Giriraj Singh on Congress: कांग्रेस का चेहरा बेनकाब हो गया-गिरिराज सिंह | Vande Mataram Controversy
Giriraj Singh on Congress: कांग्रेस का चेहरा बेनकाब हो गया-गिरिराज सिंह | Vande Mataram Controversy कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि वह अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल पहले दो छंद ही गाएगी। पार्टी ने इसके लिए साल 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के ऐतिहासिक प्रस्ताव का हवाला दिया है, जिसमें शुरुआती दो छंदों को अपनाने का निर्णय लिया गया था। #VandeMataram #Congress #CWCMeeting #NationalSong #BJPvsCongress #BreakingNews #HindiNews #MallikarjunKharge ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि पर विवाद:जम्मू कोर्ट ने पुलिस को जांच के आदेश दिए, 3 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी
BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि को लेकर विवाद सामने आया है। जम्मू की स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी जन्मतिथि में हेरफेर के आरोपों की प्रारंभिक पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने नवाबाद पुलिस को मामले की जांच कर 3 सितंबर 2026 या उससे पहले रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मन्हास जम्मू-कश्मीर से BCCI अध्यक्ष बनने वाले पहले व्यक्ति हैं। उन्हें सितंबर 2025 में इस पद के लिए चुना गया था। वे पूर्व भारतीय फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर हैं और अपने क्रिकेट करियर में जम्मू-कश्मीर और दिल्ली को रिप्रेजेंट कर चुके हैं। पूर्व एसपी ने शिकायत की मामला पूर्व डिप्टी और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मानद सचिव सुदर्शन मेहता की शिकायत के बाद सामने आया। मेहता ने आरोप लगाया है कि मन्हास ने जूनियर क्रिकेट में राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों के लिए पात्रता हासिल करने के उद्देश्य से अपनी जन्मतिथि से जुड़े अलग-अलग रिकॉर्ड इस्तेमाल किए। हालांकि, कोर्ट ने अभी मन्हास को दोषी नहीं माना है और न ही सीधे FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने पहले प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। शिकायत में दो अलग-अलग जन्मतिथियों का दावा शिकायतकर्ता के मुताबिक, मन्हास की जन्मतिथि अलग-अलग रिकॉर्ड में अलग दर्ज है। शिकायत में महाराजा हरि सिंह एग्रीकल्चर कॉलेजिएट स्कूल (MHAC), नागबनी के रिकॉर्ड का हवाला दिया गया है, जिसमें उनकी जन्मतिथि 9 दिसंबर 1977 बताई गई है। वहीं, दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी जन्मतिथि 12 अक्टूबर 1979 दर्ज होने का दावा किया गया है। यानी दोनों रिकॉर्ड में करीब दो साल का अंतर है। यही अंतर शिकायत का मुख्य आधार है। मेहता ने इन आरोपों के आधार पर धोखाधड़ी, चीटिंग और जालसाजी से जुड़े प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी। शिकायत में IPC की धाराओं 415, 420 और 462 का उल्लेख किया गया है और इनके संबंधित BNS प्रावधानों का भी जिक्र है। JK की अंडर-15 टीम में खेले मन्हास ने जम्मू कश्मीर से अंडर-15, अंडर-16 और अंडर-19 खेला। उन्होंने 3 साल JK के लिए अंडर-19 खेला। साल 1995 में उन्होंने लगभग 750 रन बनाए और देश के हाईएस्ट अंडर-19 स्कोरर बने। बाद में JK टीम के कैप्टन बने। इसी परफॉर्मेंस के चलते उनका सिलेक्शन नॉर्थ जोन के लिए हुआ। 12वीं की परीक्षा देने के बाद मन्हास कुछ महीनों के लिए पहली बार दिल्ली आए। तब उनकी उम्र 17 साल थे। यहां आकर उन्होंने दिल्ली के प्रीमियर टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और यहीं से खेलने लगे। उस दौर में दिल्ली की टीम में वीरेंद्र सहवाग और आशीष नेहरा जैसे दिग्गज खेलते थे। दिल्ली के टूर्नामेंट में अच्छा परफॉर्म करने के चलते उनका सिलेक्शन अंडर-19 नेशनल टीम में हुआ। फिर साल 1996 में उनका सिलेक्शन रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की टीम में हुआ। हालांकि कोई मैच नहीं खेला। फिर अगले साल 1997 में उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी डेब्यू किया। दिल्ली रणजी टीम के कैप्टन बने और ट्रॉफी दिलाई मन्हास ने दिल्ली टीम के लिए लगातार अच्छा परफॉर्म करते हुए मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की की। 2001-02 सीजन में पहली बार रणजी ट्रॉफी में 1000+ रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हुए। फिर वो 2006 से 2008 तक दिल्ली रणजी टीम के कप्तान रहे। उनकी कप्तानी में दिल्ली ने 2007–08 रणजी ट्रॉफी जीती। ये दिल्ली टीम का 16वां रणजी ट्रॉफी खिताब था। दिल्ली डेयरडेविल्स से IPL डेब्यू हुआ रणजी में अच्छा परफॉरमेंस देने के चलते मन्हास का सिलेक्शन IPL के पहले सीजन में हो गया। उन्होंने 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स से IPL डेब्यू किया। फिर साल 2011 में IPL में पुणे वॉरियर्स इंडिया से जुड़े। 2015 में चेन्नई सुपर किंग्स टीम का हिस्सा बने।
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