Meerut Love Jihad Controversy: मेरठ में धर्मांतरण का चौंकाने वाला मामला | breaking news
मेरठ की सड़कों पर हंगामा मचा है। सिविल लाइंस थाने के बाहर हिंदूवादी संगठन विरोध कर रहे हैं। लेकिन बहुत जल्द प्रदर्शन की आग कचहरी मस्जिद के बाहर पहुंच सकती है। There is chaos on the streets of Meerut. Hindu organizations are protesting outside the Civil Lines police station. But the protests could soon spread to the Kachari Mosque. #meerut #lovejihad #breakingnews About Channel: ज़ी न्यूज़ देश का सबसे भरोसेमंद हिंदी न्यूज़ चैनल है। जो 24 घंटे लगातार भारत और दुनिया से जुड़ी हर ब्रेकिंग न्यूज़, नवीनतम समाचार, राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़ी खबरे आपके लिए लेकर आता है। इसलिए बने रहें ज़ी न्यूज़ के साथ और सब्सक्राइब करें | Zee News is India's most trusted Hindi News Channel with 24 hour coverage. Zee News covers Breaking news, Latest news, Politics, Entertainment and Sports from India & World. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: http://zeenews.india.com/hindi Download our mobile app: https://bit.ly/ZeeNewsApps अब दिन की हर बड़ी ख़बर से रहें अपडेट, फॉलो करें ZEE News का WhatsApp चैनल: https://bit.ly/3ESf64y Subscribe to our Youtube channel: https://www.youtube.com/c/zeenews/ Watch Live TV : https://youtube.com/live/TPcmrPrygDc Like us on Facebook: https://www.facebook.com/ZeeNews/ Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/zeenews/?hl=en Get latest updates on Telegram: https://t.me/s/zeenewshindi1
Sugar Import: केंद्र ने 10 लाख टन शुल्क मुक्त चीनी आयात को मंजूरी दी
सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और उपलब्धता बढ़ाने के लिए 31 अक्टूबर तक शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके साथ ही कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने उन थोक उपभोक्ताओं पर भी भंडारण सीमा लागू कर दी है, जो हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग करते हैं। ऐसे उपभोक्ता अब अधिकतम 15 दिन की खपत के बराबर चीनी का ही भंडार रख सकेंगे।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बृहस्पतिवार को एक अधिसूचना में कहा, ‘‘कच्ची चीनी की आयात नीति में संशोधन कर 31 अक्टूबर, 2026 तक शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत 10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है।’’ यह कदम चीनी की कीमत में तेज बढ़ोतरी के बीच उठाया गया है। उद्योग संगठन के अनुसार, 2026-27 सत्र से पहले शुरुआती भंडार कम रहने के कारण चीनी की कीमत मिलों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मंगलवार को देश में चीनी की मिल में औसत कीमत 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 18 अगस्त को खुदरा चीनी कीमत सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 52.30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले साल 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी। देश में अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण चीनी की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि महीने में 10 टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले थोक उपभोक्ता 15 दिन की खपत से अधिक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे।
खाद्य मंत्रालय ने चीनी (थोक उपभोक्ताओं की भंडारण सीमा) आदेश, 2026 अधिसूचित किया है, जिसके दायरे में मिठाई बनाने वाले, शीतल पेय बनाने वाले, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मिठाई विक्रेता और अन्य संस्थागत खरीदार आएंगे। खाद्य मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सरकार के इस कदम से अटकलों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को उचित और स्थिर कीमतों पर पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।’’ यह आदेश एक सितंबर से प्रभावी होगा और 30 नवंबर तक लागू रहेगा। इससे पहले सरकार ने एक अगस्त से 30 नवंबर तक चीनी व्यापारियों के लिए 30 दिन के लिए भंडारण सीमा 4,000 क्विंटल तय की थी।
चीनी के भंडारण नियमों को सख्त करने का फैसला 2026-27 सत्र के लिए उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच लिया गया है। नया चीनी सत्र एक अक्टूबर से शुरू होगा। उद्योग के अनुमान के अनुसार, सत्र शुरू होने से पहले का भंडार 40-42 लाख टन रह सकता है, जबकि कुछ शोधकर्ताओं का अनुमान 32-35 लाख टन का है।
दोनों ही अनुमान करीब 50 लाख टन की अनुमानित घरेलू जरूरत से कम हैं। इस बीच, डीजीएफटी ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात के लिए टीआरक्यू आवेदन और वितरण प्रक्रिया भी जारी कर दी है। साथ ही अग्रिम मंजूरी योजना से टीआरक्यू योजना में एक बार बदलाव के लिए भी नियम जारी किए गए हैं।
डीजीएफटी ने कहा, ‘‘टीआरक्यू के लिए ऐसे मिलों और रिफाइनरी संचालकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं, जिनके पास कच्ची चीनी को परिष्कृत चीनी में बदलने की अपनी कार्यशील क्षमता है। आवेदन की अवधि 21 अगस्त, 2026 से 28 अगस्त, 2026 तक होगी।’’ आवेदन में आयातकों को अपनी रिफाइनिंग क्षमता का स्व-घोषणा पत्र और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी संचालन सहमति प्रमाण पत्र की प्रति जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। डीजीएफटी ने कहा कि उन आयातकों को आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी, जो 15 अक्टूबर, 2026 तक आयात पूरा करने का आश्वासन देंगे।
निर्धारित अवधि में आवंटित मात्रा का उपयोग न करना या उसे वापस करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
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