शिलांग हिंसा: संगमा और हिमंत शांति बहाली के लिए मिलकर काम करने पर सहमत
शिलांग हिंसा: संगमा और हिमंत शांति बहाली के लिए मिलकर काम करने पर सहमतMunakka Benefits: पाचन सुधारने के साथ एनर्जी बढ़ाने में भी मददगार है मुनक्का, मिल सकते हैं 6 बड़े फायदे
Munakka Benefits: मुनक्का यानी बीज वाला सूखा अंगूर भारतीय खानपान में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। स्वाद में मीठा होने के साथ इसे कई लोग रोजाना की डाइट का हिस्सा भी बनाते हैं। मुनक्के में प्राकृतिक शुगर, फाइबर और कुछ जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। इसे सीधे खाने के अलावा दूध, दलिया या दूसरे व्यंजनों में भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।
खासकर सुबह भिगोया हुआ मुनक्का खाने की सलाह कई घरों में दी जाती है। इसका सेवन पाचन को सपोर्ट करने, शरीर को ऊर्जा देने और डाइट में पोषक तत्व जोड़ने का आसान तरीका हो सकता है। लेकिन मुनक्का कोई जादुई सुपरफूड नहीं है और इसके फायदे व्यक्ति की पूरी डाइट और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
मुनक्का खाने के 6 संभावित फायदे
पाचन के लिए हो सकता है फायदेमंद
मुनक्के में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो सामान्य पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। संतुलित डाइट के साथ फाइबर का पर्याप्त सेवन मल त्याग को नियमित रखने में मदद कर सकता है। अगर आप मुनक्का खाते हैं, तो पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। कब्ज की लगातार समस्या होने पर केवल मुनक्के पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
शरीर को दे सकता है तुरंत ऊर्जा
मुनक्के में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, जिससे यह जल्दी ऊर्जा देने वाला स्नैक बन सकता है। व्यस्त दिनचर्या में थोड़ी मात्रा में मुनक्का डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसे नाश्ते, दलिया या पोहा में मिलाकर भी खाया जा सकता है।
आयरन वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है
मुनक्के में आयरन की कुछ मात्रा पाई जाती है। इसलिए इसे आयरन युक्त अन्य खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया होने पर सिर्फ मुनक्का पर्याप्त इलाज नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह और जरूरत के अनुसार आयरन सप्लीमेंट जरूरी हो सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट डाइट में जोड़ता है
किशमिश और मुनक्का जैसे सूखे अंगूरों में पॉलीफेनॉल जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि से जुड़े होते हैं। रोजाना की डाइट में फल, सब्जियां, मेवे और साबुत अनाज के साथ सीमित मात्रा में मुनक्का शामिल करना एक संतुलित खानपान का हिस्सा हो सकता है।
हड्डियों के लिए पोषण में मददगार
मुनक्के में कैल्शियम और अन्य खनिजों की थोड़ी मात्रा मौजूद होती है। मजबूत हड्डियों के लिए केवल एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार जरूरी है। दूध-दही, तिल, दालें और हरी सब्जियों के साथ मुनक्के को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
मीठा खाने की इच्छा को कर सकता है शांत
अगर आपको बार-बार कुछ मीठा खाने का मन करता है, तो सीमित मात्रा में मुनक्का एक विकल्प हो सकता है। इसमें प्राकृतिक मिठास होती है, इसलिए यह डेजर्ट या ज्यादा चीनी वाले स्नैक्स की जगह लिया जा सकता है। हालांकि, इसमें प्राकृतिक शुगर और कैलोरी भी होती हैं, इसलिए जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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