पन्ना में मानव भ्रूण मिलने से हड़कंप, जांच के घेरे में निजी अस्पताल, मेडिकल वेस्ट निपटान पर उठे बड़े सवाल
पन्ना में जमीन में एक अविकसित मानव भ्रूण बरामद हुआ है। दरअसल पुलिस ने मामले में एक निजी अस्पताल की भूमिका संदिग्ध मानते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने पुराने पन्ना क्षेत्र में किलकिला नदी किनारे यह भ्रूण खुदाई कर बरामद किया। नगर निगम के स्वीपर राकेश डुमार की निशानदेही पर यह कार्रवाई संपन्न हुई।
वहीं पुलिस के मुताबिक मामला तब सामने आया जब नगर निगम के सफाई कर्मचारी राकेश डुमार ने जानकारी दी कि 21 जुलाई को एक निजी अस्पताल की कर्मचारी ने उन्हें मेडिकल वेस्ट बताकर एक थैला शहर से बाहर दफनाने के लिए दिया था। राकेश का दावा है कि सुनसान जगह पर थैला खोलने पर उसमें अविकसित मानव भ्रूण मिला। घबराहट में उसने वहीं गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया। बाद में उसने यह बात एक परिचित को बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खुदाई कर भ्रूण बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
अस्पताल के रिकॉर्ड और मेडिकल वेस्ट सिस्टम की जांच
दरअसल इस मामले की जांच अब कई स्तरों पर चल रही है। पुलिस ने संबंधित निजी अस्पताल से प्रसूति रजिस्टर, मरीजों का रिकॉर्ड, गर्भसमापन से जुड़े दस्तावेज और बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित थैला कहां से आया और उसका निपटान किस प्रक्रिया के तहत किया जाना था।
निजी अस्पताल की भूमिका पर सवाल
वहीं इस घटनाक्रम के बाद संबंधित निजी अस्पताल और उसके संचालक एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पुलिस पुराने रिकॉर्ड और पहले दर्ज मामलों की भी समीक्षा कर रही है। बताया जा रहा है कि अस्पताल संचालक से जुड़े एक पुराने वित्तीय अनियमितता के मामले की सुनवाई पहले से न्यायालय में लंबित है। हालांकि वर्तमान जांच का फोकस पूरी तरह मानव भ्रूण बरामदगी और उससे जुड़े तथ्यों पर है।
कोतवाली थाना प्रभारी रोहित मिश्रा ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अस्पताल से मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Bihar Politics: '3 अगस्त को सम्राट चौधरी का रास्ता साफ', बांकीपुर रिजल्ट से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा दावा
Bihar Politics: बिहार की बेहद चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे तीन अगस्त को घोषित किए जाएंगे. मतगणना की तारीख नजदीक आते ही राजधानी पटना की राजनीतिक फिजा में अचानक तपिश बढ़ गई है. वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने राज्य की एनडीए सरकार और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने पूरे चुनाव के दौरान प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बीस सालों के कार्यकाल में कभी भी चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक तंत्र का गलत इस्तेमाल नहीं किया. लेकिन इस उपचुनाव में जिस तरह से पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग किया गया है, वह बेहद चिंताजनक है. पीके ने दावा किया कि तीन अगस्त को जब मतगणना के बाद जन सुराज पार्टी की जीत की घोषणा होगी, तो उसके साथ ही सम्राट चौधरी के जाने का रास्ता भी पूरी तरह से साफ हो जाएगा.
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, पटना एसएसपी पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में मतदान के दिन और उससे पहले हुई पुलिसिया कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी ने भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने जन सुराज के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया और उन्हें डराने की कोशिश की. प्रशांत किशोर के मुताबिक, सत्तारूढ़ दल को अपनी हार का डर सता रहा है, इसलिए पुलिस महकमे का इस्तेमाल राजनीतिक औजार की तरह किया गया. उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले का संज्ञान लेने और पटना एसएसपी समेत दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. प्रशांत किशोर ने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, न कि किसी एक राजनीतिक दल के एजेंट की तरह व्यवहार करना चाहिए.
बांकीपुर उपचुनाव में पटना की सड़कों पर पुलिस प्रशासन का जो नंगा नाच हुआ है, वह एसएसपी पटना के इशारे पर हुआ है। जन सुराज से चुनाव सिर्फ बीजेपी ही नहीं, पटना पुलिस भी लड़ रही थी!! pic.twitter.com/IvI5gGHx0a
— Jan Suraaj (@jansuraajonline) August 2, 2026
पोलिंग एजेंटों को हिरासत में लेने का आरोप, रात भर चला ड्रामा
मतदान वाले दिन भी बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही. प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वोटिंग के दिन बिना किसी ठोस कारण के उनके समर्थकों और मतदान अभिकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम से लेकर देर रात तक जन सुराज के बीस से अधिक प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने परेशान किया. सबसे गंभीर बात यह रही कि पुलिस ने न तो औपचारिक रूप से किसी की गिरफ्तारी दिखाई और न ही यह बताया कि उन्हें किस कानून के तहत पकड़ा गया है. प्रशांत किशोर के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेताओं को पहले शहर के अलग-अलग थानों में घुमाया गया. उसके बाद उन्हें दानापुर ले जाया गया और जब मीडिया तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी, तो पुलिस ने उन्हें शाहपुर थाने में शिफ्ट कर दिया. इस दौरान गोलघर के पास नगर पुलिस अधीक्षक मध्य ममता कल्याणी के साथ प्रशांत किशोर की तीखी बहस भी देखने को मिली.
लोकतंत्र के खिलाफ कदम, घर से उठाए गए स्थानीय नेता
प्रशांत किशोर ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली को पूरी तरह से गैर कानूनी और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी कार्यकर्ता या नेता ने कानून का उल्लंघन किया था, तो उनके खिलाफ विधिवत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए था. लेकिन बिना किसी स्पष्ट आरोप के रात के अंधेरे में लोगों को हिरासत में रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तार-तार करता है. प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जिन लोगों को पुलिस ने उठाया, उनमें से कम से कम दस नेता पटना के ही स्थायी निवासी हैं. उन्हें रात के समय उनके घरों से जबरन उठाया गया ताकि वे मतदान के दिन चुनावी गतिविधियों से दूर रहें और जन सुराज के मतदाताओं को जागरूक न कर सकें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और बीजेपी ने मिलकर जन सुराज को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनता ने उनके सभी मंसूबों को नाकाम कर दिया है.
महज 34 फीसदी मतदान, किसके सिर सजेगा ताज
उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान संपन्न हुआ था. इस सीट पर कुल 34 दशमलव तीन शून्य प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो कि पिछले आम चुनावों की तुलना में काफी कम है. यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के त्यागपत्र देने के बाद खाली हुई थी. इस त्रिकोणीय मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और कांग्रेस समर्थित राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा गुप्ता के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है. कम मतदान प्रतिशत ने सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. अब हर किसी की निगाहें तीन अगस्त की सुबह शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हुई हैं. कल यह साफ हो जाएगा कि बांकीपुर की जनता ने प्रशांत किशोर के दावों पर भरोसा जताया है या फिर बीजेपी अपने इस पुराने गढ़ को बचाने में कामयाब रही है.
यह भी पढ़ें: बिहार में चरम पर पहुंचा भ्रष्टाचार, अनुदान राशि के लिए मंत्री के सामने मांगी रिश्वत
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
News Nation


















