'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सनी देओल और बेटे करण देओल, फिल्म को लेकर कही खास बात
मुंबई, 2 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड के दमदार अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर लगातार चर्चा में हैं। फिल्म देश के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ फिल्म के प्रमोशन में जुटे हुए है। फिल्म प्रमोशन की शुरुआत दोनों ने बिहार की राजधानी पटना से की।
रविवार को सनी देओल और करण देओल पटना पहुंचे। दोनों को पटना एयरपोर्ट पर कैजुअल लुक में देखा गया। जैसे ही पिता-पुत्र की यह जोड़ी एयरपोर्ट से बाहर निकली, मीडिया और फैंस ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। दोनों ने मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान सनी देओल ने मीडिया से बातचीत भी की।
जब पत्रकारों ने सनी देओल से पूछा कि फिल्म के प्रमोशन की शुरुआत के लिए पटना को ही क्यों चुना गया, तो उन्होंने कहा, पटना फिल्म के प्रमोशनल सिटी टूर का पहला पड़ाव है। हमारी टीम अलग-अलग शहरों में जाकर दर्शकों से जुड़ेगी। पटना से इस सफर की शुरुआत की गई है।
बातचीत के दौरान सनी देओल ने बताया कि बंटवारा 1947 पहली ऐसी फिल्म है, जिसमें वह अपने बेटे करण देओल के साथ काम कर रहे हैं। हम दोनों का एक साथ किसी फिल्म का हिस्सा बनना यादगार पल रहा। वहीं करण देओल भी इस मौके पर काफी उत्साहित नजर आए।
हाल ही में फिल्म बंटवारा 1947 का ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसे दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म उस दौर की कहानी कहती है, जब देश आजादी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन दूसरी ओर लाखों लोग हिंसा, डर और विस्थापन जैसी त्रासदी का सामना कर रहे थे। ट्रेलर में उस दौर की पीड़ा को दर्शाने की कोशिश की गई।
फिल्म में सनी देओल और करण देओल के अलावा शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान हुई हिंसा और जबरन पलायन की वजह से पूरी तरह बदल जाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म असगर वजाहत के चर्चित नाटक जिस लाहौर नहीं वेख्या, ओ जम्याई नई पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, वहीं प्रोड्यूसर आमिर खान हैं। यह फिल्म 14 अगस्त को थिएटर में रिलीज होने वाली है।
--आईएएनएस
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CM धामी की पहल ला रही रंग, 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम से जुड़े 6.50 लाख से ज्यादा लोग
Uttarakhand News: जन समस्या निराकरण और आम आदमी तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में अब तक 1.34 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी हो चुकी है. इसी के साथ अभियान के प्रथम और दूसरे चरण को मिलाकर, कुल जनभागीदारी साढ़े 6 लाख के पार पहुंच गई है. बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ अभियान संचालित किया जा रहा है.
इस विशेष अभियान के तहत लोगों को जहां जन समस्याओं का त्वरित समाधान मिल रहा है, वहीं समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरणों सहित अन्य सेवाएं भी निशुल्क प्रदान की जा रही हैं. अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जन समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है. इन शिविरों में पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजना का लाभ देने के साथ ही विभिन्न प्रमाणपत्र भी बनाकर दिए जा रहे हैं.
198 शिविरों का आयोजन
चार जुलाई से शुरु हुए इस विशेष अभियान के दौरान अब तक कुल 198 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें मानसूनी सीजन के बावजूद 1 लाख 34 हजार 740 लोग शामिल हुए हैं. इस दौरान प्राप्त 23 हजार 219 जन शिकायतों में से 20 हजार 808 का मौके पर निस्तारण किया जा चुका है. जबकि 81 हजार 753 प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं से लाभांवित किया गया.
5 लाख से अधिक की थी जनभागीदारी
बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें. मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बीती साल दिसंबर से 45 दिन का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था.
दिसंबर माह में शुरु किए गए 45 दिन के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया. इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया.
अधिकारी जल्द से जल्द कर रहे समस्याओं का समाधान
'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तहत प्रशासन स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कर रहा है. साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है. हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के संकल्प के साथ निरंतर जनता की सेवा में समर्पित है.
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