Responsive Scrollable Menu

Bhubaneswar में चालकों के प्रदर्शन में उपद्रव पर Odisha Police का एक्शन, 113 गिरफ्तार

ओडिशा पुलिस ने भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब एवं ऑटो-रिक्शा चालकों तथा मोटरसाइकिल सवारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 113 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय के एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 113 लोगों को अदालत में पेश किया गया है, जबकि हिरासत में लिए गए 60 अन्य लोगों को अच्छे आचरण के मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर 354 वाहनों को भी जब्त किया गया है। अधिकारी ने कहा कि हिंसा के सिलसिले में अब तक खारवेल नगर थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वाहन बुक करने से जुड़े विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर पंजीकृत कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों ने किराया बढ़ाने, एप्लिकेशन शुल्क में कटौती, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभों सहित अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर 17 अगस्त से काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।

इन कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों में से सैकड़ों लोगों ने बुधवार को राजमहल चौक से एक रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग पर अपने वाहन खड़े कर दिए। इससे सड़क पर जाम लग गया और मास्टर कैंटीन तथा रेलवे स्टेशन इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की तो उन्होंने कथित तौर पर हिंसक रुख अपना लिया और अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिस वाहनों और कई बसों में भी कथित तौर पर तोड़फोड़ की। भुवनेश्वर-कटक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोल ने बताया कि झड़प में कैपिटल थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत कम से कम 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस बीच, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने मुख्य सड़क को बाधित करने के लिए इस्तेमाल किए गए ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित करने और रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस संबंध में भुवनेश्वर-1 के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने संबंधित सभी पंजीकृत वाहन के मालिकों और परमिट धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में वाहन मालिकों से यह जानकारी देने को कहा गया है कि घटना के समय वाहन कौन चला रहा था और क्या उसका इस्तेमाल मालिक की अनुमति, निर्देश या जानकारी में किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस पाने वाले वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ लिखित जवाब दाखिल करने और निर्धारित तारीख एवं समय पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के भीतर जवाब नहीं मिलने या संबंधित व्यक्ति के सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर परिवहन अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उसका परमिट रद्द करने या निलंबित करने के संबंध में एकतरफा निर्णय ले सकते हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि उसकी यह कार्रवाई घटना के संबंध में चल रही किसी अन्य आपराधिक या कानूनी कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगी।

Continue reading on the app

जिस 'वंदे मातरम' को गाकर शहीदों ने चूमा था फांसी का फंदा, वोट बैंक के लिए कांग्रेस कर रही उसी का अपमान हुआ! अमित शाह का तीखा हमला

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब और तीव्र हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकारी आयोजनों और पार्टी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण न गाने के कांग्रेस के फैसले पर करारा हमला बोला है। गृह मंत्री ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी वोट बैंक और "तुष्टिकरण की राजनीति" के खातिर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों और राष्ट्रभक्तों के बलिदान का अपमान कर रही है। शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने मुसलमानों को खुश करने के लिए 'वंदे मातरम' को दो हिस्सों में बांट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी से भारत के बंटवारे की नींव पड़ी।
 

इसे भी पढ़ें: India vs Sri Lanka Galle Test | गाले टेस्ट में मानव सुथार का जलवा... 10 विकेट चटकाकर भारत को याद दिलाई 'क्लासिकल' स्पिन की असली कला


शाह ने कहा, "मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में मुसलमानों को खुश करने के लिए 'वंदे मातरम' को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। इससे देश के बंटवारे की नींव पड़ी और 'दो-राष्ट्र सिद्धांत' को मज़बूती मिली, जिसके कारण आखिरकार देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान बना।" शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर पूरा गीत गाकर और राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करके उस ऐतिहासिक गलती को सुधारने की कोशिश की है।
 
विवाद की पृष्ठभूमि और सियासी जंग
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मैराथन बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस अपने मंचों पर केवल 'वंदे मातरम' के शुरुआती दो पद (stanzas) ही गाएगी। केंद्र सरकार द्वारा पूरे गीत को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले को कांग्रेस ने राजनीतिक एजेंडा करार दिया है।
 

इसे भी पढ़ें: तुर्किए सेना के निकलते ही इजरायली जेट्स से हिला सीरिया, इस NATO देश संग जंग को क्यों उतावले हो रहे नेतन्याहू?


भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के इस कदम को सीधे तौर पर स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से खिलवाड़ और तुष्टिकरण का चरम रूप बताया है। अमित शाह से पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस को "नई मुस्लिम लीग" की संज्ञा दी थी। दूसरी ओर, कांग्रेस अपने इस रुख पर अडिग है कि वह राष्ट्रीय गीत के शुरुआती दो पदों को ही गाती रहेगी, जिसे 1937 में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान अपनाया गया था। 
 
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

Continue reading on the app

  Sports

India vs Sri Lanka Galle Test | गाले टेस्ट में मानव सुथार का जलवा... 10 विकेट चटकाकर भारत को याद दिलाई 'क्लासिकल' स्पिन की असली कला

भारतीय रेड-बॉल (टेस्ट) क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी को लेकर हाल के दिनों में बनी अनिश्चितता के बीच, 24 वर्षीय युवा स्पिनर मानव सुथार ने गाले टेस्ट में अपनी फिरकी का ऐसा जादू चलाया जिसने भारतीय फैंस को पुराने जमाने की क्लासिकल बाएं हाथ की स्पिन की याद दिला दी। श्रीलंका के खिलाफ भारत की 165 रन की शानदार जीत में सुथार ने मैच में कुल 10/131 का बेहतरीन आंकड़ा दर्ज किया। इसके साथ ही वे विदेशी सरजमीं पर खेले गए टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले भारत के सातवें स्पिनर (अनिल कुंबले, आर. अश्विन, बिशन सिंह बेदी आदि के क्लब में) बन गए हैं।

सिर्फ स्पिन नहीं, ड्रिफ्ट, बाउंस और गति का अद्भुत तालमेल

सुथार का स्पेल केवल पिच से मिलने वाली टर्न पर निर्भर नहीं था, बल्कि उन्होंने हवा के बहाव का इस्तेमाल कर ड्रिफ्ट पैदा की और बिना एक्शन बदले गेंद की रफ्तार में छोटे-छोटे बदलाव किए।

उनकी इस गेंदबाजी विविधता की झलक दूसरी पारी में साफ देखने को मिली, जब उन्होंने 5 अलग-अलग तरीकों से 5 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा:

पथुम सूरियाबंदारा – LBW आउट

सोनल दिनुशा – लेग स्लिप पर कैच आउट

प्रभात जयसूर्या – विकेट के पीछे कैच

लाहिरू कुमारा – ऋषभ पंत द्वारा कैच आउट

केशरा नुवान्था – क्लीन बोल्ड 

आंकड़े कहानी का एक हिस्सा बताते हैं, जबकि सुथार का तरीका दूसरा हिस्सा। उन्होंने कंट्रोल के साथ गेंदबाजी की, हवा का इस्तेमाल करके ड्रिफ्ट पैदा किया, अपने एक्शन में बदलाव किए बिना गति बदली और लगातार एक ही जगह पर गेंद डालते रहे। खेल को जबरदस्ती आगे बढ़ाने की कोई जल्दबाजी नहीं थी। सुथार ने दबाव बनाए रखा, बल्लेबाजों के गलती करने का इंतजार किया और विकेट लेने के अलग-अलग तरीके अपनाए। गाले में, पुराने जमाने का यह तरीका बहुत कारगर साबित हुआ।

एक क्लासिकल स्पिनर

भारत ने अक्षर पटेल के जरिए बाएं हाथ की स्पिन को आजमाया है, लेकिन वे टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। सुथार एक अलग तरह की संभावना पेश करते हैं। उनका राउंड-आर्म एक्शन और ओवरस्पिन पर जोर उन्हें गेंद को टर्न कराने की क्षमता के साथ-साथ डिप और बाउंस हासिल करने में मदद करता है। आर्म बॉल पर निर्भर रहने के बजाय, सुथार की मुख्य गेंद (स्टॉक डिलीवरी) ही अनिश्चितता पैदा करती है। यह पारंपरिक आधार पर बनी स्पिन है, जहां शॉर्टकट के बजाय बुनियादी बातों को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाता है।

यह बात गाले में पहली ही गेंद से साफ हो गई थी। सुथार की गेंद ड्रिफ्ट हुई, टर्न हुई और तेजी से उछली, जिस पर दिनेश चांदीमल ने बल्ला लगाया और गेंद विकेटकीपर के पास चली गई।

दूसरी पारी में उनके स्पेल ने उनकी गेंदबाजी की पूरी रेंज दिखा दी। पथुम सूरियाबंदारा LBW आउट हुए। सोनल दिनुशा लेग स्लिप पर कैच आउट हुए। प्रभात जयसूर्या विकेट के पीछे कैच आउट हुए। लाहिरू कुमारा का कैच ऋषभ पंत ने पकड़ा। केशरा नुवान्था बोल्ड हो गए।

पांच विकेट, पांच अलग-अलग तरह से आउट हुए बल्लेबाज

यह विविधता कोई इत्तेफाक नहीं है। यह सोच-समझकर दिखाई गई स्किल और कलाकारी है।

KL राहुल की सुथार पर राय

KL राहुल का मानना ​​है कि मानव सुथार की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे अपने बॉलिंग एक्शन को बदले बिना अपनी गति (पेस) में बदलाव कर सकते हैं, जिससे बल्लेबाजों के लिए उन्हें समझना मुश्किल हो जाता है। राहुल ने कहा, "यह एक ही एक्शन और एक ही एंगल से किए जाने वाले छोटे-छोटे बदलाव हैं। वे अपने हाथ की गति (आर्म स्पीड) बदले बिना ही गेंद को धीमा या तेज़ फेंक सकते हैं।"

सुथार ने गाले की परिस्थितियों का भी समझदारी से इस्तेमाल किया। राहुल ने बताया कि वे हवा का फायदा उठाकर गेंद को ड्रिफ्ट कराते थे और फिर उसे सीधा या अंदर की ओर लाते थे। राहुल ने कहा, "जब एक तरफ से हवा चल रही थी, तो उन्होंने उस ड्रिफ्ट का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया और वहां से गेंद सीधी हो जाती थी या अंदर आती थी। ऐसा वे भारत में भी हमेशा करते रहे हैं।"

उनकी निरंतरता (कंसिस्टेंसी) ही उन्हें खास बनाती है। सुथार गति में छोटे-छोटे बदलाव करते हुए भी एक ही जगह पर गेंद डालते रहते हैं, जिससे बल्लेबाजों को यह अंदाजा नहीं लग पाता कि अगली गेंद कैसी होगी।

राहुल ने कहा, "वे एक ही जगह से लगातार गेंदबाजी करते हैं और बस छोटे-छोटे बदलावों का इस्तेमाल करके पूरे दिन ऐसा कर पाते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी गति और निरंतरता है, जिससे वे हमेशा बल्लेबाज को आउट करने के अलग-अलग तरीके आजमाते रहते हैं।"

सुथार का दूसरी पारी का स्पेल उनके स्वभाव और काबिलियत का सबसे बड़ा सबूत था। श्रीलंका का स्कोर 175/6 से 199/6 हो गया था और वे भारत के लिए परेशानी खड़ी कर रहे थे। सुथार की वापसी ने खेल बदल दिया। उन्होंने छह गेंदों के भीतर दिनुशा, जयसूर्या और कुमारा को आउट किया, और फिर नुवान्था को आउट करके अपने 10 विकेट पूरे किए।

इसे भी पढ़ें: '27 बार घोंपा चाकू, खून से सने नोटों का मिला सुराग!' जानिए कैसे 10वीं के दो नाबालिगों ने रची प्रिंसिपल की खौफनाक मर्डर स्क्रिप्ट!

 

यह सिर्फ अचानक मिली टर्न नहीं थी। यह कंट्रोल, गति, उछाल और ड्रिफ्ट पर आधारित स्पेल था। उन्हें इस बात की समझ थी कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश करेंगे और उसे कैसे रोका जाए।

खोज पूरी हो गई है, यह कहने के लिए दो टेस्ट मैच काफी नहीं हैं। लेकिन सैंपल साइज़ से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है बुनियादी हुनर। सुथार ने दिखाया है कि वे लंबे स्पेल तक गेंदबाजी कर सकते हैं, दबाव बनाए रख सकते हैं और विकेट लेने के अलग-अलग तरीके ढूंढ सकते हैं।

खूबियों को बनाए रखें

चेतेश्वर पुजारा ने सुथार से उन खूबियों को बनाए रखने का आग्रह किया है जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में असरदार बनाती हैं, खासकर इसलिए क्योंकि IPL की मांगें बहुत अलग होती हैं। गाले में सुथार की ओवरस्पिन, पेस, ड्रिफ्ट और बाउंस सभी देखने को मिलीं, साथ ही बल्लेबाजों को बिना कोई साफ संकेत दिए छोटे-छोटे बदलाव करने की उनकी काबिलियत भी दिखी। ये वे हुनर ​​हैं जिन्हें उनके खेल का मुख्य हिस्सा बने रहना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: तुर्किए सेना के निकलते ही इजरायली जेट्स से हिला सीरिया, इस NATO देश संग जंग को क्यों उतावले हो रहे नेतन्याहू?

 

सिर्फ़ एक प्रदर्शन से भारत की लंबे समय की स्पिन योजनाओं के बारे में कोई पक्का फ़ैसला नहीं किया जा सकता। लेकिन सुथार के 10 विकेट लेने के कारनामे ने यह दिखा दिया कि एक युवा स्पिनर मौजूद है जो लंबे स्पेल तक गेंदबाजी कर सकता है, अपनी लाइन बनाए रख सकता है और हालात का अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर सकता है। फ़िलहाल, सुथार ने भारत को क्लासिकल स्पिन की अहमियत की याद दिलाई है। 

For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi  

Thu, 20 Aug 2026 12:25:00 +0530

  Videos
See all

UP News: मिलावटखोरी पर CM योगी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति, खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं |Analogue Paneer | Ghee #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T07:45:06+00:00

Mumbai के होटल राधा पर FDA का बड़ा एक्शन, रसोई में मिले चूहे- कॉकरोच | Maharashtra News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-20T07:43:56+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers