अमेरिका में बड़ा विमान हादसा, अलास्का से केप न्यूएनहैम जा रहा विमान क्रैश, 8 लोगों की मौत
Alaska Plane Crash: अमेरिका में बड़ा विमान हादसा हो गया. गुरुवार को पश्चिमी अलास्का में एक दूरदराज की सैन्य रडार साइट के पास एक चार्टर विमान क्रैश हो गया. हादसे में विमान में सवार 8 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 2 पायलट भी शामिल हैं.
केप न्यूएनहैम जा रहा था विमान
प्रवक्ता ने आगे बताया कि विमान एंकोरेज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुआ था और केप न्यूएनहैम के लिए जा रहा था. केप न्यूएनहैम सुविधा दूरस्थ रडार साइटों के एक नेटवर्क का हिस्सा है जो अलास्का के हवाई क्षेत्र और उसकी सीमाओं के साथ विमानों पर नजर रखती है. हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया.
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एयरफोर्स की हवाई पट्टी पर हुआ हादसा
एनटीएसबी के अलास्का प्रमुख क्लिंट जॉनसन ने बताया कि विमान केप न्यूएनहैम एयरपोर्ट के पास जमीन से टकराकर क्रैश हुआ. यह एयरफोर्स की एक हवाई पट्टी है, जिसका इस्तेमाल लंबी दूरी के रडार स्टेशन तक पहुंचने के लिए किया जाता है. जॉनसन के मुताबिक, एनटीएसबी, अलास्का स्टेट ट्रूपर्स और बचाव दल घटनास्थल की ओर रवाना हो गए थे. अलास्का रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर ने भी बताया कि उसे केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट के पास विमान हादसे की सूचना मिली थी, जिसके बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. अधिकारियों ने कहा कि हादसे से जुड़ी और जानकारी मिलने पर उसे साझा किया जाएगा.
हादसे पर सीनेटर ने जताया शोक
अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने केप न्यूएनहैम में हुए विमान हादसे पर दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं. मुर्कोव्स्की ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ विमान सिक्योरिटी एविएशन कंपनी का था, जो पूरे अलास्का में चार्टर उड़ानें संचालित करती है. उन्होंने कहा कि वह खुद भी इस कंपनी की उड़ानों से पूरे अलास्का में यात्रा कर चुकी हैं और उसके कई अनुभवी पायलटों से मिल चुकी हैं.
उन्होंने हादसे के बाद तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए अमेरिकी तटरक्षक बल, एनटीएसबी, अलास्का स्टेट ट्रूपर्स और रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर का आभार जताया. उन्होंने कहा कि पूरा अलास्का हादसे में मारे गए लोगों, उनके परिवारों और सिक्योरिटी एविएशन की टीम के साथ है.
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अमेरिकी एयरफोर्स जताया दुख
अमेरिकी वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट डेविस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति दुख जताया. कहा कि यह सेना और उन समुदायों के लिए बड़ा नुकसान है, जिनकी ये लोग सेवा कर रहे थे. डेविस ने कहा कि सभी मृतक अपने काम के प्रति समर्पित थे और मुश्किल परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को हर संभव मदद देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने हादसे के बाद तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाने वाली टीमों के प्रयासों की भी सराहना की और उनके प्रति आभार जताया.
कूल्हों की जकड़न और तनाव दूर करेगा 'एका पाद राजकपोतासन'
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। प्राचीन भारतीय परंपरा में योग एक ऐसी प्रभावशाली पद्धति है, जो तन और मन के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। योग के इन्हीं आसनों में एका पाद राजकपोतासन एक महत्वपूर्ण उन्नत आसन है, जो कूल्हों और जांघों की जकड़न दूर करने में मदद करता है।
एका पाद राजकपोतासन संस्कृत के एका पाद (पैर), राज (अर्थात श्रेष्ठ), कपोत (अर्थात कबूतर) और आसन (अर्थात मुद्रा) से मिलकर बना है। यह आसन कूल्हों, जांघों के आगे वाले हिस्से और ग्लूट्स (यानी नितंबों), पैरों और घुटने-टखने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, एका पाद राजकपोतासन उन्नत स्तर का योगासन है, जो कूल्हों के जोड़ और रीढ़ को लचीला बनाने वाला बैकबेंड अभ्यास है। नियमित और सही विधि से इसका अभ्यास शरीर को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ मन को एकाग्र और शांत रखने में भी सहायक हो सकता है। इसलिए योगाभ्यास में एका पाद राजकपोतासन का विशेष महत्व माना जाता है।
यह आसन शरीर और मन का तालमेल बनाने में मदद करता है। आधुनिक जीवनशैली में जहां दफ्तर में घंटों बैठने से कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में जो जकड़न हो जाती है, यह आसन उसे गहराई से मुक्त करने का काम करता है। कूल्हों को नकारात्मक भावनाओं और तनाव का संचय स्थल माना जाता है। ऐसे में एक पाद राजकपोतासन का अभ्यास न केवल पेल्विक रीजन को लचीला बनाता है, बल्कि भावनात्मक तनाव को हटाकर मन को एक नई ऊर्जा और शांति से भर देता है।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पर्वतासन यानी सीधे खड़े हो जाएं। अब सांस भरते हुए अपना दाहिना पैर ऊपर छत की तरफ उठाएं। सांस छोड़ते हुए दाहिने घुटने को आगे लाकर नाक के पास तक ले जाएं। दाहिनी जांघ के बाहरी हिस्से, दाहिने नितंब और दाहिने पैर को चटाई पर टिकाएं और शरीर को सहज होने दें। दाहिने पैर का तलवा बाएं कूल्हे से लगा होना चाहिए। बाएं पैर को पीछे की तरफ सीधा फैला दें। दोनों कूल्हों को जमीन की तरफ नीचे दबाएं और सीधे आगे की तरफ रखें। बायां कूल्हा भी चटाई को छूना चाहिए। अगर आराम महसूस न हो तो एक ब्लॉक या तकिया दाहिने नितंब के नीचे रख सकते हैं। दोनों हाथों को कप के आकार में अपने पास जमीन पर रखें। अंत में रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और सामने की तरफ देखें।
जबरदस्ती या झटके के साथ इस आसन को करने से बचें। यदि कूल्हे या घुटने में गंभीर चोट या दर्द हो, तो योग प्रशिक्षक की सलाह से ही अभ्यास करें। शुरुआत में संतुलन बनाने के लिए योग ब्लॉक या तकिए का सहारा लिया जा सकता है।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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