Tata Motors का ग्राहकों को झटका, 1 सितंबर से ₹25,000 तक महंगी हो जाएंगी गाड़ियां; पेट्रोल-डीजल कार से लेकर EV तक पर असर
Tata Motors ने कार खरीदने वालों को बड़ा झटका दिया है. कंपनी 1 सितंबर 2026 से अपनी सभी पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही है. कीमतों में अधिकतम ₹25,000 तक का इजाफा होगा. बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई को वजह बताया गया है. अगर आप जल्द टाटा की नई कार या SUV खरीदने की तैयारी में हैं, तो जानिए क्यों 1 सितंबर से पहले खरीदारी करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.
सड़क पर उतरे BJP विधायक, कर्नाटक के इस मंत्री को हटाने की कर रहे मांग, लगाया गंभीर आरोप
BJP MLAs Protest in Karnataka: कर्नाटक में शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला. विपक्ष में बैठी बीजेपी ने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध मार्च निकाला. बीजेपी ने मंत्री पर महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के फंड में हेराफेरी का आरोप लगाया है. बीजेपी नेताओं ने वाल्मीकि प्रतिमा से विधान सौधा तक विरोध मार्च निकाला.
कर्नाटक के बेंगलुरु के में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि बीजेपी और जेडीएस शुरू से ही मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से भ्रष्ट मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग कर रहे हैं. इस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. मामला बिल्कुल साफ है. नागेंद्र पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं.
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: BJP leaders hold a protest march from the Valmiki statue to Vidhana Soudha demanding the resignation of Karnataka Minister B Nagendra over his alleged involvement in the Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation funds embezzlement… pic.twitter.com/IoHP6vlPOz
— ANI (@ANI) August 21, 2026
विजयेंद्र ने कहा कि दलित समुदाय के उत्थान के लिए बना पैसा इसी नागेंद्र ने लूटा है. इसीलिए, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया था. डीके शिवकुमार ने उन्हें फिर से कैबिनेट में क्यों शामिल किया? हमारी मांग दलित समुदाय के हित में है. इसलिए, हम दलित समुदाय के लिए न्याय की मांग करते हैं.
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विधान सौधा की तरफ बढ़ने से पुलिस ने रोका
वाल्मीकि की मूर्ति से विधान सौधा की ओर मार्च कर रहे बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया. प्रदर्शनकारी 'महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम' के फंड में हेराफेरी के कथित मामले में कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
सत्ता भी विरोध पर उतरी
बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के अलावा सत्ता पक्ष के नेता भी विरोध पर उतर आए हैं. कर्नाटक के मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने कहा कि हम इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे (विपक्षी पार्टियां, मुख्य रूप से बीजेपी) सदन को चलने नहीं दे रहे हैं. अगर उन्हें कोई शिकायत है, कोई आरोप लगाना है या कोई सवाल पूछना है, तो सदन ही सही जगह है, है ना? लोगों ने हमें चुनकर सदन में भेजा है ताकि हम वहां बोल सकें और मुद्दे उठा सकें. विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है. सरकार उसका जवाब देगी.
क्या है KMVSTDC फंड घोटाला?
कर्नाटक के बहुचर्चित KMVSTDC फंड घोटाले की शुरुआत एक आत्महत्या मामले से हुई थी. मई 2024 में निगम के लेखा अधीक्षक पी चंद्रशेखरन ने आत्महत्या कर ली थी. उनके सुसाइड नोट के बाद निगम में कथित बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पैसों के अवैध लेनदेन का मामला सामने आया. जांच में करीब 89 से 94 करोड़ रुपये की सरकारी राशि के कथित अवैध ट्रांसफर और गबन की बात सामने आई. इसके बाद कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड (KMVSTDC) का यह मामला बड़े वित्तीय घोटाले के तौर पर सामने आया.
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
मई 2024 में निगम के लेखा अधीक्षक पी चंद्रशेखरन की आत्महत्या के बाद मामले का खुलासा हुआ. उनके सुसाइड नोट और दस्तावेजों से निगम के खाते से बिना अनुमति बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई. जांच के मुताबिक, करीब 89 करोड़ रुपये 18 फर्जी और शेल खातों में भेजे गए, जहां से रकम को 170 से ज्यादा अन्य खातों के जरिए निकाला गया. ED और CBI की जांच में आरोप लगाया गया कि इस रकम के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान किया गया था.
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