21 August 2026 Major Events: अमित शाह का सिलीगुड़ी दौरा और हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र; जानिए आज की बड़ी हलचल
21 अगस्त यानी आज राजनीति और राज्यों के विधायी कामकाज के लिहाज से बेहद अहम होने वाला है। एक ओर जहां केंद्र सरकार देश की पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए बंगाल में बड़ी बैठक कर रही है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में मानसून सत्र के जरिए विपक्ष सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।
इसके अलावा शिक्षा जगत में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और पंजाब में बंदी सिखों की रिहाई के मुद्दे पर बुलाया गया बंद आज के घटनाक्रमों को और भी ज्यादा राजनीतिक और प्रशासनिक गर्माहट दे रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह का दो दिवसीय सिलीगुड़ी दौरा और सीमा सुरक्षा बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से दो दिवसीय पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान गृह मंत्री सिलीगुड़ी क्षेत्र में एक उच्च स्तरीय सीमा सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था और चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सीमा सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से अमित शाह कई नई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज
हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का 12वां सत्र आज से शिमला में शुरू हो रहा है। यह मानसून सत्र 3 सितंबर तक चलेगा, जिसके तहत कुल 10 बैठकें आयोजित की जाएंगी।
इस सत्र के लिए विधायकों की ओर से 900 से अधिक सवाल विधानसभा सचिवालय भेजे गए हैं, जिनमें मुख्य रूप से सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। जनहित के तमाम मुद्दों को लेकर विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे के पूरे आसार हैं।
सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़ी याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत परीक्षक कागजी उत्तर पुस्तिकाओं के स्कैन किए गए प्रारूप को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखकर जांचते हैं।
शीर्ष अदालत में दायर याचिकाओं में मांग की गई है कि केंद्र सरकार और सीबीएसई को इस डिजिटल मूल्यांकन के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम व दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए जाएं।
मध्य प्रदेश में एमपी-टीईटी के लिए आवेदन शुरू
मध्य प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP-TET) की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज 21 अगस्त से शुरू हो रही है। अभ्यर्थी 4 सितंबर 2026 तक फॉर्म भर सकते हैं, जबकि आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार के लिए 9 सितंबर तक का समय दिया गया है।
परीक्षा का आयोजन 12 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित है, जिसमें प्रदेश भर से लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है।
कौमी इंसाफ मोर्चा का पंजाब बंद और सीएम सैनी का संवाद कार्यक्रम
बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने आज सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया है, जिसके चलते स्कूल-कॉलेज, बाजार और हाईवे पर आवाजाही बंद रखने की अपील की गई है, हालांकि एंबुलेंस व अस्पतालों जैसी जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है।
दूसरी तरफ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में 'जेन-जी एंटरप्रेन्योर्स' के साथ सीधा संवाद करेंगे, जहां युवाओं को नए स्टार्टअप, फंडिंग और तकनीकी सहायता से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाएंगी।
Indian Citizenship Rules 2026: 8 राज्यों और UTs में डीएम को मिला नागरिकता देने का अधिकार; गृह मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
भारत में नागरिकता देने की प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर विकेंद्रीकरण की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है। सीमावर्ती और संवेदनशील राज्यों में वर्षों से रह रहे योग्य गैर-नागरिकों की पहचान और उनके कानूनी दावों के शीघ्र निस्तारण के लिए अब जिला स्तर पर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शपथ और व्यक्तिगत उपस्थिति को लेकर नए व कड़े नियम भी जोड़ दिए गए हैं।
आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिलाधिकारियों को मिले अधिकार
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा (आदिवासी इलाकों को छोड़कर) के अलावा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जिलाधिकारियों को यह विशेष शक्तियां दी गई हैं।
इन क्षेत्रों में भारत के बाहर जन्मे और वर्तमान में निवास कर रहे पात्र व उपयुक्त आवेदकों को अब नागरिकता के लिए लंबी कानूनी व त्रिस्तरीय प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
अधिकार प्राप्त समितियों की जगह अब सीधे डीएम लेंगे फैसला
नए नियमों के लागू होने के साथ ही इन राज्यों में पहले से काम कर रही 'अधिकार प्राप्त समितियों' और 'जिला स्तरीय समितियों' की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। अब संबंधित जिलों के जिलाधिकारी ही इन समितियों का स्थान लेंगे। यदि डीएम आवेदक की उपयुक्तता और सभी आवश्यक कानूनी शर्तों से पूरी तरह संतुष्ट होते हैं, तो वे पंजीकरण या नेचुरलाइजेशन के आधार पर नागरिकता प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे।
व्यक्तिगत उपस्थिति और निष्ठा की शपथ पर सख्त प्रावधान
संशोधित नियमों में सुरक्षा और सत्यता को लेकर कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। नियमों के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि यदि किसी आवेदक को उचित अवसर और नोटिस दिए जाने के बावजूद वह आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने तथा संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होता है, तो कलेक्टर के पास उसका आवेदन सीधे तौर पर खारिज करने का अधिकार होगा। सरकार ने इसके साथ ही इस संबंध में जारी पूर्व के कई पुराने आदेशों को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
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