गुजरात के MSMEs को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी, CM भूपेंद्र पटेल की वॉलमार्ट से अहम बैठक
गुजरात के छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) तथा स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमेरिका-कनाडा के सप्ताहभर के दौरे के दौरान वॉशिंगटन में वॉलमार्ट के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नमेंट अफेयर्स डेन ब्रायंट मुलाकात की. बैठक में गुजरात के MSMEs के लिए वैश्विक अवसर बढ़ाने और उनकी निर्यात क्षमता मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई.
यह बैठक मुख्यमंत्री के दौरे के चौथे दिन हुई. भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और कनाडा में उद्योगों, निवेशकों और प्रवासी गुजराती समुदाय से संपर्क कर रहा है. इसका प्रमुख उद्देश्य वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में अधिक से अधिक वैश्विक निवेश और भागीदारी सुनिश्चित करना है.
1.15 लाख से ज्यादा MSMEs को वॉलमार्ट की ट्रेनिंग
बैठक में Walmart के अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि कंपनी का ‘Vriddhi’ कार्यक्रम 2019 में शुरू होने के बाद से अब तक 1.15 लाख से ज्यादा MSMEs को प्रशिक्षण दे चुका है. वॉलमार्ट ने वर्ष 2028 तक 1.70 लाख MSMEs को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री ने गुजरात के बड़े MSME नेटवर्क की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने, उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और छोटे कारोबारियों के लिए निर्यात के नए रास्ते खोलने पर जोर दिया.
MSMEs के लिए सेक्टर आधारित वर्कशॉप
बैठक में गुजरात सरकार के संबंधित विभागों और वॉलमार्ट के साथ मिलकर सेक्टर आधारित वर्कशॉप आयोजित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई. इन वर्कशॉप के जरिए राज्य के MSMEs की अलग-अलग क्षेत्रों में क्षमता और संभावनाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना पर विचार किया गया.
अगले तीन से चार महीनों में गुजरात सरकार और वॉलमार्ट के बीच इस दिशा में संभावित सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. इन पहलों का स्पष्ट रोडमैप आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में पेश किए जाने की संभावना है.
निवेश के साथ उभरते सेक्टरों पर भी फोकस
वॉशिंगटन में मुख्यमंत्री ने प्रवासी गुजराती समुदाय के साथ भी संवाद किया. उन्होंने गुजरात के विकास, वित्तीय अनुशासन और नए निवेश अवसरों पर चर्चा करते हुए GIFT City, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की संभावनाओं को सामने रखा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका-कनाडा दौरे का उद्देश्य गुजरात में नए निवेश आकर्षित करना, नई इंडस्ट्री स्थापित करना और उभरते क्षेत्रों को गति देना है. उन्होंने सिलिकॉन वैली में हुई बैठकों का भी उल्लेख किया. गुजरात सरकार का यह प्रयास राज्य के MSMEs और छोटे कारीगरों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित रखने के बजाय ‘Local to Global’ अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भारत में मुख्य उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में 5.4 प्रतिशत रही
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का प्रमुख उद्योगों के लिए संयुक्त सूचकांक (आईसीआई) की वृद्धि दर जुलाई में सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत रही है। इसकी वजह लौह अयस्क, सीमेंट और बिजली उत्पादन में तेज वृद्धि होना है। यह जानकारी वाणिज्य और औद्योगिक मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।
सीमेंट सेक्टर में इस महीने 13.1 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, क्योंकि हाईवे, पोर्ट और रेलवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकार के भारी निवेश की वजह से इसकी मांग बनी रही।
जुलाई में लौह अयस्क के उत्पादन में 29.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई। उत्पादन प्रक्रिया में लौह अयस्क के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और औद्योगिक विकास में इसके योगदान को देखते हुए, इसे आईसीआई की नई सीरीज में प्रमुख उद्योगों की लिस्ट में एक नए आइटम के तौर पर शामिल किया गया है। इसके चलते, नई सीरीज में मुख्य उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है। यह पिछले महीने ही लागू हुई थी।
आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में बिजली उत्पादन में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि कोयले का उत्पादन 7.6 प्रतिशत बढ़ा। इस महीने के दौरान स्टील और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में क्रमशः 2.9 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हालांकि, इस साल जुलाई में प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरकों की वृद्धि दर में गिरावट देखी गई।
सरकारी बयान के मुताबिक, जून 2026 के महीने के लिए फाइनल इंडेक्स को 119.6 (अस्थायी अनुमान) से बदलकर 120.7 कर दिया गया है। इससे सालाना आधार पर वृद्धि दर 5 प्रतिशत से बदलकर 6 प्रतिशत हो गई है।
आईसीआई की अप्रैल-जुलाई 2026 में संचयी वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 1.5 प्रतिशत थी।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने इस साल जून के डेटा के लिए पहली बार जुलाई में 2022-23 के आधार वर्ष के साथ आईसीआई की संशोधित सीरीज जारी की थी। इस नई सीरीज ने 2011-12 के आधार वर्ष वाली सीआईसी की पुरानी सीरीज की जगह ले ली है।
--आईएएनएस
एबीएस
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