60 की उम्र में भी जवान कैसे दिखते हैं एक्टर्स? जानिए फिटनेस, डाइट और स्किनकेयर के राज
Why do Actors look young at the Age Of 60: बॉलीवुड, हॉलीवुड या साउथ इंडस्ट्री की फिल्मों में एक्शन, स्टंट और शर्टलेस सीन करने वाले कई एक्टर्स 60 की उम्र में भी फिट और जवान नजर आते हैं. आपको बता दें कि इसके पीछे कोई एक सीक्रेट नहीं है कि जिसे अपनाने से कोई भी इस उम्र में जवान दिखने लग जाता है. आपको बता दें कि जेनेटिक्स, खान-पान, एक्सरसाइज, नींद, स्किनकेयर, ग्रूमिंग और प्रोफेशनल हेल्प ये सब चीजें किसी एक्टर्स के लुक पर असर डालते हैं. इसलिए किसी एक्टर को देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि वह रियल लाइफ में अपनी उम्र से 20 साल छोटा दिखता है, लेकिन उसकी उम्र 60 साल हैं.
उम्र बढ़ने के बाद बॉडी में आते हैं ये बदलाव
उम्र बढ़ने के साथ मर्दों की बॉडी में कई नॉर्मल बदलाव आते हैं. मसल्स का वजन और ताकत भी धीरे-धीरे कम हो जाती है. साथ ही शरीर में फैट भी बढ़ सकता है और रिकवरी में भी पहले के मुकाबले ज्यादा टाइम लगता है. टेस्टोस्टेरोन भी उम्र के साथ कम हो सकता है, लेकिन हर इंसान में इसकी रफ्तार एक जैसी नहीं होती है. इसलिए 30 की उम्र के बाद हर साल 1 से 2 फीसदी टेस्टोस्टेरोन कम होने वाली बात को हर मर्द पर अप्लाई नहीं किया जा सकता. यही वजह है कि 60 की उम्र में फिट रहने के लिए सिर्फ हार्मोन पर ध्यान देना काफी नहीं होता है. इसके लिए सही ट्रेनिंग, बैलेंस्ड प्रोटीन, नींद और रेगुलर मेडिकल चेकअप भी जरूरी होता है.
जिम में सिर्फ कार्डियो नहीं, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी
60 की उम्र में मस्कुलर दिखने के लिए सिर्फ रनिंग या कैलोरी कम करना काफी नहीं है. उम्र के साथ मसल्स का कम होना यानी सार्कोपेनिया एक नॉर्मल है. इसे धीमा करने में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हेल्प कर सकती है. एक्टर्स अपने ट्रेनर की निगरानी में वेट उठाने, बॉडी-वेट एक्सरसाइज, कोर ट्रेनिंग और मोबिलिटी पर काम करते हैं. इससे मजबूत मसल्स बॉडी को बेहतर सहारा देती हैं और रोजाना के काम आसान बनाती हैं. इतना ही नहीं इससे अच्छा पोस्चर लुक आता है. सीधे कंधे, मजबूत पीठ और बेहतर बॉडी कंट्रोल किसी शख्स को फिट दिखाते हैं.
टेस्टोस्टेरोन और हार्मोन को लेकर क्या है सच?
टेस्टोस्टेरोन मर्दों में मसल्स, हड्डियों और सेक्सुअल हेल्थ समेत कई कामों में रोल निभाता है. उम्र के साथ इसका लेवल कम हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर एक्टर हार्मोन थेरेपी लेता होगा. टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी यानी TRT एक मेडिकल ट्रीटमेंट है, जिसे केवल कमी साबित होने और डॉक्टर के कहने पर ही यूज किया जाता है. इसे सिर्फ जवान दिखने या मसल्स बनाने के लिए लेना सही नहीं माना जाता. इसी तरह जिंक, विटामिन D, मैग्नीशियम या अश्वगंधा जैसे सप्लीमेंट्स भी तभी यूज करना सही होता जब डॉक्टर इसकी सलाह दें. किसी सेलिब्रिटी की डाइट या सप्लीमेंट देखकर उसे कॉपी करना हानिकारक हो सकता है.
