देहरादून में भारत-नेपाल की अहम बैठक शुरू:ब्रिटिश शासनकाल के नक्शों से सुलझाएंगे सीमा विवाद; 2 दिन में 4 दौर की होगी वार्ता
उत्तराखंड के देहरादून में भारत और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर 14वीं संयुक्त कार्य समूह (JWG) की बैठक शुरू हो गई है। मसूरी रोड स्थित एक निजी होटल में दो दिन तक चलने वाली बैठक में चार दौर की वार्ता होगी। बैठक में सीमा विवाद, सीमा निर्धारण, सुरक्षा और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सर्वे ऑफ इंडिया के ब्रिटिश शासनकालीन नक्शों और पुराने अभिलेखों के आधार पर दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझाने की कोशिश होगी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु कर रही हैं, जबकि नेपाल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले कर रहे हैं। बैठक में गृह मंत्रालय, आईटीबीपी, सेना और सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी भी शामिल हैं। PHOTOS देखिए ब्रिटिशकालीन नक्शों का होगा अध्ययन बैठक का सबसे अहम मुद्दा भारत-नेपाल के बीच चल रहे सीमा विवाद का समाधान रहेगा। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया के पुराने रिकॉर्ड और ब्रिटिश शासनकालीन नक्शों का अध्ययन किया जाएगा। दोनों देशों के अधिकारी इन दस्तावेजों का मौजूदा भौगोलिक स्थिति से मिलान कर विवादित सीमा क्षेत्रों पर एक राय बनाने की कोशिश करेंगे। सीमा पर जमीन और सीमा निर्धारण से जुड़े मामलों में पुराने अभिलेखों की भूमिका अहम मानी जा रही है। अधिकारी ब्रिटिशकालीन नक्शों के साथ उपलब्ध अन्य दस्तावेजों और वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेंगे। सहमति बनने के बाद सीमा विवाद के स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है। देहरादून में जुटे दोनों देशों के अधिकारी भारत-नेपाल संबंधों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को लेकर देहरादून में हो रही इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। बुधवार देर शाम केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों का दल बैठक में शामिल होने के लिए होटल पहुंचा। इसके साथ ही नेपाल के उच्च अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी देहरादून पहुंच गया। आज और कल होने वाली वार्ता में दोनों देशों के अधिकारी आमने-सामने बैठकर सीमा से जुड़े पुराने विवादों के अलावा सीमा सुरक्षा और प्रबंधन के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही आपसी संबंधों को बेहतर बनाने और बेहतर समन्वय के लिए आगे की रणनीति पर भी विचार होगा। लखनऊ में ड्रोन सर्वे पर बनी थी सहमति इससे पहले 14 अगस्त को लखनऊ में भारत और नेपाल के सर्वे अधिकारियों की अहम बैठक हुई थी। इसमें सीमा पार जमीन, खेती और निर्माण से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर सहमति बनी थी। प्रस्तावित सर्वे में ड्रोन से हवाई तस्वीरें लेने और जमीन से जुटाए गए आंकड़ों का दोनों देशों के अधिकारी संयुक्त रूप से अध्ययन करेंगे। माना जा रहा है कि देहरादून बैठक में भी इसी तकनीकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। उत्तराखंड के 3 जिले नेपाल सीमा से जुड़े भारत-नेपाल की करीब 1751 किलोमीटर लंबी सीमा भारत के पांच राज्यों से होकर गुजरती है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर समेत कई क्षेत्र नेपाल से सीधे जुड़े हैं। इन इलाकों में दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से आवाजाही और व्यापार होता रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के सात जिले भी नेपाल सीमा से जुड़े हैं। सीमा से जुड़े स्थानीय व्यापार और आवागमन पर किसी तरह का असर न पड़े, इसे लेकर भी दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में देहरादून की बैठक में सीमा विवाद के साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार और आवाजाही से जुड़े मुद्दे भी अहम रहेंगे। बालेंद्र सरकार के बाद व्यापारिक रिश्तों पर भी नजर नेपाल में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल संबंधों और दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर नए समीकरण बने हैं। सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने और आपसी सहयोग मजबूत करने पर भी बातचीत हो रही है। दोनों देशों के अधिकारी ऐसे रास्ते तलाश रहे हैं, जिससे सीमा विवादों का समाधान करते हुए व्यापार और स्थानीय स्तर पर होने वाली कारोबारी गतिविधियों को बेहतर बनाया जा सके। बैठक के दूसरे दिन इन मुद्दों पर आगे की चर्चा होगी। --------------- ये खबर भी पढ़ें : नेपाल में एक रुपए के सिक्के से विवादित-नक्शा नहीं हटेगा: इसमें भारत के इलाकों को अपना दिखाया; नई डिजाइन का प्रस्ताव लौटाया नेपाल सरकार ने एक रुपए के सिक्के से विवादित राष्ट्रीय नक्शा हटाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इस नक्शे में भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से केजरीवाल-सत्येंद्र जैन को लेटर लिखा:3 और घोटाले उजागर करने की धमकी दी, पंजाब को लेकर भी चेतावनी दी
सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को नया लेटर लिखा है। लेटर में उसने पार्टी से जुड़े तीन और घोटाले उजागर करने की धमकी दी है। इस लेटर में चंद्रशेखर ने दावा किया कि दिल्ली शराब नीति और जल बोर्ड को लेकर उसके पिछले खुलासे सही साबित हुए हैं। उसने कहा कि अब तीन और घोटालों का खुलासा होने वाला है। यह लेटर गुरुवार को सामने आया। चंद्रशेखर इस समय जेल में बंद है। उसने आम आदमी पार्टी को घोटालों की ऑलवेज पार्टी बताते हुए पंजाब को लेकर भी चेतावनी दी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है….
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