नर्मदापुरम: मूंग खरीदी में अब नहीं चलेगी मनमानी, उपार्जन अवधि तक सील रहेंगे पुराने स्टॉक वाले वेयरहाउस, कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश
किसानों के हितों की रक्षा और समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में सख्त निर्देश जारी किए हैं। मूंग खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। इन निर्देशों के तहत, अब जिले में पूर्व से भंडारित सभी वेयरहाउस उपार्जन अवधि पूरी होने तक सील रहेंगे, जिससे किसी भी अनधिकृत निकासी पर रोक लगाई जा सके।
यह निर्णय मूंग के अवैध भंडारण या खरीदी प्रक्रिया में हेरफेर की आशंकाओं को खत्म करने के लिए लिया गया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सील किए गए किसी भी वेयरहाउस से मूंग की निकासी केवल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की लिखित अनुमति के बाद ही संभव हो पाएगी। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि प्रत्येक निकासी का रिकॉर्ड रखा जा सके और उसकी वैधता सुनिश्चित की जा सके। इस कदम से वेयरहाउसों में रखे स्टॉक पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी और फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं बचेगी। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है कि केवल वैध और पंजीकृत किसानों की उपज ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए।
राजस्व, मंडी और सहकारिता विभाग मिलकर करेंगे स्टॉक की जांच
खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक किसानों को उनका हक दिलाने के लिए कलेक्टर ने एक संयुक्त टीम के गठन का भी निर्देश दिया है। इस टीम में राजस्व विभाग, मंडी विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। इस संयुक्त टीम का मुख्य कार्य व्यापारियों, मिलर्स और स्टॉकहोल्डर्स के सभी गोदामों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करना होगा। यह भौतिक सत्यापन एक व्यापक प्रक्रिया होगी, जिसमें गोदामों में मौजूद मूंग के स्टॉक का उसके रिकॉर्ड और दस्तावेजों से बारीकी से मिलान किया जाएगा। भंडारण की वर्तमान स्थिति का भी विस्तृत जायजा लिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति को तत्काल पकड़ा जा सके।
बिना दस्तावेज मूंग का भंडारण मिला तो होगी सख्त कार्रवाई: कलेक्टर
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जांच के संबंध में कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि यदि किसी भी गोदाम में बिना वैध दस्तावेज के मूंग का भंडारण पाया जाता है या स्टॉक की स्थिति संदिग्ध लगती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रशासन ऐसे मामलों में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह कदम खरीदी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन का यह भी कहना है कि इन सभी सख्त कदमों का प्राथमिक उद्देश्य समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना है। इसके साथ ही, इन उपायों से किसानों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। यह प्रयास इसलिए किए जा रहे हैं ताकि खरीदी के किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े की संभावना को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि केवल वास्तविक और पंजीकृत किसानों की मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए, और बिचौलिए या अवैध स्टॉकहोल्डर्स इस प्रक्रिया का लाभ न उठा सकें। यह किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और वे किसी भी प्रकार के शोषण से बच सकें।
मूंग रीसर्कुलेशन रोकने और वास्तविक किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने जारी किए सख्त निर्देश
पूर्व में मूंग भंडारित वेयरहाउस रहेंगे सील
संयुक्त जांच दल करेगा भंडारित मूंग का भौतिक सत्यापन #narmadapuram @CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51@JansamparkMP pic.twitter.com/QXnE5oKEcO
— Collector Narmadapuram (@dmhoshangabad) August 1, 2026
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