US Debt Record: पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा अमेरिका का कर्ज; हर पांच महीने में 1 ट्रिलियन का इजाफा
वैश्विक महाशक्ति अमेरिका की अर्थव्यवस्था इस समय ऐतिहासिक राजकोषीय असंतुलन और बेतहाशा बढ़ते कर्ज के गंभीर संकट से जूझ रही है। डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन दोनों के कार्यकालों के दौरान खर्चों में हुई भारी बढ़ोतरी ने देश के कुल सार्वजनिक कर्ज को दोगुना करते हुए खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है।
अमेरिकी सरकार का राजस्व संग्रह उसके बढ़ते खर्चों, सामाजिक योजनाओं और रक्षा प्रतिबद्धताओं के मुकाबले लगातार कम पड़ रहा है। इसी के चलते दुनिया की सबसे मजबूत मानी जाने वाली करेंसी और बाजार पर अब भारी ब्याज दर और महंगाई का चौतरफा दबाव साफ दिखने लगा है।
हर 5 महीने में 1 ट्रिलियन डॉलर की रफ्तार से बढ़ रहा है कर्ज
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का कुल सार्वजनिक कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया है। कर्ज बढ़ने की यह रफ्तार बेहद चौंकाने वाली है। पिछले साल अक्टूबर में यह आंकड़ा 38 ट्रिलियन डॉलर था, जो मार्च में बढ़कर 39 ट्रिलियन डॉलर हुआ और अब अगस्त में 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है।
इस प्रकार महज 10 महीनों के भीतर अमेरिकी खजाने पर 2 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त बोझ लद चुका है।
रक्षा बजट, मेडिकेयर और बढ़ता ब्याज खजाने पर भारी
अमेरिकी सरकार के बजट का एक बड़ा हिस्सा रक्षा खर्च, सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर जा रहा है। इसके साथ ही पुराने कर्ज पर दिया जाने वाला भारी-भरकम ब्याज भी अब सरकारी राजस्व को निगल रहा है।
एक ओर सरकार के सामने अंतरराष्ट्रीय मोर्चों पर रक्षा लागत संभालने की चुनौती है, तो दूसरी ओर घरेलू स्तर पर गैस, ईंधन और राशन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने का दबाव बना हुआ है। हालांकि व्हाइट हाउस का दावा है कि प्रशासन अनावश्यक खर्चों और फिजूलखर्ची में कटौती कर आर्थिक विकास को तेज करने में जुटा है।
आम अमेरिकियों की जेब पर सीधा असर, लोन और रोजमर्रा की चीजें महंगी
आर्थिक जानकारों और थिंक टैंक्स का कहना है कि यह विशाल कर्ज सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है। सरकार द्वारा ज्यादा ब्याज चुकाए जाने के कारण बाजार में पूंजी की कमी हो रही है, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें लगातार ऊंची बनी हुई हैं।
कंपनियों के पास नए निवेश के लिए पूंजी कम बचने से वेतन वृद्धि प्रभावित हो रही है और दैनिक उपभोग की वस्तुओं व सेवाओं की महंगाई दर में तेजी बनी हुई है।
2027 तक 41.1 ट्रिलियन डॉलर की सीमा, ओईसीडी ने भी चेताया
बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुमान के मुताबिक, अमेरिका वर्ष 2027 की शुरुआत तक अपनी कानूनी वैधानिक कर्ज सीमा 41.1 ट्रिलियन डॉलर को भी छू सकता है।
इसके बाद अमेरिकी संसद को दोबारा कर्ज सीमा बढ़ाने या स्थगित करने पर कड़ा फैसला लेना होगा। वहीं ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट के हालिया विश्लेषण में भी स्पष्ट किया गया है कि दुनिया के प्रमुख विकसित देशों में अमेरिका की राजकोषीय स्थिति सबसे कमजोर बनी हुई है।
DoT ने 9 SIM card की सीमा पार करने पर नया कनेक्शन न देने का दिया निर्देश
दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार कंपनियों को ऐसे ग्राहकों को नया मोबाइल कनेक्शन देने से मना करने का निर्देश दिया है, जिनके नाम पहले से ही नौ मोबाइल सिम जारी हैं। विभाग ने 17 अगस्त को जारी परिपत्र में कहा है कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 24 अगस्त, 2026 से ऐसे ग्राहकों की पहचान के लिए जरूरी तकनीकी एवं संगठनात्मक उपाय करने होंगे, जो निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन लेना चाहते हैं। इस तरह के ग्राहकों को नए सिम कार्ड देने से मना करना होगा।
विभाग ने कंपनियों को अपने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) का इस्तेमाल करने को कहा है। इस मंच पर दूरसंचार कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए ग्राहक आंकड़ों के आधार पर पहले से निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों का विवरण उपलब्ध है। दूरसंचार विभाग ने कहा कि 23 अगस्त से डीआईपी पर ऐसे प्रत्येक ग्राहक की फोटो की प्रतिनिधि छवि भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके नाम पर निर्धारित सीमा तक मोबाइल कनेक्शन पहले से जारी हैं।
इससे कंपनियों को नया कनेक्शन लेने वाले ग्राहक की पहचान करने और उसे निर्धारित सीमा पार करने से रोकने में मदद मिलेगी। विभाग ने दूरसंचार कंपनियों को 30 नवंबर तक डीआईपी के साथ इस प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए कहा है। परिपत्र के मुताबिक, जब तक यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक निर्धारित सीमा से अधिक संख्या में सक्रिय हुआ कोई भी मोबाइल कनेक्शन ग्राहक आवेदन पत्र (सीएएफ) की शर्तों के अनुरूप तत्काल निलंबित किया जाएगा और सीमा से अधिक कनेक्शन के मामले का समाधान होने तक निलंबित ही रखा जाएगा।
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