Jharkhand: 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, छात्रों ने आभार यात्रा निकाली
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बुधवार को ‘आभार यात्रा’ निकाली। यह यात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार द्वारा 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने और 2014 से राज्य लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा कराई गई 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश देने के एक दिन बाद निकाली गई। छात्र नेताओं ने बताया कि यह ‘आभार यात्रा’ उन सभी छात्रों और अभिभावकों को धन्यवाद देने के लिए निकाली गई, जिन्होंने व्यवस्था में सुधार और बदलाव की मांग को लेकर उनके आंदोलन का समर्थन किया।
यह यात्रा प्रदर्शन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। इसमें राज्यभर से आए सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, ‘‘यह 16 दिन की भूख हड़ताल और 24 दिन के सत्याग्रह का परिणाम है।
सत्याग्रह 24 अगस्त से और भूख हड़ताल दो अगस्त से शुरू हुई थी।’’ उन्होंने कहा कि झारखंड में नौकरी घोटाले, प्रश्नपत्र लीक, भ्रष्टाचार, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और नौकरी हासिल करने के लिए होने वाली साठगांठ को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महतो ने कहा, ‘‘हम शिक्षा माफिया को जड़ से खत्म करेंगे। यह बिरसा मुंडा और चांद भैरव की धरती है, यह संघर्ष की भूमि है।
मैं सभी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और मीडिया का आभार व्यक्त करता हूं।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भी धन्यवाद किया और छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के लिए आभार जताया। छात्र नेता ने बताया कि उन्होंने 16 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोमवार आधी रात के करीब इसे समाप्त किया था। राज्य सरकार द्वारा 2014 से आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाएं, जिनमें जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा भी शामिल है, रद्द किए जाने के बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त किया।
‘जेपीएससी/जेएसएससी रिफार्म्स मंच’ के एक छात्र नेता ने कहा, ‘‘छोटे से लेकर बड़े हर व्यक्ति ने इस आंदोलन में योगदान दिया है। इसी के परिणामस्वरूप देश के सबसे अनोखे आंदोलनों में से एक शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने हमारी आधे से अधिक मांगें स्वीकार कर लीं, यही इस आंदोलन की ताकत थी।’’ मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा, ‘‘छात्रों के 26 दिन के आंदोलन ने झारखंड सरकार को 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने और 23 अन्य की जांच शुरू करने के लिए मजबूर किया।
हमने दो महीने के लिए अपना आंदोलन स्थगित किया है, ताकि राज्य सरकार मुद्दों का समाधान करके व्यवस्था में सुधार कर सके।’’ उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को देशभर से अभूतपूर्व समर्थन मिला और यह ‘आभार यात्रा’ उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने इस संघर्ष में साथ दिया।
Bhupendra Patel ने अमेरिका में गुजरात की नयी Tourism Policy में निवेश की अपील की
सागर कुलकर्णी वाशिंगटन, 19 अगस्त गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार एक नयी पर्यटन नीति ला रही है। उन्होंने साथ ही कारोबारी समूहों से राज्य में निवेश करने की अपील की। पटेल ने यहां विश्व उमिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार एक नयी पर्यटन नीति ला रही है। मैं राज्य में होटल और उससे जुड़े आधारभूत संरचना के विकास में निवेश करने के लिए आपको आमंत्रित करता हूं।’’ मुख्यमंत्री आगामी ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के दौरान राज्य में निवेश आकर्षित करने की कोशिशों के तहत विश्व बैंक और भारतीय मूल के कारोबारियों के साथ बैठकें कीं। पटेल के सैन फ्रांसिस्को से यहां पहुंचने पर विश्व उमिया फाउंडेशन के नेतृत्व में गुजराती समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया।
सैन फ्रांसिस्को में उन्होंने सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा और जैव प्रौद्योगिकी के लिए राज्य को एक वैश्विक केंद्र बनाने की योजनाओं को रेखांकित किया था। पटेल अमेरिका और कनाडा की यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य दुनिया भर के उद्योगपतियों, निवेशकों और प्रौद्योगिकी दिग्गजों को आने वाले ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ में शामिल होने और गुजरात में निवेश करने के लिए आमंत्रित करना है।
मुख्यमंत्री विश्व बैंक में एक संवाद सत्र में शामिल हुए, जहां उन्होंने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) के बारे में एक प्रस्तुति दी। पटेल ने अमेरिका में अपनी मुलाकातों के दौरान गुजरात को भारत के विकास के इंजन के तौर पर पेश किया है और ‘विकसित गुजरात-2047’ के जरिए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में अगुवाई करने के अपने संकल्प को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, गुजरात सेमीकंडक्टर, एआई, डेटा सेंटर और जैव प्रौद्योगिकी जैसे नए युग के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा और उन्हें भरोसा है कि ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027’ इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच साबित होगा।
पिछला वाइब्रेंट गुजरात समिट जनवरी 2024 में हुआ था, जबकि हर दो साल में होने वाले इस कार्यक्रम का 11वां संस्करण 2027 में आयोजित किया जाना है।
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