Air India Flight: एयर इंडिया के 2 पायलट की ड्रग टेस्ट रिपोर्ट ‘नॉन-नेगेटिव’, दोनों ड्यूटी से हटाए गए, टर्बुलेंस हादसे के बाद कड़ी जांच
Air India Flight: एयर इंडिया ने अपने पायलटों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और सख्त कर दी है। 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में हुई टर्बुलेंस की घटना के बाद पायलटों की जांच के दौरान 2 और पायलटों की शुरुआती ड्रग टेस्ट रिपोर्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ आई है। दोनों पायलटों को एहतियातन तत्काल उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।
दोनों पायलटों के सैंपल अब पुष्टि के लिए लैब भेजे गए हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शुरुआती नतीजे किसी प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के कारण आए हैं या किसी वैध दवा के प्रभाव की वजह से।
5,000 से ज्यादा पायलटों की होगी जांच
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 अगस्त से अपने सभी पायलटों के लिए साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच अनिवार्य कर दी है। एयरलाइंस में 5,000 से अधिक पायलट हैं और अब तक करीब 400 पायलटों की जांच पूरी हो चुकी है।
इस टेस्टिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पायलट उड़ान से पहले या बाद में ऐसे प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन न कर रहा हो, जो उसकी मानसिक या शारीरिक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
Two more #AirIndia pilots have reportedly returned non-negative results in preliminary screening tests for psychoactive substances, adding to concerns over substance-abuse screening among flight crew following the recent Phuket-Delhi flight incident. https://t.co/XjMVmvujCO pic.twitter.com/irmxkG9FeR
— Aviation India (@Aviation_India) August 17, 2026
4 अगस्त की घटना के बाद बढ़ी सख्ती
यह कार्रवाई 4 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना के बाद तेज हुई। एयरबस A320neo विमान फुकेत से दिल्ली आ रहा था। उड़ान के दौरान अचानक तेज टर्बुलेंस के कारण विमान कुछ ही सेकंड में करीब 300 फीट नीचे चला गया।
विमान में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर समेत कुल 145 लोग सवार थे। घटना में कम से कम 24 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
घटना के बाद फ्लाइट के कैप्टन का ड्रग टेस्ट किया गया। शुरुआती जांच में रिपोर्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ आई थी और बाद में पुष्टि परीक्षण में मारिजुआना के सेवन की पुष्टि हुई।
अंतिम लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
हाल में सामने आए दोनों नए मामलों पर एयर इंडिया की ओर से अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एयरलाइन के लिए अंतिम लैब रिपोर्ट अहम होगी, क्योंकि उसी के आधार पर यह तय किया जाएगा कि दोनों पायलटों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाए।तब तक सुरक्षा मानकों को देखते हुए दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से बाहर रखा गया है।
Dimagi Naxal Social Media Buzz: पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर इंटरनेट पर नया ट्रेंड; इंस्टाग्राम पर 2.4 लाख पार हुए पेज के फॉलोअर्स
15 अगस्त के मौके पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन अब ऐसे 'दिमागी नक्सली' सक्रिय हैं जो वैचारिक स्तर पर देश में अशांति फैलाने की फिराक में रहते हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ऐसे तत्वों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने का आह्वान किया था। इस भाषण के बाद सोशल मीडिया पर इस शब्द को लेकर एक नई बहस छिड़ गई, जिसे कई डिजिटल यूजर्स ने राजनीतिक व्यंग्य और मीम्स का रूप दे दिया।
2.43 लाख से अधिक फॉलोअर्स के साथ इंटरनेट पर छा गया पेज
प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर 'Dimagi Naxal Party' (@dimaginaxalpartyy) नाम से एक पेज शुरू किया गया। शुरुआत में कुछ ही घंटों के भीतर इस पर हजारों लोग जुड़े और अब तक इस पेज पर 83 से ज्यादा पोस्ट शेयर किए जा चुके हैं, जबकि इसके फॉलोअर्स की संख्या बढ़कर 2.43 लाख से ज्यादा हो चुकी है। यह पेज न सिर्फ इंस्टाग्राम बल्कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर भी तेजी से चर्चा बटोर रहा है।
'थिंक, रिसर्च, रेसिस्ट' के नारे के साथ युवाओं की आवाज बनने का दावा
इस पेज के बायो और प्रोफाइल पर 'Think | Research | Resist' का स्लोगन लिखा गया है। इसके अलावा पेज पर युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर व्यंग्यात्मक रील्स, वीडियो और मीम्स साझा किए जा रहे हैं। कई यूजर्स खुद को 'दिमागी नक्सल' बताते हुए वीडियो बना रहे हैं, जिनमें प्रशासनिक लापरवाही, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और धर्म की राजनीति पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। रेडिट (Reddit) और अन्य डिस्कशन फोरम्स पर भी इसे असहमति और विरोध दर्ज कराने का एक नया डिजिटल तरीका बताया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी जैसा डिजिटल ट्रेंड
सोशल मीडिया विश्लेषक इस ट्रेंड की तुलना पूर्व में वायरल हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अभियान से कर रहे हैं। गौरतलब है कि उस समय मुख्य न्यायाधीश की एक कथित टिप्पणी के विरोध में युवाओं ने सोशल मीडिया पर यह नाम देकर पेज बनाया था, जिसके कुछ ही दिनों में करोड़ों फॉलोअर्स हो गए थे। उसी तर्ज पर अब 'दिमागी नक्सल' शब्द को भी सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी डिजिटल पहचान और व्यंग्यात्मक मंच बना लिया है।
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