पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान शिफा हॉस्पिटल में शिफ्ट, आधी रात को जेल से निकाला बाहर
Former Pakistan PM Imran Khan: पाकिस्तान सरकार ने कोर्ट के आदेश के बाद बड़ा फैसला लिया है. पूर्व पीएम इमरान खान को जेल से हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया है. यह कार्रवाई आधी रात करीब 1 बजे हुई. जेल से निकालकर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, उनकी पार्टी ने यह जानकारी दी है. यह कदम इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उठाया गया है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गुरुवार-शुक्रवार रात मेडिकल जांच के लिए जेल से इस्लामाबाद के एक अस्पताल ले जाया गया. इमरान खान के समर्थक लंबे समय से उनकी मेडिकल जांच की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि 3 साल से ज्यादा समय से जेल में रहने के कारण इमरान खान की सेहत खराब हुई है. इस फैसले को खान की पार्टी और पाकिस्तान के शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक संभावित पहले कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो 2022 में उन्हें सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं. खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने पत्रकारों को एक टेक्स्ट संदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अधिकारियों को आदेश दिया था कि 73 वर्षीय इमरान खान को 48 घंटे के अंदर राजधानी स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए. कोर्ट ने यह भी कहा था कि उन्हें ऐसे मेडिकल पैनल से जांच कराने की सुविधा दी जाए, जिसमें उनके निजी डॉक्टर भी शामिल हों.
अमेरिका का हिज्बुल्लाह पर बड़ा एक्शन, घोषित किया प्रॉक्सी संगठन, 10 लोगों पर क्यों लगाया बैन?
US Against Hezbollah: ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह पर बड़ा एक्शन लिया है. ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को हिजबुल्लाह पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी संगठन भी घोषित किया है.
अमेरिकी वित्त विभाग ने 10 लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इन लोगों पर हिजबुल्लाह तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है. वित्त विभाग के मुताबिक, यह नेटवर्क लेबनान, तुर्की, यूएई और ईरान के बीच यात्रा करने वाले लोगों की मदद से पैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था. ये लोग कमर्शियल एयरलाइनों से यात्रा करते थे और अपने साथ बड़ी रकम ले जाते थे.
हवाई यात्रा से करते थे फंडिंग
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह नेटवर्क लेबनान, तुर्की, यूएई और ईरान के बीच हवाई यात्रा करने वाले लोगों के जरिए करोड़ों डॉलर की रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था. इस तरीके से हिजबुल्लाह को बैंकिंग व्यवस्था से बाहर विदेशी मुद्रा मिलती थी और वह अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में कामयाब होता था.
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क्यों प्रॉक्सी संगठन किया घोषित?
सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी संगठन घोषित करने का मकसद यह साफ करना है कि वह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (IRGC-QF) के लिए काम करता है. अधिकारी ने कहा कि हिजबुल्लाह अपने दम पर काम करने वाला संगठन नहीं है.
हिजबुल्लाह को आंतकी संगठन घोषित कर चुका है यूएस
सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह फैसला इस बात को साफ करता है कि हिजबुल्लाह के सैन्य अभियान, बाहरी सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियां और फंडिंग नेटवर्क ईरान की आईआरजीसी-क्यूएफ के इशारे पर काम करते हैं. अधिकारी ने कहा कि हिजबुल्लाह को सिर्फ लेबनान का प्रतिरोध संगठन नहीं माना जा सकता, बल्कि यह ईरान के सीमा-पार अभियान का हिस्सा है. अमेरिका पहले से ही हिजबुल्लाह और आईआरजीसी-क्यूएफ, दोनों को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है.
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