आज का पंचांग 17 अगस्त 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जो शाम 05:01 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: सोमवार
- नक्षत्र: चित्रा-अगली सुबह 4:59 बजे तक
- योग: शुभ-अगली सुबह 3:30 बजे तक
- करण: बालव-शाम 5:01 बजे तक, इसके बाद कौलव करण
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM से 01:08 PM
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:50 AM से 05:35 AM
- अमृत काल: 10:16 PM से 11:57 PM
- विजय मुहूर्त: 02:50 PM से 03:41 PM
राहुकाल
- राहुकाल: 07:30 AM से 09:08 AM
- यमगण्ड: 10:48 AM से 12:26 PM
- गुलिक काल: 01:54 PM से 03:32 PM
- दुर्मुहूर्त: 12:17 PM से 01:08 PM के आसपास
राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक और दुर्मुहूर्त स्थान के अनुसार बदलते हैं। आपके दिए हुए समय दिल्ली के अनुसार हैं; स्थानीय पंचांग में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। उदाहरण के लिए, 17 अगस्त के लिए नई दिल्ली का राहुकाल 7:29–9:08 AM भी दिया गया है।
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: 05:50 AM
- सूर्यास्त: 06:59 PM
- चंद्रोदय: लगभग 10:15 AM
- चंद्रास्त: लगभग 09:35 PM
आज के व्रत
- नाग पंचमी व्रत
- श्रावण सोमवार व्रत
आज का पर्व
नाग पंचमी-आज श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जा रही है।
आज का धार्मिक महत्व
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। साथ ही आज सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। भक्त नाग देवता को दूध, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करते हैं तथा भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर नाग पूजा से सर्प भय से रक्षा और सुख-शांति की कामना की जाती है। नाग पंचमी पूजा का विशेष समय: लगभग 06:04 AM से 08:39 AM तक बताया गया है।
आज राहुकाल कब है?: आज सोमवार होने के कारण राहुकाल सुबह 7:30 बजे से 9:08 बजे तक है।
Malwa Style Bati: मालवी स्वाद से भरी बाटी लगेगी लाजवाब! इन टिप्स से करें तैयार, अंदर से सॉफ्ट बाहर से बनेगी कुरकुरी
Malwa Style Bati Recipe: मालवा का खान-पान अपने देसी स्वाद, भरपूर मसालों और मिट्टी से जुड़े पारंपरिक व्यंजनों के लिए खास पहचान रखता है। इसी स्वाद की झलक मालवी बाटी में भी देखने को मिलती है। ऊपर से सुनहरी और हल्की कुरकुरी, जबकि अंदर से नरम और स्वादिष्ट बाटी दाल, चटनी, सब्जी या भरपूर घी के साथ परोसी जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है। इसे घर पर बनाना आसान है, बस आटा गूंथने और सेंकने के तरीके में थोड़ी सावधानी जरूरी है।
अक्सर घर पर बाटी बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी यह आती है कि वह बाहर से तो अच्छी तरह सिक जाती है, लेकिन अंदर से काफी सख्त हो जाती है। कुछ आसान कुकिंग टिप्स अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। आटे में सही मात्रा में मोयन डालने से लेकर बाटी को सही तापमान पर सेंकने तक हर स्टेप इसका टेक्सचर तय करता है। आइए जानते हैं मालवी अंदाज की सॉफ्ट और कुरकुरी बाटी बनाने का आसान तरीका।
सही आटा है स्वादिष्ट बाटी का राज
बाटी के लिए गेहूं के आटे का इस्तेमाल करें। इसमें थोड़ा सूजी या बारीक रवा मिलाने से बाहरी हिस्सा अच्छा कुरकुरा बन सकता है। आटे में पर्याप्त मात्रा में घी का मोयन डालना बेहद जरूरी है। मोयन इतना होना चाहिए कि आटे को मुट्ठी में दबाने पर वह आसानी से बंध जाए। इसके बाद धीरे-धीरे पानी डालकर थोड़ा सख्त लेकिन चिकना आटा गूंथें।
आटे को दें थोड़ा आराम
आटा गूंथने के तुरंत बाद बाटी बनाने के बजाय इसे करीब 15-20 मिनट ढककर रख दें। इससे आटा सेट हो जाता है और बाटी का टेक्सचर बेहतर बनता है। इसके बाद आटे को बराबर हिस्सों में बांटकर गोल लोइयां तैयार करें। मालवी स्वाद के लिए चाहें तो इनमें हल्का मसाला, अजवाइन या थोड़ी सी कसूरी मेथी भी मिलाई जा सकती है।
लोइयों में हल्की दरारें जरूर बनाएं
बाटी की गोल लोई तैयार करने के बाद उसके ऊपर अंगूठे या उंगली से हल्का दबाव देकर छोटी दरारें या निशान बना सकते हैं। इससे गर्मी अंदर तक पहुंचने में मदद मिलती है और बाटी बाहर से बहुत ज्यादा सख्त होने से बच सकती है। लोई को बहुत ज्यादा दबाकर चपटा करने की जरूरत नहीं है। इसका आकार गोल और पर्याप्त मोटा रखें।
धीमी-मध्यम आंच पर करें तैयार
बाटी को बहुत तेज आंच पर सेंकने से बाहर का हिस्सा जल्दी कड़ा या ज्यादा भूरा हो सकता है, जबकि अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है। इसलिए इसे नियंत्रित धीमी-मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पकाएं। ओवन, तंदूर, गैस या एयर फ्रायर में बनाते समय उपकरण के अनुसार तापमान और समय थोड़ा अलग हो सकता है। बीच-बीच में बाटी को घुमाते रहें, ताकि चारों तरफ से एकसमान सिके।
आखिर में घी का लगाएं तड़का
बाटी अच्छी तरह सुनहरी और कुरकुरी हो जाए तो इसे हल्का दबाकर या फोड़कर ऊपर से गर्म घी डालें। घी अंदर तक पहुंचने से बाटी का स्वाद बढ़ जाता है और उसका अंदरूनी हिस्सा ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। इसे गर्मागर्म दाल, लहसुन की चटनी, हरी चटनी और प्याज के साथ परोसें।
इन गलतियों से बचें
आटे में बहुत कम मोयन डालना, जरूरत से ज्यादा पानी डालकर आटा बहुत नरम कर देना और तेज आंच पर बाटी सेंकना आम गलतियां हैं। इसके अलावा बाटी को एक ही तरफ छोड़ देने से भी वह असमान रूप से पक सकती है। सही मोयन, संतुलित आटा और धीमी-मध्यम आंच का इस्तेमाल करेंगे तो घर पर भी मालवी अंदाज की बाहर से कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट बाटी तैयार की जा सकती है।
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लेखक: (कीर्ति)
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