Jharkhand High Court ने JPSC नियुक्ति रद्द करने का आदेश रोका, 450 कर्मचारियों को मिली राहत
झारखंड उच्च न्यायालय ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं के माध्यम से चयनित सरकारी कर्मियों की नियुक्तियां रद्द करने से संबंधित अधिसूचनाओं के अमल पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी। उच्च न्यायालय ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति को रद्द करने के आदेश के अमल पर भी रोक लगा दी। सरकारी अधिसूचनाओं के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने राज्य सरकार से अगली सुनवाई की तारीख 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, याचिकाकर्ता और अन्य कर्मचारी अपने पदों पर बने रहेंगे। यह आदेश ऐसे समय आया है जब जेपीएससी परीक्षाओं के सफल उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया क्योंकि उन्हें नौकरी चले जाने का डर सता रहा था। हालांकि, उच्च न्यायालय ने साफ़ कर दिया कि अगर जांच के दौरान किसी उम्मीदवार की नियुक्ति में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उस व्यक्ति को नतीजे भुगतने होंगे और उसकी नौकरी चली जाएगी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति पर विचार जांच पूरी होने और मामले का नतीजा आने के बाद किया जाएगा। जब दोपहर बाद साढ़े तीन बजे न्यायमूर्ति रोशन ने इस मामले की सुनवाई शुरू की, तो अदालत कक्ष वकीलों, सरकारी कर्मचारियों और सरकारी अधिसूचना से प्रभावित उम्मीदवारों से खचाखच भरा हुआ था। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को भी इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ताओं के वकील अमृतांश वत्स ने बताया कि उच्च न्यायालय ने आरंभिक तौर पर 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति रद्द करने से जुड़ी अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है। वत्स के अनुसार न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने कहा कि यह नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है, इसलिए इस मामले पर रोक लगायी जाती है। वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस आदेश से लगभग 450 उम्मीदवारों को राहत मिली है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के तौर पर चयनित 54 उम्मीदवारों को उच्च न्यायालय के आदेश से राहत मिली। ये लोग अपनी परीक्षा रद्द होने के बाद नतीजों का इंतज़ार कर रहे थे। इस आदेश के बाद राज्य सचिवालय के बाहर राहत और जश्न का माहौल देखा गया।
सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के तौर पर तैनात अनिकेत द्विवेद्वी ने कहा कि इतनी मेहनत के बाद नौकरी हासिल करने वाले उम्मीदवार इस आदेश को लेकर उच्च न्यायालय के प्रति आभारी हैं। द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपने गृह राज्य की सेवा में शामिल होने के लिए हरियाणा सरकार में कृषि विकास अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया था। गढ़वा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद पर तैनात रोहित कुमार ने कहा, ‘‘हम कल काम पर लौट जायेंगे।
अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’ अंजलि निभा मिंज ने कहा, ‘‘आखिरकार हमें राहत मिली। हम शुक्रवार से अपने काम पर लौटेंगे।’’ गुमला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद पर तैनात आशा राज ने बताया कि सरकार द्वारा रद्द की गई 22 परीक्षाओं में उनकी परीक्षा भी शामिल थी। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों के 25 दिनों के आंदोलन के बीच 18 अगस्त को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार ने 2014 से आयोजित की गयी 22 परीक्षाएं रद्द कर दीं तथा 23 अन्य की जांच के आदेश दिये।
Delhi CNG Blast: टिकरी कलां हादसे में अनधिकृत सिलेंडर की जांच में जुटी पुलिस
राष्ट्रीय राजधानी में टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन के पास एक सीएनजी स्टेशन पर ट्रक में गैस भरते वक्त हुए विस्फोट को लेकर पुलिस तथा विशेषज्ञ सिलेंडर के प्रकार, क्षमता, प्रमाणन, परीक्षण इतिहास और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साथ ही पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और तकनीकी निष्कर्षों की जांच कर रही है ताकि घटनाक्रम का क्रम जोड़ा जा सके और विस्फोट का कारण पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बताया कि बुधवार दोपहर एक ट्रक में सीएनजी भरते समय हुए विस्फोट में सीएनजी स्टेशन के तीन कर्मचारियों - मनीष (25), ब्रह्मजीत (34) और सन्नी (30) की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य सुरजीत, संजय और विपिन घायल हो गए। जांच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के इस प्रारंभिक निष्कर्ष पर भी केंद्रित है कि ट्रक में लगा सिलेंडर अनधिकृत था। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ सिलेंडर के प्रकार, क्षमता, प्रमाणन, परीक्षण इतिहास और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेंगे।
जांच में यह भी स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा कि सिलेंडर की स्थिति, फिटिंग या क्षमता का विस्फोट से कोई संबंध था या नहीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, हम ट्रक की स्थिति, विस्फोट के समय गैस भरने के चरण और उससे ठीक पहले क्या हुआ, इसकी जांच कर रहे हैं। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या कर्मचारियों ने वहां मौजूद अन्य लोगों को तुरंत मौके से दूर रहने के लिए कहा था।
सीसीटीवी फुटेज और स्टेशन पर मौजूद लोगों के बयानों का मिलान मौके से एकत्र किए गए साक्ष्यों से किया जाएगा। पुलिस दो संभावनाओं की जांच कर रही है-गैस रिसाव के बाद आग लगना, या ईंधन भरते समय अत्यधिक दबाव के कारण सिलेंडर का फट जाना। अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है।
स्टेशन के प्रेशर गेज और अन्य सुरक्षा प्रणालियों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ता इस बात की छानबीन करेंगे कि दबाव मापने वाले उपकरण ठीक से काम कर रहे थे या नहीं और क्या प्रणाली में कोई ऐसी खराबी थी जिसके कारण सीएनजी निर्धारित सीमा से अधिक सिलेंडर में भर गई थी। पुलिस उस दावे का भी सत्यापन कर रही है जिसमें कहा गया था कि घटना से लगभग 20 दिन पहले स्टेशन की पाइपलाइन में रिसाव की सूचना मिली थी।
जांच में कथित रिसाव के स्थान, मरम्मत और क्या मरम्मत के बाद पाइपलाइन का निरीक्षण किया गया था, इसका पता लगाया जाएगा। विस्फोट के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और पुलिस विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इस बीच इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि इस बात आशंका है कि वाहन में अतिरिक्त सिलेंडर लगाने के कारण यह घटना हुई है।
राजधानी में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनी आईजीएल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रक में केवल छह सीएनजी सिलेंडर लगाने की क्षमता थी। हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि घटना के समय वाहन में कुछ अतिरिक्त सिलेंडर लगाए गए थे। आईजीएल ने कहा कि इन अतिरिक्त सिलेंडर की वैधता और घटना के वास्तविक कारण की जांच संबंधित प्राधिकरणों द्वारा की जा रही है।
कंपनी ने बुधवार को हुए इस विस्फोट में लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह प्रभावित परिवारों तथा लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। आईजीएल ने अपने बयान में कहा, आईजीएल ऐसी घटनाओं के मामले में लागू सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है। आईजीएल के सभी कार्यों में सुरक्षा हमेशा से एक बुनियादी प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी।
हम उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi











