UP Board compartment result 2026: यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के नतीजे घोषित, upmsp.edu.in पर करें चेक
UP Board compartment result 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने आज, 17 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे कक्षा 10वीं और 12वीं के कंपार्टमेंट परीक्षा के परिणाम आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर घोषित कर दिए हैं। यह रिजल्ट उन विद्यार्थियों के लिए जारी किया गया है जिन्होंने हाई स्कूल कंपार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा 2026 और इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 में हिस्सा लिया था। छात्र अपने प्रवेश पत्र (admit card) में दी गई जानकारी की मदद से आसानी से ऑनलाइन स्कोर देख सकते हैं।
10वीं हाई स्कूल कंपार्टमेंट रिजल्ट का विश्लेषण
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हाई स्कूल कंपार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा के लिए कुल 20,855 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इसमें 15,705 छात्र और 5,150 छात्राएं शामिल थीं। पंजीकृत छात्रों में से 19,394 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से कुल 19,191 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए हैं।
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— Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) August 17, 2026
इस परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 98.95% दर्ज किया गया है। लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.91% रहा, जबकि लड़कियों ने बाजी मारते हुए 99.10% पास प्रतिशत दर्ज किया है।
12वीं इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट रिजल्ट के आंकड़े
इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के लिए कुल 21,227 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था, जिनमें 11,256 लड़के और 9,971 लड़कियां थीं। इस परीक्षा में 20,540 छात्र-छात्राएं शामिल हुए और 16,286 उम्मीदवार सफल रहे।
इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 79.29% रहा है। इसमें भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा है। लड़कियों का पास प्रतिशत 81.41% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 77.39% दर्ज किया गया।
ऑनलाइन रिजल्ट कैसे देखें?
छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना 10वीं या 12वीं का कंपार्टमेंट रिजल्ट देख सकते हैं:
- सबसे पहले यूपीएमएसपी की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।
- होम पेज पर दिए गए हाई स्कूल कंपार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट या इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षा रिजल्ट 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
- अपनी कक्षा (कक्षा 10 या कक्षा 12) के अनुसार सही रिजल्ट लिंक का चयन करें।
- स्क्रीन पर रिजल्ट लॉगिन पेज खुलने पर अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रोल नंबर और स्कूल कोड जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
- सबमिट बटन पर क्लिक करें।
- आपका यूपी बोर्ड कंपार्टमेंट रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
- अंकों और क्वालीफाइंग स्टेटस की सावधानीपूर्वक जांच करें।
- भविष्य की जरूरत के लिए रिजल्ट को डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
NALSAR Controversy: ‘नालसर का निमंत्रण कभी स्वीकार ही नहीं किया’, CJI सूर्यकांत बोले- दीक्षांत समारोह में जाने का सवाल ही नहीं उठता
NALSAR Controversy: नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद से जुड़े विवाद में अब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की प्रतिक्रिया सामने आई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की ओर से 2026 में NALSAR से ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक लगाने के फैसले के बाद विवाद काफी बढ़ गया था। बाद में BCI ने अपना फैसला वापस लेते हुए सभी 2026 बैच के छात्रों के एडवोकेट के रूप में एनरोलमेंट का रास्ता साफ कर दिया। इसी बीच CJI सूर्यकांत ने कहा है कि उन्होंने NALSAR के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया था।
CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?
CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि NALSAR की ओर से उन्हें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए सहमति नहीं दी थी। उनके मुताबिक, जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया तो समारोह में उनके शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।
NALSAR ने कुछ दिन पहले पुष्टि की थी कि परंपरा के अनुसार CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। समारोह अगस्त के अंत या सितंबर में आयोजित होने की संभावना बताई गई थी।
छात्रों ने CJI को मुख्य अतिथि बनाने का किया था विरोध
NALSAR के करीब 1,400 छात्रों में से लगभग 400 छात्रों ने CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। छात्रों ने 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए मार्च से संबंधित सुनवाई के दौरान CJI की टिप्पणियों और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी।
इसी विरोध के बीच BCI की ओर से 13 अगस्त को एक सर्कुलर जारी किया गया। इसमें सभी राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया गया था कि NALSAR से 2026 में ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न किया जाए।
BCI ने छात्रों के खिलाफ मांगी थी जानकारी
BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने यूनिवर्सिटी से उन छात्रों की जानकारी वाली रिपोर्ट भी मांगी थी, जिन पर CJI की प्रस्तावित समारोह में भागीदारी के विरोध में अभियान आयोजित करने या छात्रों को लामबंद करने का आरोप था।
BCI की इस कार्रवाई के बाद कानूनी और छात्र समुदाय के स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने BCI की इस दखलंदाजी पर नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि किसी भी लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों या फैकल्टी के खिलाफ BCI अथवा किसी राज्य बार काउंसिल की ओर से दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।
'यह बिल्कुल अनावश्यक और गैर-जरूरी था'
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने छात्रों के विरोध के अधिकार का समर्थन करते हुए कहा कि अगर छात्रों के पास किसी मुद्दे को लेकर विरोध का कारण है तो BCI का इसमें कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने छात्रों और अपने बीच के संवाद को व्यक्तिगत मामला बताया और BCI की कार्रवाई को अनावश्यक करार दिया।
BCI ने वापस लिया फैसला, छात्रों से मांगी माफी
विवाद बढ़ने और आलोचना के बाद BCI ने अपना पिछला फैसला वापस ले लिया। परिषद ने स्पष्ट किया कि NALSAR के 2026 बैच के सभी ग्रेजुएट एडवोकेट के रूप में एनरोल हो सकते हैं।
इसके बाद BCI ने graduating batch के खिलाफ चल रही सभी कार्यवाहियां भी समाप्त करने का फैसला किया। BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कानून के छात्रों से माफी मांगते हुए कहा कि विवाद के दौरान उनके किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है।
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक ओर BCI ने छात्रों के खिलाफ अपनी कार्रवाई वापस ले ली है, वहीं CJI सूर्यकांत ने साफ कर दिया है कि उन्होंने NALSAR के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनने की सहमति कभी दी ही नहीं थी।
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