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Maharashtra RTO ने मराठी न बोलने पर 1268 ऑटोरिक्शा व टैक्सी चालकों को दिया नोटिस

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी जांच के पहले दिन मराठी का पर्याप्त ज्ञान न होने के कारण 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों - मुख्य रूप से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों - को नोटिस जारी किए गए। मंत्री ने बताया कि राज्य भर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) द्वारा ये नोटिस जारी किए गए हैं। इन चालकों को राज्य की प्राथमिक का आवश्यक कार्यसाधक ज्ञान हासिल करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है; ऐसा न करने पर उनके परमिट तीन महीने के लिए निलंबित कर दिए जाएंगे।

सरनाईक ने एक बयान में बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक कुल 8,217 चालकों का परीक्षण किया गया, जिनमें मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के 3,995 चालक शामिल हैं। एमएमआर में 604 चालक ऐसे पाए गए, जिन्हें मराठी का कार्यसाधक ज्ञान नहीं था। मंत्री ने बताया कि राज्य के शेष हिस्सों में 4,222 चालकों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 664 को नोटिस जारी किए गए।

उन्होंने बताया कि यह जांच अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा। मंत्री ने कहा, मराठी का कामकाजी ज्ञान होना केवल नियमों का पालन करने का मामला नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा है। मई में मराठी में कामकाजी दक्षता अनिवार्य करने की घोषणा के बाद, राज्य सरकार ने गैर-मराठी चालकों के लाभ के लिए मराठी का एक पाठ्यक्रम शुरू किया था।

सरकार ने उनके लिए मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त की समयसीमा भी तय की थी। आरटीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवहन आयुक्त कार्यालय से 16 सवालों की प्रश्नावली मिली है और यह प्रश्नावली कोंकण साहित्य परिषद द्वारा टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों को दिए गए मराठी प्रशिक्षण पर आधारित है, जो स्वतंत्रता दिवस पर समाप्त हुआ था। मला सीएनजी भरायचे आहे. थोडे थांबावे लागेल (मुझे सीएनजी भरवानी है।

थोड़ा रुकना पड़ेगा), माझी रिक्शा/टैक्सी शेयरिंगची आहे (मेरी ऑटो/टैक्सी शेयरिंग वाली है) और मीटर चालू केले आहे (मीटर चालू कर दिया है) ऐसे सामान्य जवाब हैं, जिनकी अधिकारियों को चालकों से अपेक्षा है। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, सवाल इस तरह तैयार किए गए हैं कि औपचारिक रूप से के ज्ञान की जांच करने के बजाय चालकों को रोजमर्रा के काम के दौरान आने वाली परिस्थितियों को परखा जा सके। इनमें यात्रियों से यह पूछना कि उन्हें कहां जाना है, गंतव्य और दिशा समझना तथा किराए, मीटर, मार्ग और टैक्सी या ऑटोरिक्शा स्टैंड के बारे में बातचीत करना शामिल है।

मध्य मुंबई के दादर में जांच कर रहे एक आरटीओ निरीक्षक ने कहा, हम यह जांच शुरू कर चुके हैं कि चालकों को मराठी आती है या नहीं। जिन लोगों को नहीं आती, उन्हें एक महीने का नोटिस दिया जाएगा और उस अवधि में मराठी सीखने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने कहा, अगर एक महीने बाद भी वे सवालों के संतोषजनक जवाब देने में सक्षम नहीं होते हैं, तो उनका बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

उन्हें सीखने के लिए फिर एक महीने का समय दिया जाएगा। यह कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने आरटीओ अधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने का भी निर्देश दिया है।

बुधवार को एक महीने के अभियान की घोषणा करते हुए मंत्री सरनाइक ने कहा था कि सरकार का उद्देश्य किसी की आजीविका प्रभावित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मराठी और राज्य की पहचान तथा संस्कृति संरक्षित रहे। उन्होंने कहा था कि 105 दिन चले अभियान के दौरान 1.65 लाख चालक पहले ही मराठी का प्रशिक्षण ले चुके हैं और उन्हें प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं तथा अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यह कदम राज्य सरकार के टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए महाराष्ट्र में मराठी का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य करने के फैसले के बाद उठाया गया है।

राज्य सरकार ने हाल में इस आवश्यकता को लागू करने के लिए महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन किया है। टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालक यूनियनों के कुछ नेताओं ने नियमों में मराठी के कामकाजी ज्ञान की स्पष्ट परिनहीं होने पर सवाल उठाए हैं। सेवा सारथी टैक्सी यूनियन के नेता डीएम गोसावी ने कहा, महाराष्ट्र सरकार ने हाल में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य करने के लिए कानून में संशोधन किया है, लेकिन कामकाजी ज्ञान से क्या मतलब है, यह स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं है।

जाहिर तौर पर इससे आरटीओ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। यूनियन नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अभियान के दौरान चालकों का आर्थिक शोषण हुआ तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारियों ने भी कहा कि नियमों में कामकाजी ज्ञान के आकलन के लिए विस्तृत परीक्षा या मानकीकृत मानदंड निर्धारित नहीं किए गए हैं।

आरटीओ के एक पूर्व अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, संशोधित नियमों में मराठी के कामकाजी ज्ञान को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है। यह स्पष्ट किया जाना चाहिए था कि बैज जारी करने से पहले आरटीओ को चालकों की मौखिक या लिखित परीक्षा लेनी चाहिए या नहीं। सरनाइक के अनुसार, ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए कार्यसाधक मराठी ज्ञान की आवश्यकता महाराष्ट्र में 1989 से मौजूद है, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था।

अब 12 अगस्त को किए गए संबंधित संशोधन के तहत इस प्रावधान को सख्ती से लागू किया जाएगा।

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Gangster Vinod Pannu की Hisar Court के बाहर गोली मारकर हत्या, एक गिरफ्तार

गैंगस्टर विनोद पन्नू उर्फ काना की बृहस्पतिवार दोपहर यहां जिला अदालत परिसर के मुख्य द्वार पर दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अदालत में सुनवाई के बाद पन्नू अपने साथियों के साथ अदालत परिसर से बाहर निकल रहा था, तभी उस पर हमला किया गया।

पुलिस ने बताया कि दोनों हमलावरों ने अदालत के द्वार पर पन्नू को निशाना बनाया और ताबड़तोड़ करीब 10 गोलियां चलाईं। घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। पन्नू हिसार जिले के थुराना गांव का रहने वाला था।

पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या समेत 31 आपराधिक मामले दर्ज थे और उसकी आपराधिक गतिविधियां दिल्ली-एनसीआर समेत विभिन्न क्षेत्रों में फैली थीं। हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने संवाददाताओं को बताया कि एक आरोपी को वारदात में इस्तेमाल हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में घायल विनोद उर्फ काना की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि गोलीबारी में घायल एक अन्य व्यक्ति खतरे से बाहर है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस हत्या के मकसद और पन्नू को निशाना बनाए जाने के कारणों की जांच कर रही है। घटना की गहन जांच के लिए पांच से छह पुलिस टीम गठित की गई हैं। विपक्ष ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि गोलीबारी, जबरन वसूली और हत्या की घटनाओं ने पूरे राज्य को हिला दिया है तथा अब अदालत परिसर भी सुरक्षित नहीं हैं।

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युवराज-भज्जी संग शेयर किया ड्रेसिंग रूम… भारत के लिए खेलने का सपना रहा अधूरा, 35 की उम्र में छोड़ा क्रिकेट

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