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प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच से 13,089 पूर्व चयनित शिक्षकों को झटका, 5% बोनस अंकों से जुड़ी सभी रिट अपीलें खारिज

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में बोनस अंकों के विवाद पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। जबलपुर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी रिट अपीलें खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि आरसीआई मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है और अब संशोधित मेरिट सूची के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया चलेगी।

दरअसल हाईकोर्ट का यह फैसला उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 की चयन सूची में 5% बोनस अंक दिए जाने पर सवाल उठाए गए थे। मामला नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया और अन्य की याचिका से शुरू हुआ था। याचिका में कहा गया था कि भर्ती नियम पुस्तिका की कंडिका 7.7 के मुताबिक केवल भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को ही बोनस अंक मिल सकते थे। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को भी बोनस अंक मिल गए, जिनके पास यह मान्यता प्राप्त योग्यता नहीं थी।

हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को सही माना

जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की खंडपीठ ने अपीलों की सुनवाई के बाद कहा कि अभ्यर्थियों को अपनी जानकारी सुधारने के लिए पहले ही कई मौके दिए गए थे। कोर्ट के मुताबिक पहला सुधार अवसर 25 और 26 अगस्त 2025 को दिया गया था। इसके बाद दीपक परमार मामले के आदेश के तहत 26 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक दूसरी विंडो खोली गई। तीसरा मौका 4 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक उपलब्ध कराया गया था। खंडपीठ ने कहा कि इन तीनों मौकों के बावजूद जिन अभ्यर्थियों ने अपनी जानकारी नहीं सुधारी, वे परिणाम घोषित होने के बाद राहत नहीं मांग सकते। अदालत ने यह भी कहा कि अपीलकर्ताओं का यह तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने “हाँ” का विकल्प केवल भूलवश चुना था। कोर्ट के अनुसार परिणाम आने के बाद गलती का दावा करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

इससे पहले 6 मई 2026 को जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने आदेश दिया था कि कर्मचारी चयन मंडल ने केवल ऑनलाइन आवेदन में ‘हाँ’ विकल्प चुने जाने के आधार पर बिना दस्तावेज सत्यापन के बोनस अंक दिए थे। अदालत ने राज्य सरकार को चयन सूची वापस भेजने और आरसीआई योग्यता का सत्यापन कर नई मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे।

बोनस अंक विवाद में कोर्ट की अहम टिप्पणी

वहीं खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में गलत जानकारी देकर बोनस अंक लेना धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। अदालत ने कहा कि धोखाधड़ी के आधार पर प्राप्त लाभ को बाद में समानता के सिद्धांत के तहत सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई पुराने निर्णयों का भी हवाला दिया गया, जिनमें महेश कुमार बाथम बनाम भारतीय जीवन बीमा निगम का मामला भी शामिल है। कोर्ट ने यह भी माना कि इस स्तर पर पूरी चयन प्रक्रिया दोबारा खोलने से हजारों अभ्यर्थियों की अंतर-वरीयता प्रभावित होगी। ऐसे अभ्यर्थियों के अधिकारों पर भी असर पड़ेगा, जिन्होंने शुरुआत से सही जानकारी देकर आवेदन किया था। इसलिए सिंगल बेंच के आदेश में किसी तरह की कानूनी या तथ्यात्मक गलती नहीं पाई गई।

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उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, CM मोहन यादव ने किया 945 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन

सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी बीच बुधवार शाम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपने गृह नगर पहुंचे और यहां सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की तैयारी का जायजा लिया। इस दौरान उज्जैन को एक बड़ी सौगात भी मिली है।

उज्जैन पहुंचे सीएम ने 5.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि पूजन किया। जो 945 करोड़ की लागत से तैयार किया जाने वाला है। इसके अलावा वो कालिदास अकादमी भी पहुंचे जहां उन्होंने एसडीआरएफ और होमगार्ड की आपदा प्रबंधन प्रदर्शनी देखी और सड़क दुर्घटना, भवन हादसे, आगजनी और बाढ़ जैसी दुर्घटनाओं में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के बारे में जानकारी ली।

उज्जैन को मिली 945 करोड़ की सौगात

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन की यातायात व्यवस्था से जुड़ी बड़ी परियोजना का भूमिपूजन किया। 945.20 करोड़ की लागत से एक 5.30 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाने वाला है। इसका पहला हिस्सा इंदिरानगर चौराहा से नीलगंगा चौराहा और दूसरा निकास चौराहा से इंदौर गेट तक होगा। उज्जैन में पूरे साल है श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखने को मिलती है। सिंहस्थ के दौरान की संख्या और भी बढ़ जाएगी। ऐसे नहीं आता है की व्यवस्था को बेहतर बनाने में एलिवेटेड कॉरिडोर महत्वपूर्ण साबित होंगे।

 

बेहतर होगी कनेक्टिविटी

एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से पुराने शहर और धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सकेगी। महाकाल मंदिर के साथ शहर के अन्य धार्मिक स्थल जैसे मंगलनाथ, काल भैरव और अन्य मंदिरों तक पहुंचने वाले जो मार्ग है उन पर यातायात का दबाव कम होगा। शहर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसे में आधारभूत सुविधाओं को विकसित करना जरूरी है।

होमगार्ड की ट्रेनिंग की शुरुआत

मुख्यमंत्री में होमगार्ड ट्रेनिंग का भी शुभारंभ किया। महाकुंभ को लेकर की जा रही तैयारी को लेकर उन्होंने अधिकारियों और जवानों की सराहना की और कहा कि इतने बड़े आयोजन में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी बचाव व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया बहुत जरूरी है। उन्होंने आपदा मित्रों को इस व्यवस्था से जोड़ने और पुलिस बल के साथ होमगार्ड जवानों को लगातार प्रशिक्षित करने पर जोर दिया।

सीएम ने की अपील

सिंहस्थ 2028 को लेकर मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र और समाज से भी सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले समय में स्कूल, अस्पताल, धर्मशाला, मैरिज गार्डन, होटल और होम स्टे जैसी सुविधाओं की जरूरत बढ़ेगी। लोग अपनी क्षमता के अनुसार इन सुविधाओं के विकास में भाग लें। सरकार द्वारा आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को गति देने की कोशिश की जाएगी ताकि सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सके।

सिंहस्थ 2028 को दुनिया के सबसे बड़े मेले में मिले पहचान

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि सिंहस्थ 2028 के आयोजन को दुनिया की सबसे बड़े मेलों में अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर मिले और यह शानदार तरीके से पूरा हो सके। इसलिए सुरक्षा, यातायात, आपदा प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम एक साथ किए जा रहे हैं। जो श्रद्धालु आएंगे उन्हें बेहतर व्यवस्था देने के साथ भविष्य की जरूरत को देखते हुए उज्जैन में विकास कार्य किया जा रहा है।

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वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप: पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी बाहर, महिला युगल में त्रीसा-गायत्री ने जगाई उम्मीद

PV Sindhu Out of World Championship: वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पीवी सिंधू का छठा पदक जीतने का सपना प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग झी यी से 11-21, 21-15, 17-21 से हारकर टूट गया. पुरुष एकल में सनसनी मचाने वाले आयुष शेट्टी को इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने 21-19, 21-11 से हराया, जिससे एकल वर्ग में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई. राहत की बात यह रही कि त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की गैर-वरीय महिला युगल जोड़ी ने जापानी जोड़ी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. Thu, 20 Aug 2026 21:03:43 +0530

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