हैदराबाद की 'रेती वाली दरगाह': न संगमरमर की मजार, न चादर का रिवाज.... कच्ची रेत पर मांगते हैं दुआएं, जानें क्या हैं रहस्य
Reti Wali Dargah Hyderabad History: हैदराबाद के पत्थरगट्टी में स्थित हजरत सैयद सादुल्लाह शाह नक्शबंदी (रह.) की 'रेती वाली दरगाह' अपनी सादगी के लिए जानी जाती है. यहाँ पक्की मजारों की जगह चार मजारें बारीक कच्ची रेत के रूप में मौजूद हैं. दरगाह पर चादर चढ़ाना मना है; अकीदतमंद केवल इत्र और ताजे फूल चढ़ाकर रेत पर हथेलियों के निशान बनाकर दुआ मांगते हैं. नक्शबंदिया सिलसिले के इस केंद्र में सूफी संत ने 25 वर्षों तक भाईचारे का संदेश दिया. हर साल जमादि-उल-अव्वल महीने में यहाँ उर्स आयोजित होता है.
पुलिस चौकी के बाहर झूमने लगी दादी, डांस देख पुलिसकर्मी ने भी मिलाए कदम से कदम, दोनों की खुशी ने जीता दिल!
बिजनौर में पुलिस स्टेशन के बाहर बुजुर्ग महिला को गाने पर डांस करता देख पुलिसकर्मी भी उनके साथ थिरकने लगे. पुलिसवाले की इस प्यारी पहल और महिला की खुशी ने सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया.
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