Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण और पंचक का दोहरा साया, त्योहार पर पड़ेगा असर! जानें राखी मनाने का सही समय
Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के लिए रक्षाबंधन का दिन बेहद खास होता है. ये उन दोनों के प्रेम और अटूट बंधन का सबसे बड़ा पर्व होता है. रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधती है, तिलक करती हैं और मिठाई खिलाती हैं. वहीं, भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वादा करते हैं और उन्हें उपहार देते हैं. इस दिन रक्षाबंधन के त्योहार को भाई-बहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से मनाते हैं. 28 अगस्त 2026, शुक्रवार के दिन रक्षाबंधन मनाया जा रहा है. ऐसे में इस बार इस दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा तो क्या राखी का त्योहार मनाने में कोई अवरोध पैदा होगा? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
राखी बाधंने के सही समय को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है क्योंकि चंद्र ग्रहण के साथ इस वर्ष पंचक का भी साया रहेगा. इस कंफ्यूजन को दूर करने के लिए सही समय जानना जरूरी है.
रक्षाबंधन 2026 पर चंद्र ग्रहण कब लगेगा?
साल 2026 में रक्षाबंधन पर सुबह 8:04 पर चंद्र ग्रहण का प्रारंभ हो जाएगा और सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर ग्रहण समाप्त होगा. लेकिन ज्योतिषाचार्यों की मानें तो रक्षाबंधन पर भारत में चंद्रग्रहण नहीं दिखेगा. ऐसे में ग्रहण के दौरान माने जाना वाला सूतक काल और उसके नियम भी मान्य नहीं होंगे.
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रक्षाबंधन 2026 पर पंचक का समय क्या रहेगा?
इस पावन दिन पर भी पंचक का साया रहेगा. ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा बताते हैं कि 27 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट पर पंचक शुरू होगा और 28 अगस्त 2026 को सुबह 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. ऐसे में पंचक रक्षाबंधन के दिन सुबह ही समाप्त हो रहा है तो आप पूरे दिन सुरक्षित तरीके से राखी का त्योहार मना सकेंगे. इस दिन भद्रा भी नहीं रहेगा जिस कारण सुबह का समय राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ समय माना जा रहा है.
पंचक का समय अशुभ क्यों माना जाता है?
ज्योतिष में पंचक के समय को पूरी तरह अशुभ नहीं माना जाता है. कुछ स्थितियों में इस अवधि पर शुभ काम नहीं किए जाते हैं. पंचक यानी की पांच. मान्यता है कि इस अवधि में किया गया बुरा कार्य पांच बार दोहराया जाता है. यदि इस समय परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए, तो माना जाता है कि संकट पांच गुना बढ़ सकता है, इसलिए इस दोष को दूर करने के लिए विशेष शांति पूजा की जाती है. हालांकि, पंचक में कुछ कार्यों को करने की मनाही है लेकिन राखी बांधी जा सकती है. धार्मिक मान्यताओं में इस पर कोई रोक नहीं है.
राखी के दिन बन रहे अन्य अशुभ योग कौन से हैं?
रक्षाबंधन 2026 के दिन दो अशुभ योगों का साया रहेगा. इस दिन अतिगण्ड योग रहेगा, जो सुबह 07:27 बजे तक रहेगा. इसके बाद सुकर्मा योग लगेगा, जो अत्यंत शुभ योग माना जाता है. इस दिन दोपहर 3 बजकर 35 मिनट से शाम 5 बजकर 11 मिनट तक यमगण्ड मुहूर्त भी रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग के स्वामी यमराज होते हैं. इसलिए, राखी बांधने के लिए यह अशुभ समय है.
रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए आपको 3 घंटे 51 मिनट का कुल समय मिलने वाला है. इस दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
तानाशाह किम जोंग से मुलाकात की चाहत पर ट्रंप को झटका, उत्तर कोरिया ने बैठक के लिए रखीं सख्त शर्तें
Trump Kim Jong Un meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की मुलाकात की चर्चा तेज हो गई है. राष्ट्रपति ट्रंप के संकेत के बाद साल के अंत तक दोनों की मुलाकात की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा. मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया ने अपनी शर्तें रख दी हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल के अंत में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से फिर मुलाकात करना चाहते हैं. हालांकि, उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग की शुरुआती प्रतिक्रिया से लगता है कि वह इतनी जल्दी बातचीत के लिए तैयार नहीं है. उत्तर कोरिया ने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों को अच्छा बताया है, लेकिन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए अपनी शर्तें भी रखी हैं.
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ट्रंप ने मुलाकात की दिखाई थी दिलचस्पी
बता दें कि इस सप्ताह ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त अमेरिकी सैन्य अभ्यासों में कटौती की. उन्होंने इन अभ्यासों को उत्तर कोरिया के लिए "शत्रुतापूर्ण" बताया. इसके बाद बुधवार को ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल के अंत में किम से उनकी मुलाकात हो सकती है. अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, ट्रंप उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करना चाहते हैं. इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल करने का मौका भी मिल सकता है.
ईरान संघर्ष के दौरान मुलाकात की चर्चा
ट्रंप की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान के साथ करीब छह महीने से जारी संघर्ष खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. दूसरी ओर, उत्तर कोरिया रूस के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है और यूक्रेन युद्ध में मॉस्को की मदद के लिए सैनिकों और सैन्य सामान की आपूर्ति कर रहा है.
ट्रंप-किम की कब हो सकती है मुलाकात का बन सकता है मौका
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप इस साल के अंत में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जा सकते हैं. ऐसे में अगर उत्तर कोरिया बातचीत के लिए तैयार होता है तो दोनों नेताओं की मुलाकात का रास्ता बन सकता है.
अमेरिका बिना शर्त बातचीत को तैयार
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका बिना किसी शर्त के उत्तर कोरिया से बातचीत के लिए तैयार है, उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर ट्रंप और किम फिर मुलाकात करेंगे. दक्षिण कोरिया ने भी ट्रंप के बयान का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे उत्तर कोरिया के साथ सार्थक बातचीत शुरू हो सकती है.
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