Responsive Scrollable Menu

कावेरी, NEET और परिसीमन...एक मंच पर थलपति विजय, शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू, अमित शाह की बैठक में दिखा साउथ का 'पावर शो'

तमिलनाडु में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्रियों ने कई अहम मुद्दे उठाए। इनमें परिसीमन, दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा, NEET परीक्षा, कावेरी जल बंटवारा और ज़्यादा वित्तीय स्वायत्तता जैसे मुद्दे शामिल थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दक्षिण की संसदीय ताकत को सुरक्षित रखने के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव की मांग की, वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के बाद इस क्षेत्र की राजनीतिक आवाज़ में किसी भी तरह की कमी को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर ज़ोर दिया।

इसे भी पढ़ें: TN CM C Joseph Vijay ने 3 तमिलों की हत्या की निंदा की, निष्पक्ष जांच की मांग की

पानी का मुद्दा भी चर्चा का एक अहम विषय रहा 

कर्नाटक ने मेकेदातु प्रोजेक्ट पर सहयोग मांगा, जबकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गोदावरी-कावेरी इंटरलिंकिंग प्रोजेक्ट के ज़रिए 500 TMC से ज़्यादा पानी को दूसरी तरफ़ मोड़ने का प्रस्ताव रखा। केरल ने भी पेशकश की कि अगर तमिलनाडु प्रस्तावित नए मुल्लापेरियार बांध वाले प्रोजेक्ट के लिए सहमत हो जाता है, तो उसे वहां से पानी मिलना सुनिश्चित किया जाएगा; साथ ही, केरल ने बंदरगाहों, रेल कनेक्टिविटी, तटीय सुरक्षा और अंतर-राज्यीय सुरक्षा के मामलों में ज़्यादा क्षेत्रीय सहयोग की भी मांग की। 

इसे भी पढ़ें: Karnataka मुठभेड़ में 3 संदिग्ध शिकारी ढेर, CM ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

दक्षिण को सज़ा नहीं मिलनी चाहिए

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने काउंसिल के सामने परिसीमन और NEET से जुड़ी चिंताएं ज़ोर-शोर से रखीं। उन्होंने तर्क दिया कि जिन राज्यों ने आबादी को स्थिर करने की नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है, उन्हें इसके नतीज़े के तौर पर अपना राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं खोना चाहिए। विजय ने कहा कि 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों के आवंटन पर लगी रोक खत्म होने वाली है। उन्होंने चिंता जताई कि आबादी के आधार पर परिसीमन से दक्षिणी राज्यों की सामूहिक संसदीय आवाज़ कमज़ोर हो सकती है। उन्होंने केंद्र से स्पष्ट कानूनी आश्वासन मांगा कि आबादी को स्थिर करने में सफलता के कारण किसी भी राज्य के संसदीय प्रतिनिधित्व के प्रतिशत में कमी नहीं आएगी। विजय ने कहा दक्षिणी राज्य आबादी को स्थिर करने, मानव विकास और आर्थिक विकास में सबसे आगे रहे हैं। ये उपलब्धियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के सफल कार्यान्वयन को दर्शाती हैं और इनके कारण हमारे प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा सार्वजनिक नीति के तहत राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने वाले राज्यों को अनजाने में दंडित नहीं किया जाना चाहिए।" साथ ही, उन्होंने ऐसे सुरक्षा उपायों की भी मांग की जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि परिसीमन से दक्षिण के राजनीतिक प्रभाव पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

Continue reading on the app

Amit Shah, Rajnath Singh, Nitin Gadkari, Shivraj Singh Chouhan, Piyush Goyal, Ashwini Vaishnaw से खुश PM Modi ने Cabinet Meeting में कह दी बहुत बड़ी बात