हाई-प्रोटीन डाइट से मसल्स को मिलता है सहारा
फिट बॉडी बनाए रखने में डाइट का बड़ा रोल होता है. उम्र बढ़ने के साथ बैलेंस्ड प्रोटीन लेना मसल्स को बनाए रखने में मदद कर सकता है. ऐसे में माना जा सकता है कि जो एक्टर्स 60 की उम्र भी फिट दिखते हैं, वे इनका सेवन करते हों. अंडे, मछली, चिकन, दाल, दूध, दही और पनीर प्रोटीन होता है. जिससे बॉडी स्वस्थ रहती है. इसके साथ फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और हेल्दी फैट भी हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. चीनी और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड को सीमित रखना बेहतर है. इंटरमिटेंट फास्टिंग कुछ लोगों के लिए वेट कंट्रोल करने फायदेमंद साबित होता है, लेकिन इसे हर एक्टर या हर शख्स के लिए जरूरी नहीं माना जा सकता. इसी तरह यह दावा भी सही नहीं कि 14-16 घंटे भूखे रहने से बॉडी की बूढ़े सेल्स को साफ करके एक्टर्स को जवान बना देती है.
स्किनकेयर, बोटॉक्स और लेजर का भी असर
उम्र का असर चेहरे पर दिखाई देना नॉर्मल होता है. मर्दों की स्किन आम तौर पर औरतों की तुलना में मोटी होती है और उनमें कोलेजन की मात्रा भी ज्यादा हो सकती है. हालांकि, ऐसा नहीं है कि इससे एजिंग रुक नहीं जाती. लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि कुछ सेलिब्रिटीज डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से बोटुलिनम टॉक्सिन, डर्मल फिलर्स, लेजर, केमिकल पील, माइक्रोनीडलिंग या दूसरी कॉस्मेटिक चीजों का सहारा लेते हो. बोटॉक्स खास मसल्स की गतिविधि कम करके कुछ झुर्रियों को कम दिखाता है, जबकि फिलर्स चेहरे के कुछ हिस्सों में वॉल्यूम देने के लिए यूज होते हैं. HIFU या रेडियोफ्रीक्वेंसी जैसी टेक्नॉलॉजी का यूज भी कुछ क्लीनिकों में स्किन की कसावट के लिए किया जाता है. लेकिन इनका असर हर किसी पर अलग-अलग दिखाई दे सकता है.
बाल, दाढ़ी और ग्रूमिंग से बदल जाता है लुक
किसी भी एक्टर के लुक में बाल और दाढ़ी की रोल सबसे अहम होता है.हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले या सफेद हो सकते हैं. हेयर ट्रांसप्लांट, हेयर कलर, PRP जैसे ट्रिटमेंट के जरिए भी लुक में बलाव किए जा सकते हैं, लेकिन यह कहना सही नहीं कि हर दूसरा एक्टर इनका यूज करता है. सही हेयरकट, दाढ़ी की शेप और अच्छी ग्रूमिंग चेहरे को ज्यादा शार्प दिखाती है.खासकर कैमरे के सामने हेयरस्टाइल, मेकअप और दाढ़ी का सही शेप पूरे लुक को अलग प्रकार से दिखाता है. फिल्मी सितारों के पास प्रोफेशनल हेयर और मेकअप टीम होती है, इसलिए उनका स्क्रीन लुक नॉर्मल इंसान से काफ अलग नजर आता है.
सनस्क्रीन और सही नींद निभाती है अहम भूमिका
जवान दिखने के लिए महंगे ट्रीटमेंट से ज्यादा जरूरी रोज की हैबिट्स हैं. सूरज की UVA और UVB रे से झुर्रियां और पिगमेंटेशन होने का खतरा रहता है. इसलिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन भी अच्छा लुक देने के लिए मददगार साबित हो सकती है. इसके अलावा सही नींद भी शरीर की रिकवरी के लिए बहुत जरूरी होती है. आम तौर पर एडल्ट के लिए करीब 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है. स्मोकिंग से दूरी बनाने से स्किन और बॉडी के लिए फायदेमंद होता है. शराब पीने की वजह से भी सेहत को नुकसान होता है. ऐसे में माना जा सकता है कि जो एक्टर्स 60 की उम्र में भी जवान दिखते हैं, वह इन जरूरी बातों का ध्यान रखते होंगे. हालांकि, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं. हमने आपको सिर्फ सामान्य जानकारी दी है कि अपनी हेल्थ का ध्यान रखने से लुक को बेहतर किया जा सकता है.
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