क्यों काम ना करने के बदले राम गोपाल वर्मा हर महीने रणदीप हुड्डा को देते थे 35 हजार रुपये?
'जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है', अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के बयान पर तिलमिलाया पाकिस्तान, प्रभारी को किया तलब
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर द्वारा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान दिये गए बयानों को लेकर पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास प्रभारी नताली बेकर को तलब किया। गोर ने बुधवार को श्रीनगर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा और बेहद खूबसूरत जगह है। श्रीनगर की मशहूर डल झील में ‘शिकारा’ की सवारी करने वाले गोर ने यह भी कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर की यात्रा से जुड़े परामर्श पर पुनर्विचार करेगा, क्योंकि केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे सुरक्षित जगह बनाने के लिए कदम उठाए हैं।
गोर के बयान के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की प्रभारी को तलब किया और गोर की टिप्पणियों पर ‘कड़ी आपत्ति’ दर्ज कराई। गोर ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा,‘‘पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की कड़ी निंदा की और वह इसे पूरी तरह से खारिज करता है।’’
बयान में कहा गया कि ‘‘जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एक विवादित क्षेत्र है, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों तथा कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार इसके अंतिम समाधान का इंतजार है।’’ पाकिस्तान ने कहा कि अमेरिकी राजदूत के ‘‘गैर-जिम्मेदाराना बयान ने जम्मू-कश्मीर विवाद पर अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे और अच्छी तरह से दर्ज रुख को नकार दिया, और यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की सर्वोच्चता के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता के भी खिलाफ है।
सर्जियो गोर ने क्या कहा?
अमेरिकी राजदूत गोर ने जम्मू-कश्मीर को 'भारत का अहम हिस्सा' बताया और जम्मू-कश्मीर को और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और केंद्र सरकार द्वारा की गई सुरक्षा कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वाशिंगटन जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी यात्रा सलाह (travel advisory) को कम करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा "यह भारत का एक अहम हिस्सा है और इसलिए मैं पहली बार यहाँ आया हूँ। यह बहुत ही खूबसूरत जगह है, और यहाँ आकर और इस जगह को देखकर मैं बहुत उत्साहित हूँ। हमारी मीटिंग बहुत अच्छी रही, और कुछ बातें हैं जिन पर आगे काम करना है; हम उन्हें वॉशिंगटन और दिल्ली ले जाएँगे। लेकिन, बातचीत बहुत गर्मजोशी भरी और दोस्ताना रही, और हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
इसे भी पढ़ें: Yogi Adityanath ने Lucknow में Taj Palace होटल का उद्घाटन कर उत्तर प्रदेश को बताया पर्यटन केंद्र
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो दिन के दौरे पर श्रीनगर पहुँचे गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाक़ात के बाद ये बातें कहीं। 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने और 2025 में पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के बाद, किसी अमेरिकी दूत का इस केंद्र शासित प्रदेश का यह पहला अलग दौरा है।
अमेरिकी दूत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को "और सुरक्षित" रखने के लिए कुछ "अहम कदम" उठाए गए हैं और अमेरिका अपनी ट्रैवल एडवाइज़री की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि अभी अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए लेवल 4 की "यात्रा न करें" (do not travel) वाली एडवाइज़री जारी कर रखी है।
इसे भी पढ़ें: Gaza में Israel के हमलों से 10 की मौत हुई, Jared Kushner की अपील निष्फल
यात्रा एडवाइज़री की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि अभी अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए लेवल 4 की "यात्रा न करें" (do not travel) वाली एडवाइज़री जारी कर रखी है।
गोर ने कहा "अमेरिका यात्रा से जुड़ी चेतावनियाँ जारी करता है और समय-समय पर हम उन चेतावनियों की समीक्षा भी करते हैं। मैं आज यहाँ कोई बड़ी घोषणा तो नहीं कर सकता, लेकिन यह एक ऐसी चीज़ है जिस पर हम विचार करेंगे। हमारा मानना है कि नई दिल्ली, यहाँ के मुख्यमंत्री और यहाँ की सरकार ने इस इलाके को सुरक्षित रखने और इसे और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कदम उठाए हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









