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Patna में BPSC TRE 4 अभ्यर्थियों और PhD धारकों का आंदोलन जारी, विभिन्न मांगों पर अड़े

बिहार में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों, विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षकों और पीएचडी धारकों का पटना के गर्दनीबाग इलाके में प्रदर्शन बृहस्पतिवार को जारी रहा और धरने का नेतृत्व कर रहे प्रदर्शनकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार दोपहर चेतावनी दी थी कि यदि शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)-चार की अधिसूचना जारी नहीं की गई तो वे राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर सकते हैं। इसी दिन बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 32,000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी।

हालांकि, टीआरई-चार के अभ्यर्थी अपनी अन्य मांगों के समाधान की मांग को लेकर धरना स्थल से नहीं हटे हैं। टीआरई-चार अभ्यर्थियों के शिविर के पास बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक और पीएचडी धारक भी दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल कुमुद पटेल लगातार 17वें दिन आमरण अनशन पर बैठे हैं।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “सरकार को टीआरई-चार परीक्षा के साथ प्रयोग करने से बचना चाहिए। यदि सरकार बीपीएससी की मुख्य परीक्षा समेत दो चरणों में परीक्षा आयोजित करना चाहती है तो उसे टीआरई-चार से लागू करना चाहिए, क्योंकि अभ्यर्थी पहले ही काफी समय गंवा चुके हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी “कोचिंग संस्थानों के इशारे पर” मुख्य परीक्षा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि कोचिंग संस्थान “कोचिंग बैच बेचकर लाभ कमा सकें।” कुमार ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की परीक्षाओं में मौजूदा संविदा कर्मचारियों को दिए जाने वाले 25 प्रतिशत अतिरिक्त भारांक की विवादास्पद व्यवस्था को भी वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे संविदा कर्मचारियों को अनुचित लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 18 वर्षों से पुस्तकालयाध्यक्ष के पदों पर नियमित भर्ती नहीं हुई है और सरकार को इस दिशा में समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। कुमार ने आरोप लगाया कि “भ्रष्ट तरीकों” से सरकारी नौकरियां हासिल करने वाले “हजारों अधिकारियों” के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और सभी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के साथ विचार-विमर्श के बाद धरने की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

पीएचडी धारकों की प्रमुख मांगों में सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2018 के नियम लागू करना, आवेदकों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करना, सहायक प्रोफेसरों की नियुक्तियों को नियमित करना और मूल निवास नीति लागू करना शामिल है। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के इस्तीफे की भी मांग की। दीपक कुमार सिंह ने करीब एक सप्ताह पहले प्रदर्शनकारियों के साथ बैठक की थी।

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Delhi Master Plan 2047: 100 मंजिल से ऊंची इमारतें बनेंगी, रिहायशी इलाकों में व्यापार की छूट

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में राष्ट्रीय राजधानी में 100 मंजिल से अधिक ऊंची इमारतों के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को अधिसूचित मास्टर प्लान दिल्ली-2047 के अनुसार, पर्याप्त बुनियादी ढांचे वाले क्षेत्रों में ऊंची इमारतों को बढ़ावा दिया जाएगा, इनमें खास तौर पर बड़े पैमाने के सार्वजनिक परिवहन गलियारों और प्रमुख वाणिज्यिक तथा ‘मिश्रित उपयोग’ वाले केंद्रों के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। ‘मिश्रित उपयोग’ वाले केंद्रों का मतलब है ऐसी जगह जहां अलग-अलग तरह की गतिविधियां एक साथ होती हैं।

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के मुताबिक, ‘‘इनका विकास सघन शहरी विकास को बढ़ावा देने, शहर के अनियंत्रित विस्तार को कम करने और भूमि के प्रभावी उपयोग में मदद करेगा। 100 मंजिल से अधिक ऊंची इमारतों को ऐसी विशिष्ट इमारतों के रूप में विकसित किया जाएगा, जो दिल्ली की पहचान और स्वरूप को मजबूत करेंगी। इनका डिजाइन आसपास के शहरी परिवेश के अनुरूप होगा, सार्वजनिक स्थानों की गुणवत्ता बेहतर करेगा और दिल्ली के विशिष्ट क्षितिज के निर्माण में योगदान देगा।’’ केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मास्टर प्लान में शहर के ज्यादातर हिस्सों में आवासीय और वाणिज्यिक इमारतों की ऊंचाई पर लगी पाबंदियां हटा दी गई हैं।

मास्टर प्लान के अनुसार, प्लॉटेड हाउसिंग, इन-सीटू पुनर्वास, मिश्रित भूमि उपयोग, गोदाम और ग्रुप हाउसिंग क्षेत्रों में विभिन्न श्रेणियों की इमारतों के लिए अधिकतम ऊंचाई निर्धारित नहीं की गई है। इमारतों के नक्शों को संबंधित वैधानिक निकायों से मंजूरी लेनी होगी। यह मंजूरी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा संबंधित भूमि श्रेणी के लिए निर्धारित फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के आधार पर दी जाएगी।

मास्टर प्लान में 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित रिहायशी इलाकों में भूतल पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने का भी प्रस्ताव है। मौजूदा नियमों के तहत व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति केवल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा पहले से अधिसूचित ‘मिश्रित उपयोग’ वाली और वाणिज्यिक सड़कों पर ही है। ‘मिश्रित उपयोग’ वाली सड़कों का मतलब है ऐसी सड़कें या सड़क के किनारे के इलाके जहां अलग-अलग तरह की गतिविधियां एक साथ होती हैं।

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छह महीने सीखी उर्दू फिर गाया पाकिस्तानी राष्ट्रगान, कौन हैं सिंगर लॉरा राइट, जिसका भारत से भी कनेक्शन

ENG vs PAK 1st test: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हेडिंग्ले में शुरू हुए पहले टेस्ट से पहले ब्रिटिश सिंगर लॉरा राइट ने पाकिस्तानी राष्ट्रगान गाकर हर किसी का दिल जीत लिया. लॉरा ने बाद में बताया कि चंद मिनटों की इस परफॉर्मेंस के लिए लॉरा ने छह महीने तक उर्दू सीखी. Fri, 21 Aug 2026 09:04:57 +0530

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Jaipur CJP Workers News Updates: स्कूल का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच पार्टी के कार्यकर्ताओं का विरोध #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-21T04:10:51+00:00

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2026-08-21T04:08:06+00:00
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