भारतीय कॉलेज छात्रों के लिए गूगल का बड़ा तोहफा, एक साल तक मुफ्त मिलेगा 'एआई प्लस' प्लान
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने भारत के कॉलेज विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने पात्र कॉलेज छात्रों को एक वर्ष के लिए मुफ्त एआई प्लस सब्सक्रिप्शन देने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई, शोध और कौशल विकास के लिए उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उपकरणों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
गूगल ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में बताया कि इस विशेष ऑफर के तहत पात्र विद्यार्थियों को जेमिनी ओमनी का उपयोग करने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सामान्य उपयोगकर्ताओं की तुलना में दोगुनी उपयोग सीमा, 400 जीबी क्लाउड स्टोरेज क्षमता और कई अतिरिक्त एआई सुविधाएं बिना किसी शुल्क के एक वर्ष तक उपलब्ध कराई जाएंगी।
कंपनी ने छात्रों के लिए गूगल एआई प्रो और यूट्यूब प्रीमियम का एक विशेष रियायती पैकेज भी पेश किया है, जिसके तहत विद्यार्थी विज्ञापन-मुक्त संगीत और वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं का लाभ उठाते हुए लगभग 70 प्रतिशत तक की बचत कर सकेंगे।
गूगल ने एआई सदस्यता के साथ-साथ अपने जेमिनी और गूगल सर्च प्लेटफॉर्म पर कई नए शिक्षण उपकरण भी पेश किए हैं। विद्यार्थियों को एक विशेष स्टूडेंट हब उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित कर सकेंगे और जेमिनी की शैक्षणिक सुविधाओं का उपयोग कर पाएंगे।
कंपनी ने एक नया स्टडी नोटबुक फीचर भी शुरू किया है, जो विद्यार्थियों को व्यक्तिगत अध्ययन सहायता प्रदान करेगा। यह प्रणाली डायग्नोस्टिक क्विज के माध्यम से छात्रों की मजबूत और कमजोर विषयगत समझ की पहचान करेगी। इसके आधार पर विद्यार्थियों के लिए उनकी आवश्यकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप छोटे-छोटे अध्ययन कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
गूगल ने बताया कि जेमिनी लाइव को भी और उन्नत बनाया जा रहा है। अब विद्यार्थी चलते-फिरते आवाज के माध्यम से डीप रिसर्च रिपोर्ट मंगा सकेंगे और उन पर बातचीत कर सकेंगे। इससे शोध और जटिल विषयों को समझना अधिक आसान हो जाएगा।
इसके अलावा, गूगल सर्च में जोड़ी गई नई सुविधाओं के माध्यम से छात्र कठिन अवधारणाओं को समझने के लिए इंटरैक्टिव विजुअल सामग्री तैयार कर सकेंगे, साथ ही वे विभिन्न विषयों और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अभ्यास क्विज भी हल कर सकेंगे। वहीं गूगल लेंस की सहायता से किसी भी विषय को चरणबद्ध तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
विद्यार्थी अपने शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स को व्यवस्थित करने के लिए नोटबुक बना सकेंगे और अध्ययन सामग्री को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए अनुकूलित फाइलें भी तैयार कर सकेंगे।
गूगल का कहना है कि सर्च, जेमिनी और यूट्यूब पर उपलब्ध सभी शैक्षणिक उपकरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। इनका डिजाइन शिक्षण विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित है और इनका उद्देश्य व्यक्तिगत सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना है, जबकि शिक्षकों की भूमिका को केंद्र में बनाए रखना है।
कंपनी के अनुसार, यह छात्र ऑफर उन 140 से अधिक देशों और बाजारों में उपलब्ध है जहां गूगल एआई प्लस सेवा संचालित होती है। भारत में पात्र विद्यार्थी 31 दिसंबर 2026 तक इस मुफ्त ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया और अन्य लागू शर्तों को पूरा करना होगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत में अगले दो वर्षों में हर चार में से तीन कॉरपोरेट ऑफिस पोर्टफोलियो का विस्तार करने की बना रहे योजना
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में कंपनियां अब भरोसे और मजबूत कारोबारी संभावनाओं के आधार पर विकास के चरण में प्रवेश कर रही हैं। इस कारण हर चार में से तीन कॉरपोरेट ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 प्रतिशत ऑफिस उपयोगकर्ता भारत में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का ‘महत्वपूर्ण’ विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 18 प्रतिशत था।
अप्रैल से जून 2026 के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों के बीच भरोसे के आधार पर विस्तार के ट्रेंड में मजबूत वृद्धि हुई है। सर्वे में शामिल करीब आधे ऑफिस उपयोगकर्ता कारोबार में वृद्धि के साथ अपनी रियल एस्टेट मौजूदगी बढ़ाने और मौजूदा परिसंपत्तियों को समेकित करने की रणनीति अपना रहे हैं।
इसी दौरान, करीब एक चौथाई ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में अपने मौजूदा लीज समझौतों को नवीनीकृत करने की योजना बना रहे हैं।
विस्तार की योजना बना रहे उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अगले दो वर्षों में भारत में अपने ऑफिस पोर्टफोलियो का 30 प्रतिशत से अधिक विस्तार करना चाहते हैं।
सीबीआरई के चेयरमैन एवं सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा, “जब करीब एक-तिहाई ऑफिस उपयोगकर्ता अपनी ऑफिस मौजूदगी को एक-तिहाई से अधिक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि कंपनियां भारत की रियल एस्टेट रणनीति को लेकर केवल चक्रीय नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में बढ़ रही हैं।”
उन्होंने कहा कि ऑफिस क्षेत्र में कुल उपलब्ध स्थान पहले ही 1 अरब वर्ग फुट का आंकड़ा पार कर चुका है। ऐसे में कंपनियों का यह उत्साह कॉरपोरेट विकास के लिए भारत को दीर्घकालिक गंतव्य के रूप में लेकर उनके लगातार भरोसे को दर्शाता है।
सीबीआरई के भारत में लीजिंग सर्विसेज के प्रबंध निदेशक राम चंदनानी ने इस विस्तार की व्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह विस्तार किसी एक क्षेत्र या किसी विशेष क्षेत्र से आने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जरूरत कंपनियों की परिचालन आवश्यकताओं से जुड़ी है।
उन्होंने कहा, “करीब 63 प्रतिशत बड़े आकार के ऑफिस उपयोगकर्ता अगले दो वर्षों में विस्तार और समेकन की योजना बना रहे हैं। इससे स्थापित और उभरते दोनों माइक्रो-मार्केट में ऑफिस की मांग बढ़ने की संभावना है।”
भारतीय ऑफिस बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत प्रदर्शन किया है। दूसरी 2026 में सकल लीजिंग 2.46 करोड़ वर्ग फुट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है।
इससे 2026 की पहली छमाही में कुल ऑफिस अवशोषण 4.55 करोड़ वर्ग फुट हो गया, जो किसी छमाही के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है और 2025 की पहली छमाही से करीब 10 प्रतिशत अधिक है।
इस वृद्धि में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) सबसे बड़ा योगदानकर्ता बने हुए हैं। उन्होंने तिमाही में ऑफिस लीजिंग का 42 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया और रिकॉर्ड 1.03 करोड़ वर्ग फुट की मांग दर्ज की। वहीं, फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही।
--आईएएनएस
एबीएस
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