Responsive Scrollable Menu

Explainer: नितिन नबीन की नई टीम में क्या है खास? 2029 की तैयारी से संगठन, युवा और सामाजिक समीकरण तक समझिए पूरा प्लान

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में संगठन के अनुभवी चेहरों के साथ प्रोफेशनल विशेषज्ञता, युवा नेतृत्व और सामाजिक-क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन दिखाई देता है। टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री और 16 राष्ट्रीय मंत्रियों समेत कई पदों पर नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

नई टीम की संरचना को 2029 के लोकसभा चुनाव की दीर्घकालिक तैयारियों और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि नितिन नबीन की नई टीम में ऐसा क्या है, जो इसे खास बनाता है? आइए समझते हैं।

संगठन के अनुभवी चेहरों पर भरोसा, साथ में नए प्रयोग

नई टीम में भाजपा ने लंबे संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वहीं राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी मिलना भी नई टीम के अहम फैसलों में शामिल है। उनके साथ शिवप्रकाश को भी इसी पद पर नियुक्त किया गया है। यानी संगठन के अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देते हुए टीम में अलग-अलग क्षेत्रों और पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को भी जगह दी गई है।

प्रोफेशनल विशेषज्ञता को भी जगह

नई राष्ट्रीय टीम में राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव के साथ विशेषज्ञता को भी महत्व दिया गया है। डॉ. स्वदेश सिंह को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। वहीं डॉ. मधुचंद्रा कर और प्रो. एम. नागराज को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

इससे पार्टी की राष्ट्रीय टीम में शिक्षा और विशेषज्ञता से जुड़े चेहरों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है।

उम्र के हिसाब से भी संतुलन

पार्टी की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, नई टीम में अलग-अलग आयु वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

आयु वर्ग     राष्ट्रीय टीम में सदस्य
40 वर्ष से कम    6
40 से 49 वर्ष 15
50 से 59 वर्ष   21

इससे टीम में युवा और अनुभवी नेतृत्व को साथ रखने का प्रयास दिखाई देता है।

2029 के लोकसभा चुनाव पर फोकस

नई टीम की संरचना को 2029 के लोकसभा चुनाव की दीर्घकालिक तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। टीम में ऐसे नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं, जिनका अलग-अलग राज्यों में संगठन और चुनावी प्रबंधन का अनुभव रहा है।

भाजपा की नई सूची में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर समेत कई क्षेत्रों को राष्ट्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व मिला है।

सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर

नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। आपके उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 40 प्रतिशत से अधिक सदस्य वंचित समाज से आने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश से हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। नागालैंड से फांगनोन कोन्याक को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।

दक्षिण भारत से भी कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। आंध्र प्रदेश की डी. पुरंदेश्वरी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी हैं, जबकि तमिलनाडु से डॉ. एम. वेंकटेशन को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है।

युवा चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

नई टीम में युवा नेताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश की संगीता यादव और पूर्वोत्तर से मृगांक बर्मन को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 40 वर्ष से कम उम्र के छह सदस्यों को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।

तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को राष्ट्रीय टीम में जगह

नई राष्ट्रीय टीम में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी जगह मिली है।

  1. वसुंधरा राजे सिंधिया -  राजस्थान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  2. तीर्थ सिंह रावत -  उत्तराखंड, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  3. बिप्लब कुमार देब -  त्रिपुरा, राष्ट्रीय महामंत्री

वसुंधरा राजे और तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा बिप्लब कुमार देब को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।

स्मृति ईरानी और सुनील बंसल को बड़ी जिम्मेदारी

नई टीम में स्मृति ईरानी और सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। राष्ट्रीय महामंत्री की सूची में विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, डॉ. सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया शामिल हैं।

सौदान सिंह की वापसी भी बड़ा संकेत

नई टीम में सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनके साथ शिवप्रकाश को भी यही जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति नई टीम में संगठनात्मक अनुभव को दिए गए महत्व को रेखांकित करती है।

पूरी टीम का संदेश क्या है?

अगर पूरी टीम को एक साथ देखा जाए तो चार प्रमुख स्तर दिखाई देते हैं-

संगठन का अनुभव + प्रोफेशनल विशेषज्ञता + युवा नेतृत्व + सामाजिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व।

एक तरफ सौदान सिंह, सुनील बंसल, राम माधव और विनोद तावड़े जैसे अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। दूसरी तरफ युवा नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह दी गई है।

साथ ही पूर्व मुख्यमंत्रियों, प्रोफेसरों, विशेषज्ञों और अलग-अलग सामाजिक एवं क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को टीम में शामिल किया गया है।

बहरहाल, नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम को केवल पदों की घोषणा के तौर पर देखने के बजाय इसे भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और 2029 की दीर्घकालिक राजनीतिक तैयारियों के संदर्भ में देखा जा सकता है। टीम में अनुभव को बनाए रखते हुए नए चेहरों, युवाओं, विशेषज्ञों और विभिन्न राज्यों-सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है। यही इस नई टीम की सबसे बड़ी खासियत है।

