अचानक डाउन हुआ ChatGPT, करोड़ों यूजर्स का काम ठप, ऑफिस से पढ़ाई तक मचा हड़कंप
टेक्नोलॉजी की दुनिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका AI चैटबॉट ChatGPT अचानक ठप पड़ गया। भारत समेत दुनिया के कई देशों में यूजर्स को ChatGPT इस्तेमाल करने में दिक्कत आने लगी। किसी को जवाब नहीं मिल रहा था तो किसी की पुरानी चैट गायब हो गई। कुछ लोगों का अकाउंट अपने आप लॉगआउट हो गया।
आज के समय में ChatGPT सिर्फ एक चैटबॉट नहीं रहा बल्कि ऑफिस, पढ़ाई, कंटेंट राइटिंग, कोडिंग और बिजनेस का बड़ा सहारा बन चुका है। ऐसे में जब अचानक यह सेवा बंद हुई तो लाखों लोगों का काम बीच में अटक गया। कई कर्मचारी सिर पकड़कर बैठे नजर आए क्योंकि जरूरी प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पा रहे थे। वहीं स्टूडेंट्स भी परेशान दिखे, जिन्हें असाइनमेंट और पढ़ाई के लिए ChatGPT की जरूरत थी।
डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों की बाढ़, हजारों यूजर्स हुए परेशान
जैसे ही ChatGPT डाउन हुआ लोगों ने डाउनडिटेक्टर पर शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती कुछ घंटों में ही 4 हजार से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म के काम न करने की शिकायत की। डेटा के अनुसार करीब 86 प्रतिशत यूजर्स ने बताया कि ChatGPT सवालों का जवाब ही नहीं दे रहा था। वहीं कुछ यूजर्स को मोबाइल ऐप खोलने में दिक्कत हुई। कई लोग वेबसाइट पर लॉगिन नहीं कर पा रहे थे।
भारत में भी इसका असर साफ दिखाई दिया। यहां 400 से ज्यादा लोगों ने डाउनडिटेक्टर पर शिकायत दर्ज कराई। ज्यादातर यूजर्स ने कहा कि ChatGPT सवाल पूछने के बाद खाली स्क्रीन दिखा रहा था। कुछ लोगों को केवल ब्लिंक करता हुआ कर्सर दिखाई दे रहा था, लेकिन जवाब नहीं मिल रहा था। इससे साफ हो गया कि समस्या सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह ग्लोबल आउटेज था।
क्या-क्या दिक्कतें आईं? यूजर्स ने बताई पूरी परेशानी
ChatGPT डाउन होने के बाद यूजर्स को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि चैटबॉट सवालों का जवाब देना बंद कर चुका था। कई लोगों ने बताया कि वे जैसे ही कोई सवाल टाइप कर रहे थे स्क्रीन खाली रह जा रही थी। कुछ यूजर्स को पुरानी चैट हिस्ट्री नहीं दिखाई दे रही थी। स्क्रीन का लेफ्ट साइड पूरी तरह सफेद नजर आ रहा था।
एंड्रॉयड और आईफोन दोनों में ही ChatGPT ऐप खोलने में परेशानी देखने को मिली। कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐप बार-बार क्रैश हो रहा था। कई लोग अचानक अपने अकाउंट से लॉगआउट हो गए। जब उन्होंने दोबारा लॉगिन करने की कोशिश की तो पेज लोड ही नहीं हुआ। कुछ यूजर्स का कहना था कि ChatGPT खुल तो रहा था, लेकिन जवाब आने में बहुत ज्यादा समय लग रहा था। इससे लोगों के जरूरी काम अटक गए।
ऑफिस कर्मचारियों और स्टूडेंट्स पर पड़ा बड़ा असर
