Gold Rally: 31 जुलाई के बाद सोने में करीब 10% तेजी, जानें क्यों बढ़े दाम और आगे क्या उम्मीद
सोने की कीमतों में 31 जुलाई के बाद जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 9-10% चढ़ चुका है, जबकि एमसीएक्स पर इसकी कीमत में लगभग 8% की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका की महंगाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीद, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी ने इस तेजी को मजबूत किया।
ऑगमोंट की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनीशा चेनानी के मुताबिक, जुलाई में अमेरिका की सीपीआई महंगाई घटकर 3.4% पर आने से फेड के रुख में नरमी की उम्मीद बढ़ी है। ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की आशंका कम होने से सोने को फायदा मिला।
सोने की कीमतों में क्यों हुआ इजाफा?
सोना ऐसा निवेश है जिस पर ब्याज नहीं मिलता। इसलिए ब्याज दरें कम होने की उम्मीद बढ़ने पर इसकी तुलना में सोना निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाता है। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया है।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग
सोने में तेजी की दूसरी बड़ी वजह भू-राजनीतिक तनाव है। मिडिल ईस्ट में जारी अनिश्चितता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख किया है।
बुलियन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की तेजी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि आर्थिक, भू-राजनीतिक और निवेश से जुड़े कई कारणों का नतीजा है।
केंद्रीय बैंक और ETF खरीदारी भी बढ़ी
सोने को केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और एशिया में बढ़ती भौतिक मांग से भी समर्थन मिल रहा है। वहीं, गोल्ड आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में दोबारा निवेश बढ़ने के संकेत मिले हैं। इससे संस्थागत निवेशकों की बाजार में वापसी का संकेत मिलता है।
तकनीकी स्तर पर भी सोने ने 4200 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर को पार किया है। इसके बाद मोमेंटम आधारित खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग ने तेजी को और रफ्तार दी।
आगे क्या करें निवेशक?
रेनीशा चेनानी के मुताबिक मौजूदा निवेशक तेजी के बीच होल्ड कर सकते हैं। नए निवेशकों को ऊंची कीमत पर एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से निवेश करने पर विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक 4350 डॉलर के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट हो सकता है।
हालांकि, इतनी तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली या कुछ समय के लिए कीमतों में ठहराव आ सकता। अमेरिका के पीपीआई, रिटेल सेल्स के आंकड़े और फेडरल रिजर्व के बयान आगे सोने की दिशा तय करने में अहम होंगे। डॉलर या अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आने पर सोने पर अस्थायी दबाव भी बन सकता है।
कुल मिलाकर गोल्ड के लिए आगे क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का लंबी अवधि का रुझान अभी सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, हालिया तेजी के बाद हल्की गिरावट या कंसोलिडेशन बाजार के लिए सामान्य और स्वस्थ प्रक्रिया हो सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
Mojtaba Khamenei Video : इजराइली मीडिया के दावों के बीच ईरान ने जारी किया मोजतबा खामेनेई का नया वीडियो, स्वस्थ नजर आए सुप्रीम लीडर
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत और उनकी मौजूदगी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मध्य पूर्व के राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। इस बीच ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर न्यूज' ने एक वीडियो जारी करके इन सभी अटकलों पर पूर्णविराम लगाने का प्रयास किया है।
सामने आए ताजा वीडियो में मोजतबा खामेनेई बिल्कुल ठीक और सेहतमंद दिखाई दे रहे हैं। वे एक कमरे में गद्दे पर बैठे हुए हैं और उनके सामने मौजूद कुछ लोगों से बेहद शांत व सामान्य तरीके से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो के जारी होने के बावजूद इसकी सटीक तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Iran’s Mehr RELEASES VIDEO of Supreme Leader Mojtaba Khamenei for ‘FIRST TIME’ pic.twitter.com/v3Rp81VfLH
— RT (@RT_com) August 8, 2026
इजराइली मीडिया ने किया था गंभीर स्थिति और अस्पताल में भर्ती होने का दावा
ईरानी मीडिया द्वारा यह वीडियो जारी किए जाने से ठीक पहले इजराइली मीडिया की ओर से मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए गए थे। इजराइल के 'चैनल 14' और 'द यरूशलम पोस्ट' ने ईरानी प्रशासन के करीबी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि मोजतबा की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यरूशलम पोस्ट ने यहां तक दावा कर दिया था कि शीर्ष नेतृत्व में उनकी सेहत को लेकर काफी खौफ बना हुआ है। इसके अलावा विदेशी मीडिया और सऊदी अरब के समाचार आउटलेट 'अल-हदथ' ने दावा किया था कि खामेनेई इस समय ईरान में मौजूद ही नहीं हैं।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने माना था 'सीधा संपर्क साधना बेहद मुश्किल'
इजराइली और पश्चिमी मीडिया के इन दावों को बल इसलिए भी मिल रहा था क्योंकि खुद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हाल ही में एक सरकारी टीवी इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इस समय मोजतबा खामेनेई के साथ सीधा संपर्क साधना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। हालांकि, पेजेशकियान ने तुरंत यह भी स्पष्ट किया था कि मोजतबा का होना ही देश के लिए सबसे बड़ी ताकत और ढाल है। राष्ट्रपति के इस बयान के बाद उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कयासबाजी और तेज हो गई थी।
अफवाहों का खंडन करने की रणनीति या पुराना वीडियो?
ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा इस वीडियो को जारी करने के पीछे मुख्य उद्देश्य इजराइल और पश्चिमी देशों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को खारिज करना माना जा रहा है। वीडियो में मोजतबा खामेनेई को बिना किसी शारीरिक परेशानी के सामान्य मुद्रा में देखा जा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अपने सुप्रीम लीडर की स्थिति को लेकर दुनिया के सामने मजबूती पेश करना चाहता है। हालांकि, वीडियो की रिकॉर्डिंग की तारीख स्पष्ट न होने के कारण पश्चिमी विशेषज्ञ अभी भी इसके ताजा होने पर सवाल उठा रहे हैं।
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