जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन:नाडा पैनल ने मेथेंडिएनोन मिलने पर कार्रवाई की, दूसरी बार डोपिंग टेस्ट में फेल
: भारत के जेवलिन थ्रोअर और टोक्यो ओलिंपियन शिवपाल सिंह पर दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल का बैन लगाया गया है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) के डिसिप्लिनरी पैनल ने प्रतिबंधित पदार्थ मेथेंडिएनोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह सजा सुनाई। 31 साल के शिवपाल के लिए यह बैन उनके करियर का अंत माना जा रहा है। शिवपाल 2019 एशियन चैंपियनशिप में 86.23 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। वे टोक्यो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2021 में भी डोपिंग में फंसे थे, 4 साल की सजा 1 साल हुई थी शिवपाल का सैंपल 2021 में हुए आउट-ऑफ-कंपटीशन टेस्ट में स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव आया था। अगस्त 2022 में NADA के डिसिप्लिनरी पैनल ने उन्हें दोषी मानते हुए 4 साल का बैन लगाया था। शिवपाल ने अपील में कहा था कि जिस सप्लीमेंट का उन्होंने इस्तेमाल किया था, उसमें प्रतिबंधित पदार्थ मिला हुआ था। जनवरी 2023 में NADA के अपील पैनल ने उनका पक्ष स्वीकार करते हुए बैन को 4 साल से घटाकर 1 साल कर दिया। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2023 में वापसी की। वापसी के बाद नेशनल गेम्स में जीता गोल्ड वापसी के बाद शिवपाल ने जून 2023 में भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने गोवा में हुए 2023 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एमवी जिल्ना भी दूसरे डोपिंग मामले में प्रोविजनली सस्पेंड स्प्रिंटर एमवी जिल्ना को भी दूसरे डोपिंग मामले में प्रोविजनली सस्पेंड किया गया है। उनका सैंपल प्रतिबंधित पदार्थ मेफेन्टरमाइन के लिए पॉजिटिव पाया गया है। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… हेप्टाथलॉन गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय डोप टेस्ट में पॉजिटिव:स्वप्ना बर्मन को NADA ने सस्पेंड किया; इसी महीने संन्यास लिया था भारत की एथलीट और 2018 एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट स्वप्ना बर्मन डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई हैं। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। 29 साल की स्वप्ना के सैंपल में बोल्डेनोन नाम का प्रतिबंधित पदार्थ मिला है। पूरी खबर
Ayodhya Ram Mandir परिसर का निर्माण 30 सितंबर तक होगा पूरा, नृपेंद्र मिश्रा ने दी जानकारी
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि मंदिर परिसर में शेष निर्माण कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है और सितंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘30 सितंबर तक राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। 30 अक्टूबर तक एलएंडटी और टाटा के लोग भी अपना कार्य पूरा करके चले जाएंगे।’’ मिश्रा ने कहा कि राजकीय निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा सभागार और संग्रहालय का निर्माण मुख्य मंदिर परिसर के पूरा होने के बाद भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ऑडिटोरियम और संग्राहलय का काम मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
मिश्रा ने कहा कि संग्रहालय की सभी दीर्घाओं के लिए कथानक पहले ही तैयार किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगला कदम इन कहानियों को वीडियो फॉर्म में बदलना होगा। आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञ यह काम करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि निर्माण और संबंधित कार्य पूरा होने के बाद भक्तों को फरवरी-मार्च 2027 के बाद संग्रहालय में जाने की अनुमति दी जाएगी।
मिश्रा ने कहा कि मंदिर परिसर के चारों ओर की चारदीवारी दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि एलएंडटी, टाटा और परियोजना से जुड़े अन्य आपूर्तिकर्ताओं को किए गए भुगतान की मंदिर ट्रस्ट की बैठक के दौरान विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
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