सोशल मीडिया की दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सबसे ऊपर हैं, लेकिन उनके मंत्रिमंडल में भी कुछ चेहरे ऐसे हैं जिनकी डिजिटल मौजूदगी ने प्रधानमंत्री का ध्यान खींचा है। अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और सीआर पाटिल सोशल मीडिया प्रदर्शन में शीर्ष नेताओं में शामिल रहे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सोशल मीडिया पकड़ का भी उदाहरण मोदी सरकार के मंत्रियों के सामने रखा गया है।

हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर सिर्फ सरकारी फैसलों की पोस्ट या रीपोस्ट से काम नहीं चलेगा। मंत्रियों को लोगों से संवाद बढ़ाना होगा, कंटेंट को अधिक प्रभावी और आकर्षक बनाना होगा और खासकर नई पीढ़ी तक अपनी सीधी पहुंच बनानी होगी। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सभी मंत्रियों की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस और रैंकिंग साझा की गई। यह आकलन 1 मई से 15 अगस्त के बीच Instagram, X, Facebook और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म पर गतिविधियों, पोस्ट, एंगेजमेंट, लाइक्स और फॉलोअर्स के आधार पर किया गया। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मोदी खुद शीर्ष पर रहे।

इसे भी पढ़ें: Modi Cabinet Meeting: इधर विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने बड़े फैसले कर सबको हैरान कर दिया

बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को दो अहम निर्देश दिए। पहला, “वन डे, वन यूनिवर्सिटी” के तहत मंत्रियों को विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों के साथ एक दिन बिताने और सीधा संवाद करने को कहा गया। दूसरा, उन्हें अपने संसदीय क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा कर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और मिड-डे मील की गुणवत्ता का जायजा लेने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री का यह नया फोकस सीधे Gen Z और Gen Alpha पर है। खासकर 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों तक पहुंच बनाने और सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने पर जोर दिया गया है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब छात्र आंदोलनों के बाद युवाओं तक पहुंच को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ी है। वहीं, सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों और बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों से यह भी कहा गया है कि वे अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को नियमित रूप से सरकारी स्कूलों में भेजकर वहां की व्यवस्था की निगरानी कराएं।

बैठक में केवल भाजपा और केंद्रीय मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं के सोशल मीडिया प्रदर्शन का भी हवाला दिया गया। मकसद साफ था कि मंत्री यह समझें कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल मौजूद रहना काफी नहीं, बल्कि जनता के साथ लगातार और प्रभावी संवाद ही राजनीतिक पहुंच को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से युवाओं के लिए AI स्किल ट्रेनिंग के अवसरों का भी आकलन करने को कहा है। यह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किए गए ऐलानों की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। साथ ही मंत्रियों को प्रधानमंत्री की ओर से बताए गए “सप्तधारा” के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट है कि सरकार का नया मंत्र अब सिर्फ “पोस्ट करो” नहीं, बल्कि “कनेक्ट करो” है। सोशल मीडिया से लेकर विश्वविद्यालयों और सरकारी स्कूलों तक, मोदी सरकार अब नई पीढ़ी के बीच सीधी पहुंच और जमीनी फीडबैक की नई रणनीति पर काम करती दिख रही है।

Continue reading on the app

  Sports

बॉयकॉट करो भारत-ब्राजील फ्रेंडली फुटबॉल मैच, बाइचुंग भूटिया बोले- 90 मिनट के लिए 60-70 करोड़ खर्च करना…

भूटिया का कहना है कि 90 मिनट के इस एग्जीबिशन मैच पर करोड़ों रुपए खर्च करना इस समय पैसों का गलत इस्तेमाल होगा। उनका मानना है कि इस समय भारतीय फुटबॉल को ग्रासरूट और क्लब लेवल पर इन्वेस्टमेंट की सख्त जरूरत है। Fri, 21 Aug 2026 13:12:04 +0530

  Videos
See all

Rahul Gandhi Protest : थाने में राहुल का नया ड्रामा! | Congress | BJP | Delhi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-21T08:15:19+00:00

Rahul Gandhi: थाने के बाहर कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन! Breaking News| Zee| Congress #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-21T08:15:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers