अमेरिका गल्फ देशों से सैनिकों को कम कर सकता है:ईरान जंग के चलते फैसला, यहां 20 सैन्य ठिकानों पर 40 हजार सैनिक तैनात
अमेरिका गल्फ देशों में मौजूद सैनिकों की संख्या कम कर सकता है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी बड़ी वजह ईरान के साथ जारी युद्ध है। इस युद्ध में अमेरिका की 200 से ज्यादा सैन्य फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा है। गल्फ देशों से मतलब फारस की खाड़ी के आसपास स्थित देश हैं। इसमें मुख्य रूप से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान, इराक, ईरान शामिल हैं। इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। अमेरिका आमतौर पर जॉर्डन से लेकर ओमान तक फैले करीब 20 सैन्य ठिकानों पर लगभग 40 हजार सैनिक तैनात रखता है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है, जबकि कुवैत, कतर और अन्य खाड़ी देशों में अमेरिकी सेना और वायुसेना की बड़ी मौजूदगी है। मार्च में कुवैत स्थित एक सैन्य ठिकाने पर हुए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई थी। खबर अपडेट की जा रही है…. ----------------------------- यह भी पढ़ें….. ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान: बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
₹2 हजार की पेंटिंग दोगुनी कीमत में बिकती है, देश-विदेश से मिलते हैं ऑर्डर
Madhubani News: बिहार के मधुबनी की पहचान विश्व प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग से है और इस कला ने कई कलाकारों को देश-विदेश में पहचान दिलाने के साथ आत्मनिर्भर भी बनाया है. मधुबनी के जगतपुर गांव की राज्य पुरस्कार प्राप्त कलाकार ज्वालामुखी देवी भी इसकी मिसाल हैं. वर्ष 2012-13 में राज्य पुरस्कार मिलने के बाद उनके काम को नई पहचान मिली और देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी पेंटिंग के ऑर्डर मिलने लगे. ज्वालामुखी देवी ने अपनी कला की कमाई से बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी, जमीन खरीदने और घर बनाने जैसी जिम्मेदारियां पूरी कीं. पुरस्कार मिलने के बाद उन्हें सम्मान के साथ प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और सरकारी योजनाओं के जरिए नए अवसर भी मिले.
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