अभिषेक शर्मा ने ODI वर्ल्ड कप 2027 के लिए ठोक दिया दावा, वनडे में सिर्फ 91 गेंदों पर जड़ दिए 233 रन
Abhishek Sharma: भारतीय स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने लगता है कि अब वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए अपना दावा ठोक दिया है. उन्होंने एक डिस्ट्रिक्ट वनडे मैच में तूफानी दोहरा शतक जड़ा है. उन्होंने वनडे में भी अपने टी20 वाले विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की है. अभिषेक ने सिर्फ 91 गेंदों पर 233 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 25 छक्के और 15 चौके शामिल रहे.
अभिषेक शर्मा ने खेली 233 रनों की तूफानी पारी
अमृतसर सीनियर मेंस और तरन तारन की टीमों के बीच एक लोकल मुकाबला खेला गया. इस मैच में अभिषेक शर्मा अमृतसर की टीम की ओर से खेल रहे थे. उनकी विस्फोटक पारी के दम पर अमृतसर की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 500 से अधिक रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. अभिषेक ने इस मैच में अपने चिर-परिचित टी20 वाले विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने सिर्फ 91 गेंदों में 233 रनों की तूफानी दोहरी शतकीय पारी खेली, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 256 का रहा. इस आतिशी पारी के दौरान उनके बल्ले से 25 छक्के और 15 चौके निकले. अपनी इस शानदार पारी से अभिषेक ने टीम इंडिया की वनडे टीम में चयन के लिए मजबूत दावेदारी ठोक दी है.
???? ABHISHEK SHARMA MAKES A MASSIVE STATEMENT! ????????????
— ????????????????????_???????????????????? (@alina_queenn) August 2, 2026
233 runs off just 91 balls with 15 fours & 25 sixes in a One Day District match! ????????
If he continues this fearless brand of cricket, Abhishek Sharma has every chance to become India's first-choice opener for the 2027 ODI… pic.twitter.com/1330ms9Fwu
टीम ने खड़ा किया 533 रन का पहाड़ स्कोर
अभिषेक शर्मा की इस पारी के दम पर अमृतसर की टीम ने अपने 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 533 रन बनाए. टीम के सलामी बल्लेबाज अभय चौधरी ने 93 रनों की पारी खेली, जबकि अभिनव शर्मा ने 33 गेंदों पर 51 रन बनाए. इसके अलावा वरिंदर सिंह लोहत ने 36 रनों और सलिल अरोरा ने 29 रनों का योगदान दिया.
यह भी पढ़ें: 'WTC फाइनल के बारे में भूल जाना चाहिए...', पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने भारत की तैयारी पर उठाए सवाल, दिया विवादित बयान
भारत अमेरिका को पछाड़ दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोलर एनर्जी मार्केट बना
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 2014 में सिर्फ 3 गीगावाट से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 162.15 गीगावाट के स्तर पर पहुंच गई है, जो देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।
सरकारी फैक्टशीट में कहा गया है कि देश ने 2025 में 37 गीगावाट सोलर क्षमता जोड़ी, जिससे सालाना क्षमता बढ़ोतरी के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए, यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर ग्रोथ मार्केट बन गया।
सोलर सेक्टर में सबसे अहम बदलावों में से एक पिछले दशक में बिजली की दरों में आई कमी है। यह ई-रिवर्स ऑक्शन सिस्टम के जरिए हुई बोली की वजह से हुआ, जिसमें कंपनियां सबसे कम दर पर बिजली आपूर्ति करने के लिए मुकाबला करती हैं। जैसे-जैसे अधिक डेवलपर्स ने हिस्सा लिया, दरें 2010 में लगभग 18 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 2.44 रुपए प्रति यूनिट के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गईं।
दरों में कमी ने सोलर पावर को काफी सस्ता बना दिया है। इसके चलते, भारत दुनिया के सबसे कम लागत वाले सोलर पावर मार्केट में से एक बनकर उभरा है। 2025 में, यूटिलिटी-स्केल सोलर पीवी से बिजली की लेवेलाइज्ड कॉस्ट ऑफ इलेक्ट्रिसिटी (एलसीओई) 35 डॉलर प्रति मेगावाट थी, जो 44 डॉलर प्रति मेगावाट के ग्लोबल औसत से काफी कम है।
31 जुलाई, 2026 को प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी मिलने से भारत के सोलर सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिला है। इस योजना का मकसद एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ईएसएस) के साथ 5,000 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (एफएसपीवी) प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करना है। कम से कम दो घंटे (10,000 मेगावाट) की स्टोरेज क्षमता वाला ईएसएस राज्यों को पीक डिमांड को मैनेज करने में और मदद करेगा। मौजूदा जलाशयों और इंडस्ट्रियल तालाबों का इस्तेमाल करके, यह योजना जमीन जैसे सीमित संसाधनों पर दबाव कम करेगी। यह इंटीग्रेटेड एनर्जी स्टोरेज के जरिए ग्रिड की विश्वसनीयता को भी बेहतर बनाएगी। 5,070 करोड़ रुपए के बजट के साथ, यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू की जाएगी।
भारत में बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापित क्षमता 118.79 गीगावाट है। कुछ बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स में भादला सोलर पार्क (राजस्थान), पावगाडा सोलर पार्क (कर्नाटक) और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर सिस्टम से 27.88 गीगावाट की क्षमता मिलती है। बाकी क्षमता हाइब्रिड सोलर प्रोजेक्ट्स और ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम से आती है। हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स में सोलर पावर के साथ बैटरी स्टोरेज या दूसरे पावर सोर्स का इस्तेमाल होता है, जबकि ऑफ-ग्रिड सिस्टम उन इलाकों में बिजली पहुंचाते हैं जो ग्रिड से नहीं जुड़े हैं।
देश की कुल गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 283.46 गीगावाट तक पहुंच गई है, जिसमें 274.68 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता शामिल है। 29 जुलाई 2025 को, रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स ने भारत की बिजली की 51.5 प्रतिशत मांग पूरी की, जो अब तक का सबसे अधिक मासिक हिस्सा है।
ग्लासगो में कोप26 के दौरान, भारत ने पंचामृत लक्ष्यों की घोषणा की, जिसमें 2030 तक 500 गीगावाट की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य शामिल हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation















.jpg)



