोप लगाया है. बीजेपी नेताओं ने वाल्मीकि प्रतिमा से विधान सौधा तक विरोध मार्च निकाला.
कर्नाटक के बेंगलुरु के में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि बीजेपी और जेडीएस शुरू से ही मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से भ्रष्ट मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग कर रहे हैं. इस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. मामला बिल्कुल साफ है. नागेंद्र पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं.
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: BJP leaders hold a protest march from the Valmiki statue to Vidhana Soudha demanding the resignation of Karnataka Minister B Nagendra over his alleged involvement in the Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation funds embezzlement… pic.twitter.com/IoHP6vlPOz
— ANI (@ANI) August 21, 2026
विजयेंद्र ने कहा कि दलित समुदाय के उत्थान के लिए बना पैसा इसी नागेंद्र ने लूटा है. इसीलिए, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया था. डीके शिवकुमार ने उन्हें फिर से कैबिनेट में क्यों शामिल किया? हमारी मांग दलित समुदाय के हित में है. इसलिए, हम दलित समुदाय के लिए न्याय की मांग करते हैं.
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विधान सौधा की तरफ बढ़ने से पुलिस ने रोका
वाल्मीकि की मूर्ति से विधान सौधा की ओर मार्च कर रहे बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया. प्रदर्शनकारी 'महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम' के फंड में हेराफेरी के कथित मामले में कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
सत्ता भी विरोध पर उतरी
बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के अलावा सत्ता पक्ष के नेता भी विरोध पर उतर आए हैं. कर्नाटक के मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने कहा कि हम इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे (विपक्षी पार्टियां, मुख्य रूप से बीजेपी) सदन को चलने नहीं दे रहे हैं. अगर उन्हें कोई शिकायत है, कोई आरोप लगाना है या कोई सवाल पूछना है, तो सदन ही सही जगह है, है ना? लोगों ने हमें चुनकर सदन में भेजा है ताकि हम वहां बोल सकें और मुद्दे उठा सकें. विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है. सरकार उसका जवाब देगी.
क्या है KMVSTDC फंड घोटाला?
कर्नाटक के बहुचर्चित KMVSTDC फंड घोटाले की शुरुआत एक आत्महत्या मामले से हुई थी. मई 2024 में निगम के लेखा अधीक्षक पी चंद्रशेखरन ने आत्महत्या कर ली थी. उनके सुसाइड नोट के बाद निगम में कथित बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पैसों के अवैध लेनदेन का मामला सामने आया. जांच में करीब 89 से 94 करोड़ रुपये की सरकारी राशि के कथित अवैध ट्रांसफर और गबन की बात सामने आई. इसके बाद कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड (KMVSTDC) का यह मामला बड़े वित्तीय घोटाले के तौर पर सामने आया.
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
मई 2024 में निगम के लेखा अधीक्षक पी चंद्रशेखरन की आत्महत्या के बाद मामले का खुलासा हुआ. उनके सुसाइड नोट और दस्तावेजों से निगम के खाते से बिना अनुमति बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई. जांच के मुताबिक, करीब 89 करोड़ रुपये 18 फर्जी और शेल खातों में भेजे गए, जहां से रकम को 170 से ज्यादा अन्य खातों के जरिए निकाला गया. ED और CBI की जांच में आरोप लगाया गया कि इस रकम के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान किया गया था.
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राहुल गांधी पहुंचे संसद मार्ग थाने, जानें क्या है मामला
नई दिल्ली में पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता नजर आ रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे और कथित तौर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की. इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग रखी.
राहुल गांधी के थाने पहुंचने के बाद इस मुद्दे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया.
राहुल गांधी संसद भवन स्थित पुलिस थाने पहुंचे, पैलेट गन से जुड़ा है मामला#RahullGandhi @RahulGandhi pic.twitter.com/t5FLdMRR3k
— Dheeraj sharma (@dheer23) August 21, 2026
पैलेट गन के इस्तेमाल पर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के खिलाफ पैलेट गन जैसी कार्रवाई गंभीर विषय है. पार्टी की ओर से मांग की जा रही है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए.
राहुल गांधी ने भी इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की जरूरत पर जोर दिया. उनका थाने पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी इस मुद्दे को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी में है.
थाने में क्या हुआ?
संसद मार्ग थाने पहुंचकर राहुल गांधी ने कथित पुलिस कार्रवाई से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. उनका उद्देश्य उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना बताया जा रहा है, जिन पर पैलेट गन चलाने का आरोप है.
मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई और शिकायत पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह आगे स्पष्ट होगा. एफआईआर दर्ज होने के बाद घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है.
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