हेमंत सरकार के फैसले पर HC का ब्रेक: 3000 युवाओं की बची नौकरी, लेकिन क्या पूरी तरह टल गया है खतरा?
Jharkhand Recruitment Exam: झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और चयनित कर्मचारियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था. कोर्ट के इस फैसले से करीब 3,000 चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है.
हाईकोर्ट का फैसला और कर्मचारियों की वापसी
हाईकोर्ट ने सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाते हुए सभी चयनित उम्मीदवारों को तुरंत अपनी ड्यूटी जॉइन करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर, सिविल जज, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डिप्टी कलेक्टर और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) के तहत चुने गए कर्मचारी वापस अपनी नौकरी पर लौट सकेंगे.
परीक्षा रद्द करने की वजह क्या थी?
यह विवाद निजी एजेंसी 'टीडीपीएल' (TDPL) द्वारा कराई गई परीक्षाओं से जुड़ा है. इन परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद छात्रों ने करीब 26 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था. बढ़ते विवाद को देखते हुए हेमंत सोरेन सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेकर इन सभी 22 भर्ती परीक्षाओं को एक साथ रद्द कर दिया था.
अदालत ने क्या तर्क दिया?
याचिकाकर्ताओं की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि बिना किसी ठोस जांच के और बिना व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिए सभी सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति रद्द करना सही नहीं है.
अदालत ने पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी परीक्षा में ईमानदारी से पास हुए अभ्यर्थियों और गड़बड़ी करने वालों को अलग-अलग पहचाना जा सकता है, तो पूरी परीक्षा रद्द करने के बजाय केवल दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
जांच एजेंसियों की भूमिका
अब इस मामले में राज्य की सीआईडी (CID) और विशेष जांच दल (SIT) की भूमिका अहम होगी. जांच एजेंसियां ऐसे लोगों की पहचान करने में जुटेंगी जिन्हें पेपर लीक या अनुचित तरीकों से फायदा मिला. यदि केवल दोषी अभ्यर्थियों की पहचान हो जाती है, तो बाकी निर्दोष और योग्य उम्मीदवारों की नौकरी सुरक्षित रह सकेगी.
सरकार के पास क्या विकल्प हैं?
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य सरकार के सामने मुख्य रूप से दो रास्ते हैं:
* सरकार इस अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील (SLP) दायर कर सकती है.
* या फिर हाईकोर्ट में ही अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर पूरी स्थिति स्पष्ट कर सकती है.
यदि मामला सुप्रीम कोर्ट जाता है, तो कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है, जिससे अभ्यर्थियों को अंतिम फैसले के लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है.
परीक्षा सुधार के लिए बनाई गई समिति
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक 'परीक्षा सुधार समिति' बनाई है. यह समिति निजी एजेंसियों की जगह राज्य निगरानी बोर्डों से परीक्षा कराने और सुरक्षा नियमों को कड़ा करने पर सुझाव देगी.
18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर मिलने पर रॉकेट की तरह उड़े ये 4 स्टॉक्स, एक शेयर 13% तक चढ़ा
Welspun Corp Share Price: घरेलू बाजार में शुक्रवार 21 अगस्त को वेलस्पन कॉर्प लिमिटेड, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और डेटा पैटर्न्स लिमिटेड के शेयरों में 13% तक की तेजी आई. इसकी वजह इन कंपनियों को मिले नए ऑर्डर थे, जिनकी कुल वैल्यू ₹18,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके बाद से इन शेयरों पर निवेशकों की नजर लगातार बनी हुई है. तो आइए इसी क्रम में इन सभी शेयर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं.
Data Patterns को BEL से मिला बड़ा ऑर्डर
डेटा पैटर्न्स (इंडिया) लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि उसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से रडार इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई के लिए ₹585.76 करोड़ का ऑर्डर मिला है. कंपनी ने कहा कि 30 जुलाई को एक्सचेंजों को अपनी ₹2,654 करोड़ की ऑर्डर बुक की जानकारी देने के बाद से, उसे कुल ₹771.08 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं, जिसमें शुक्रवार को मिला ऑर्डर भी शामिल है. इस कुल रकम में से, ₹745.93 करोड़ के ऑर्डर 30 जुलाई की घोषणा में "बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी ऑर्डर मिलना बाकी है" वाली कैटेगरी में थे. जबकि बाकी ₹25.15 करोड़ के ऑर्डर नए हैं. डेटा पैटर्न्स के शेयर 6.4% बढ़कर ₹4,998.9 पर ट्रेड कर रहे हैं. शुक्रवार की इस बढ़त के साथ स्टॉक इस साल अब तक 93% चढ़ चुका है.
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RailTel को Western Coalfields से मिला ऑर्डर
कंपनी ने गुरुवार को घोषणा की कि उसे वेस्टर्न कोलफील्ड्स से मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (MPLS VPN) लगाने के लिए लगभग ₹165 करोड़ का ऑर्डर मिला है. कंपनी के अनुसार, इस ऑर्डर में वेस्टर्न कोलफील्ड्स के लिए 60 महीनों की अवधि के लिए किराए के आधार पर MPLS VPN नेटवर्क स्थापित करना शामिल है, जिसे 20 सितंबर, 2031 तक पूरा किया जाना है. शुक्रवार को रेलटेल के शेयर 2.3% बढ़कर ₹287.1 पर ट्रेड कर रहे थे. हालांकि, इस साल अब तक शेयर में 23% की गिरावट आई है.
Saatvik Green Energy को सोलर मॉड्यूल सप्लाई का ऑर्डर
सात्विक ग्रीन एनर्जी की सब्सिडियरी कंपनी, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज को देश की एक बड़ी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर कंपनी से सोलर PV मॉड्यूल सप्लाई करने के लिए ₹190 करोड़ का ऑर्डर मिला है और उसने इसे स्वीकार भी कर लिया है. इसे कमर्शियल ऑर्डर माना गया है और इसे मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है. इस घोषणा के बाद, शुक्रवार को सात्विक ग्रीन एनर्जी के शेयरों में 3.8% की बढ़त हुई और वे ₹415.4 पर ट्रेड कर रहे थे. इस साल अब तक स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है.
Welspun Corp को मिला अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर
वेलस्पन कॉर्प लिमिटेड ने घोषणा की है कि उसे अपनी US-स्थित फैसिलिटी में पाइपलाइन बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग $1.8 बिलियन (₹17,200 करोड़) है. इस ऑर्डर के साथ, कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक $4.4 बिलियन (लगभग ₹42,100 करोड़) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. शुक्रवार को, शेयर की कीमत 13% बढ़कर ₹2,266 प्रति शेयर के इंट्राडे और अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. पिछले एक महीने में इसमें 38% और साल की शुरुआत से अब तक 181.35% की बढ़त हुई है.
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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
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