पिछले कुछ सालों में ChatGPT का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। आज लाखों लोग अपने रोजमर्रा के काम के लिए इस AI टूल पर निर्भर हो चुके हैं। ऑफिस में ईमेल लिखने, रिपोर्ट तैयार करने, प्रेजेंटेशन बनाने और डेटा समझने जैसे कामों में ChatGPT का खूब इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसके अचानक बंद होने से कर्मचारियों को भारी परेशानी हुई। कई कंपनियों में कर्मचारियों का काम रुक गया।
500 करोड़ में बिका दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर, न्यूयॉर्क की नीलामी में “गस” ने तोड़ा रिकॉर्ड
लगभग 6.7 करोड़ वर्ष पहले धरती पर घूमने वाला एक विशाल शिकारी अब इतिहास का सबसे महंगा डायनासोर बन गया है। न्यूयॉर्क के सोथबीज़ नीलामी घर में ‘गस’ (Gus) नाम के टायरानोसॉरस रेक्स (T. rex) डायनासोर के जीवाश्म कंकाल की नीलामी 50.1 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये) में हुई। इसके साथ ही यह नीलामी में बिकने वाला दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर जीवाश्म बन गया है।
नीलामी के दौरान लगभग 10 मिनट तक सात लोगों के बीच जबरदस्त मुकाबला चला। शुरुआत में इसकी अनुमानित कीमत 20 से 30 मिलियन डॉलर लगाई गई थी लेकिन अंतिम बोली ने सभी अनुमान पीछे छोड़ दिए। विजेता खरीदार ने फोन के जरिए बोली लगाई और उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
दुनिया का सबसे महंगा डायनासोर
इस जीवाश्म की खोज 2021 में अमेरिका के साउथ डकोटा स्थित एक निजी पशु फार्म में हुई थी। इसके बाद कई वर्षों तक खुदाई, सफाई और संरक्षण का काम चला। ‘गस’ नाम उस रैंच के मालिक के सम्मान में रखा गया जहां यह जीवाश्म मिला था। वैज्ञानिकों के अनुसार ‘गस’ दुनिया में मिले सबसे बड़े और सबसे बेहतर संरक्षित “टी. रेक्स” नमूनों में शामिल है। इसकी लंबाई लगभग 38 फीट (11.6 मीटर) और ऊंचाई लगभग 12.5 फीट है। इसके कंकाल में 183 जीवाश्म हड्डियां शामिल हैं और यह हड्डियों की संख्या के आधार पर लगभग 61–63 प्रतिशत पूर्ण माना जाता है।
सबसे दिलचस्प बात इसकी खोपड़ी है। वैज्ञानिकों को उसकी खोपड़ी पर गहरे काटने के निशान मिले हैं, जबकि कई पसलियां टूटकर दोबारा जुड़ने के प्रमाण भी दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये निशान बताते हैं कि ‘गस’ ने अपने जीवन में कई हिंसक संघर्ष झेले थे और गंभीर चोटों से उबर भी गया था। यही वजह है कि इसे अपने समय का एक शक्तिशाली योद्धा माना जा रहा है और इसीलिए ये बेहद खास है।
रिकॉर्ड नीलामी, नई बहस छिड़ी
‘गस’ ने इससे पहले सबसे महंगे डायनासोर जीवाश्म का रिकॉर्ड रखने वाले स्टेगोसॉरस ‘एपेक्स’ को पीछे छोड़ दिया जो 2024 में लगभग 44.6 मिलियन डॉलर में बिका था। इससे पहले ‘स्टैन’ नाम का टी. रेक्स 2020 में करीब 3.2 करोड़ डॉलर में नीलाम हुआ था। हालांकि इस रिकॉर्ड नीलामी ने वैज्ञानिक समुदाय में नई बहस भी छेड़ दी है। कई जीवाश्म वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जीवाश्म निजी संग्रह में चले जाने से भविष्य के शोध और आम लोगों की पहुंच सीमित हो सकती है। वैज्ञानिक संस्थाओं ने उम्मीद जताई है कि नया मालिक इसे किसी संग्रहालय में प्रदर्शित करेगा, ताकि शोध और शिक्षा दोनों को लाभ मिल सके।
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