Continue reading on the app

Navin New Team: दीपक म्हस्के कौन हैं? अमित मालवीय की जगह BJP IT Cell की कमान संभालने वाले नेता की पूरी प्रोफाइल

BJP IT Cell के नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। अमित मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को पार्टी के राष्ट्रीय डिजिटल विंग की जिम्मेदारी दी गई है। रायपुर के वरिष्ठ बीजेपी नेता म्हास्के चुनावी डेटा, टेक्नोलॉजी और संगठनात्मक काम के अनुभव के लिए जाने जाते हैं। केमिस्ट्री में M.Sc. के साथ उन्होंने सीमेंट टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की भी पढ़ाई की है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं। इसके अलावा खेती, बागवानी और ऑर्गेनिक फार्मिंग से जुड़े उनके लंबे अनुभव ने उन्हें जमीनी मुद्दों की भी समझ दी है।

संगठन और पश्चिम बंगाल चुनाव में रही अहम भूमिका
अमित मालवीय ने पार्टी के डिजिटल अभियानों को धार देने और सोशल मीडिया पर संगठन की पकड़ मजबूत करने में एक लंबी और अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा, वह पश्चिम बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के सिलसिले में भी उनकी सक्रियता और भूमिका काफी चर्चाओं में रही थी।

सोशल मीडिया टीम में भी हुए बड़े बदलाव
आईटी सेल के प्रमुख में बदलाव के साथ-साथ पार्टी ने अपनी सोशल मीडिया टीम में भी कई नए चेहरों को शामिल किया है। बीजेपी ने अलग-अलग राज्यों से चार नए सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं, जिनमें महाराष्ट्र से प्रीति गांधी, दिल्ली से शिवानंद द्विवेदी, उत्तराखंड से आलोक भट्ट और हरियाणा से अरुण यादव का नाम शामिल है। हालांकि, अनिल बलूनी अपने पद पर बने हुए हैं और वह आगे भी बीजेपी के मीडिया कन्वीनर की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पैठ मजबूत करने की कवायद
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी का यह व्यापक संगठनात्मक बदलाव आने वाले चुनावी अभियानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी रणनीतिक पहुंच को और अधिक धार देने की एक बड़ी कवायद है। पार्टी ने आईटी और सोशल मीडिया विंग के अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, महासचिवों और सचिवों की सूची में भी कई बड़े और चौंकाने वाले फेरबदल किए हैं।

दीपक म्हास्के कौन हैं?
रायपुर के वरिष्ठ बीजेपी नेता दीपक म्हास्के को पार्टी की राष्ट्रीय डिजिटल टीम में अहम जिम्मेदारी मिली है। वह संगठनात्मक अनुभव, चुनावी डेटा की समझ, टेक्नोलॉजी की जानकारी और जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने के अनुभव के लिए जाने जाते हैं। वह छत्तीसगढ़ बीजेपी के स्थायी आमंत्रित सदस्य भी हैं।

दीपक म्हास्के की पढ़ाई-लिखाई और प्रोफेशनल बैकग्राउंड
म्हास्के ने केमिस्ट्री में M.Sc. किया है। इसके अलावा उनके पास सीमेंट टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का सर्टिफिकेट भी है। संगठन और राजनीति में सक्रिय रूप से जुड़ने से पहले उन्होंने कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर के तौर पर अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की थी।

उनका अनुभव सिर्फ शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। म्हास्के ने बागवानी, ऑर्गेनिक खेती और कृषि से जुड़े दूसरे कामों में 35 साल से ज्यादा समय बिताया है। इस वजह से उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और जमीनी स्तर के मुद्दों की भी अच्छी समझ है।

चुनावी डेटा और संगठन में अनुभव
बीजेपी में म्हास्के खास तौर पर चुनावी डेटा जुटाने, उसके विश्लेषण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। चुनाव प्रबंधन में डेटा के इस्तेमाल की उनकी समझ उनकी नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

पार्टी के डिजिटल और सोशल मीडिया संगठन की राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके तकनीकी ज्ञान और चुनावी डेटा के अनुभव का इस्तेमाल बीजेपी की डिजिटल रणनीति को और मजबूत करने में किया जा सकता है।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: यशस्वी जायसवाल की कोलंबो में श्रीलंकाई खिलाड़ी से हुई लड़ाई, छुड़ाने के लिए करना पड़ा बीच-बचाव, VIDEO

यशस्वी जायसवाल की असिथा फर्नांडों के साथ लड़ाई इतनी बढ़ गई कि उनके बीच बचाव के लिए दूसरे खिलाड़ियों को आना पड़ा. ये घटना कोलंबो में भारत की पहली पारी के 17वें ओवर के दौरान घटी. Sun, 23 Aug 2026 11:55:05 +0530

  Videos
See all

परिवारवाद और तुष्टीकरण पर अखिलेश यादव का कबूलनामा | Samajwadi Party | UP News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-23T07:11:13+00:00

Moradabad: सुनाई न दे जाए भगवान का भजन, इसलिए बंद कर लिए कान #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-23T07:15:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers