आजादी से पहले की गवाह है मिर्जापुर की ये 5 ऐतिहासिक इमारतें, खूबसूरती में आज भी नहीं कम हुई शान
These 5 historic buildings of Mirzapur: मिर्जापुर सिर्फ विंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत के लिए भी खास पहचान रखता है. शहर और आसपास आज भी कई ऐसी इमारतें मौजूद है. जिनकी दीवारों में बीते दौर की कहानियां और इतिहास की यादें समाई हुई है. अंग्रेजी हुकूमत के दौर की निशानी घंटाघर हो, कारोबारियों की शान रही दद्दा की कोठी, ऐतिहासिक चुनार का किला, पांडेय हाता या फिर गंगा किनारे बना पक्का घाट इन सभी की अपनी अलग कहानी और पहचान है. यही वजह है कि इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ये स्थल आज भी आकर्षण का केंद्र बने हुए है.
महराजगंज की ठूठीबारी मंडी बदहाल, कभी रोजगार की उम्मीद थी, अब पशुओं का हुआ बसेरा
Maharajganj News: मंडी के निर्माण के समय स्थानीय लोगों में काफी उत्साह था. उन्हें उम्मीद थी कि यहां नियमित बाजार और व्यापारिक गतिविधियां शुरू होंगी. जिससे आसपास के गांवों के लोगों को सामान खरीदने-बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. लोगों का मानना था कि इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और यह ठूठीबारी व गरौड़ा बाजार की तरह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बन सकता था.
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