चंपावत को मिली बड़ी स्वास्थ्य सौगात, CM धामी ने किया ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का शुभारंभ
CM Dhami: उत्तराखंड के चंपावत जिले को बड़ी सौगात मिली है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत के जिला चिकित्सालय में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का शुभारंभ किया. इस नई सुविधा के शुरू होने से जिले के मरीजों को खून से जुड़े जरूरी कंपोनेंट अब स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगे. इससे गंभीर मरीजों के इलाज में समय की बचत होगी और जरूरत के समय उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह यूनिट चंपावत के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है. इसके जरिए मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और समय पर Packed RBC, Plasma और Platelets उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके आसपास ही उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के लिए मरीजों और उनके परिवारों को दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े.
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3 प्रमुख ब्लड कंपोनेंट मिल सकेंगे
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की खासियत यह है कि एक यूनिट रक्त को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर जरूरत के हिसाब से मरीजों को दिया जा सकता है. इसमें Packed RBC का इस्तेमाल मुख्य रूप से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी पूरी करने के लिए किया जाता है. वहीं Plasma और Platelets की जरूरत अलग-अलग तरह की गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में पड़ती है.
इस सुविधा से अस्पताल में भर्ती मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार संबंधित ब्लड कंपोनेंट उपलब्ध कराने में आसानी होगी. खास तौर पर इमरजेंसी और गंभीर मामलों में यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है.
अब जरूरतमंद मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
पहले कई मामलों में ब्लड के अलग-अलग कंपोनेंट की जरूरत पड़ने पर मरीजों को दूसरे बड़े अस्पतालों या शहरों की ओर जाना पड़ता था. इससे इलाज में समय लगता था और मरीज के परिवार पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ता था. चंपावत में इस यूनिट के शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही इन जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है.
उद्घाटन करते हुए सीएम धामी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. सरकार प्रदेश के दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर लगातार काम कर रही है.
पहाड़ के मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय स्तर पर मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है. कई पहाड़ी जिलों में मरीजों को गंभीर स्थिति में बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है. ऐसे में स्थानीय अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं बढ़ने से मरीजों को समय पर उपचार देने में मदद मिल सकती है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत कर रही है। उनका कहना है कि प्रदेश के लोगों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और जनसुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है.
आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में कदम
चंपावत जिला चिकित्सालय में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की शुरुआत को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. इससे अस्पताल की क्षमता बढ़ेगी और डॉक्टरों को गंभीर मरीजों के इलाज में भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक, सुरक्षित और आम लोगों की पहुंच में लाना है. इसी सोच के साथ अस्पतालों में जरूरी उपकरण, सुविधाएं और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि नई यूनिट का लाभ चंपावत जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों को भी मिलेगा. समय पर ब्लड कंपोनेंट मिलने से कई गंभीर मरीजों के इलाज में मदद मिल सकती है. इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे ऐसे प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश के आम नागरिकों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. चंपावत में शुरू हुई यह नई सुविधा इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है.
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उत्तराखंड में साकार हो रहा पक्के घर का सपना, दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी छत
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है. राज्य सरकार ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की समयसीमा तय की है. योजना के तहत दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को अपने घर की सौगात मिलने की उम्मीद है.
15,496 आवासों पर चल रहा निर्माण
आवास विभाग के मुताबिक प्रदेश में पीएमएवाई-यू के तहत कुल 18 परियोजनाओं में 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया जा रहा है. इनमें से करीब 84 प्रतिशत यानी 12,948 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है.
अब तक 1,271 आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी हैं. इनमें रुड़की के 768 और हरिद्वार के 503 लाभार्थी शामिल हैं. शेष निर्माणाधीन परियोजनाओं को 30 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा मकान
योजना के तहत सबसे बड़ा हिस्सा ऊधमसिंह नगर जिले में है. यहां कुल 10,200 मकानों का निर्माण किया जा रहा है. रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1,872 आवास तैयार हो चुके हैं.
इसके अलावा भवानीपुर, उकरौली, कनकपुर, मटकोटा, श्यामनगर, महुवाखेड़ागंज, मानपुर और गंगापुर गोसाल सहित विभिन्न स्थानों पर हजारों आवास बनाए जा रहे हैं. इन परियोजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को मिलेगा.
हरिद्वार में 4,528 आवासों का निर्माण
हरिद्वार जिले में भी पीएमएवाई-यू के तहत बड़े स्तर पर काम चल रहा है. यहां कुल 4,528 आवासीय इकाइयां बनाई जा रही हैं. मंगलौर, झब्बरपुर, अन्नेखी, बेल्दी, शिकारपुर और इंद्रलोक आवासीय योजना इसके प्रमुख हिस्से हैं.
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा.
नैनीताल और देहरादून में भी काम तेज
नैनीताल जिले के उम्मेदनगर, रामनगर में 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. वहीं देहरादून की धौलास हाउसिंग स्कीम में 240 में से 180 आवास तैयार हो चुके हैं.
बढ़ाई जाएगी राज्य सरकार की हिस्सेदारी
सरकार के अनुसार योजना में राज्य की आर्थिक भागीदारी को भी बढ़ाया जा रहा है. पात्र परिवारों को आवास निर्माण में ज्यादा सहायता देने के उद्देश्य से राज्य सरकार की हिस्सेदारी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की तैयारी है.
हर पात्र परिवार को घर देने का लक्ष्य
राज्य सरकार का जोर सिर्फ मकान बनाने पर नहीं, बल्कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर है. समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा होने पर दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने की उम्मीद है.
सरकार का दावा है कि पीएमएवाई-यू के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को केवल आवास नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की स्थायी नींव उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है.
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